On This Day: Kapil Dev Leads India to Their First Ever Test Win at Lord’s
Kapil Dev @ Twitter

आज से ठीक 34 साल पहले वह मंगलवार दस जून 1986 का दिन था जब लॉर्ड्स के मैदान पर 136 रन के लक्ष्य के सामने लड़खड़ाकर आगे बढ़ रही भारतीय टीम को तत्कालीन कप्तान कपिल देव ने अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से ऐतिहासिक जीत दिलायी थी।

वेंगसरकर की शतकों की हैट्रिक 

जी हां, भारत ने लार्ड्स पर अपनी पहली टेस्ट जीत दस जून को ही हासिल की थी। इस मैच में दिलीप वेंगसरकर ने पहली पारी में नाबाद 126 रन बनाकर लॉर्ड्स में शतकों की हैट्रिक पूरी की थी। वह इस ऐतिहासिक मैदान पर लगातार तीन शतक जड़ने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बने थे। इससे पहले उन्होंने 1979 में 103 और 1982 में 157 रन की पारियां इस मैदान पर खेली थी।

वेंगसरकर पर भारी पड़ी कपिल की पारी

लेकिन उनकी इस उपलब्धि पर कपिल देव की दस गेंदों पर खेली गयी नाबाद 23 रन की पारी हावी हो गयी थी। भारत का स्कोर एक समय चार विकेट पर 78 रन था जो मोहम्मद अजहरूद्दीन के रन आउट होने से पांच विकेट पर 110 रन हो गया। कपिल ने ऐसे समय क्रीज पर कदम रखा और चार चौकों के अलावा बायें हाथ के स्पिनर फिल सिमंड्स पर विजयी छक्का लगाया। आखिरकार कपिल को ही मैन ऑफ द मैच भी चुना गया। उन्होंने इंग्लैंड की दूसरी पारी में चार विकेट भी लिये थे।

कपिल देव ने जीता था टॉस

इस मैच में कपिल ने टॉस जीतकर इंग्लैंड को पहले बल्लेबाजी के लिये आमंत्रित किया जिसने ग्राहम गूच (114) और डेरेक प्रिंगल (63) की पारियों के बावजूद पहली पारी में 294 रन बनाये। भारत की तरफ से चेतन शर्मा ने पांच और रोजर बिन्नी ने तीन विकेट लिये।भारतीय टीम ने वेंगसरकर के शतक और मोहिंदर अमरनाथ (69) के अर्धशतक की मदद से 341 रन बनाकर 47 रन की बढ़त ली। इंग्लैंड की टीम दूसरी पारी में 180 रन पर आउट हो गयी और इस तरह से भारत को पांचवें और अंतिम दिन 134 रन का लक्ष्य मिला। भारत ने पांच विकेट पर 136 रन बनाकर जीत दर्ज की थी।

कपिल देव की अगुवाई वाली टीम ने इसके बाद लीड्स में दूसरा टेस्ट 279 रन के विशाल अंतर से जीतकर इंग्लैंड में पहली बार सीरीज जीती थी। बर्मिंघम में खेला गया तीसरा और अंतिम टेस्ट मैच ड्राॅॅ रहा था।

धोनी ने दिलाई लॉड्स में आखिरी जीत

जहां तक लॉर्ड्स में भारतीय रिकाॅर्ड का सवाल है तो उसने इस मैदान पर अब तक 18 टेस्ट मैच खेले हैं जिनमें से केवल दो मैचों में उसे जीत मिली है जबकि 14 मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा। भारत ने लॉर्ड्स में अपनी दूसरी जीत जुलाई 2014 में दर्ज की जब महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में उसने इंग्लैंड को 95 रन से हराया था।