Cricket Country Staff
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Written by Cricket Country Staff
Last Updated on - January 11, 2019 9:19 AM IST


अपने दौर में भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज रहे राहुल द्रविड़ आज 46 साल के हो गए हैं। 11 जनवरी 1973 को जन्मे द्रविड़ को क्रिकेट जगत ने उनके शानदार डिफेंस के लिए ‘द वॉल’ की उपाधि दी। द्रविड़ ने क्रिकेट के उन जेंटलमैन में रहे जिनका विवादों से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं रहा। 5 साल पहले क्रिकेट को अलविदा कहने वाले द्रविड़ को उनके खेल के दिनों में क्रिकेट का सबसे क्लासी बल्लेबाज माना जाता था। बहुत से क्रिकेट एक्पर्ट का मानना है कि द्रविड़ सचिन तेंदुलकर के बाद भारत के सबसे महान बल्लेबाज हैं। इस बात का सबूत द्रविड़ का अंतराष्ट्रीय करियर हैं।
20 जून 1996 को लॉड्स के मैदान पर अपने टेस्ट करियर की शुरूआत करने वाले राहुल द्रविड़ ने अपने अंतराष्ट्रीय क्रिकेट करियर में द्रविड़ ने 24 हजार से ज्यादा रन बनाए। एक बल्लेबाज के अलावा द्रविड़ एक शानदार स्लिप फील्डर भी थे। द्रविड़ के नाम टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा कैच पकड़ने का रिकॉर्ड है। अंतराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह चुके द्रविड़ क्रिकेट कोच के रूप में दूसरी पारी की शुरूआत कर चुके हैं। मौजूदा समय में वो भारतीय अंडर-19 टीम के कोच के रूप में कार्यरत हैं। आज द्रविड़ के जन्मदिन के अवसर द्रविड़ से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में जानिए।
राहुल द्रविड़ क्रिकेट इतिहास के पहले बल्लेबाज हैं जिन्होने एक ही मैच में डेब्यू और रिटायरमेंट किया। द्रविड़ ने अपना पहला और अंतिम टी20 मैच इंग्लैंड के खिलाफ 31 अगस्त 2011 को खेला ये उनका अंतिम टी20 मैच भी था। इस मैच में द्रविड़ ने 21 गेंदों पर 31 रनों की पारी खेली थी।
राहुल द्रविड़ को एक ऑनलाइन सर्वे ने 2004-05 में भारत का सबसे ‘सेक्सी स्पोर्ट्सपर्सन’ का खिताब दिया था। इस खिताब के लिए द्रविड़ ने युवराज सिंह और सानिया मिर्जा जैसे सितारों को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया था।
राहुल द्रविड़ के पिता एक जैम बनाने वाली कंपनी में काम करते थे इस वजह से राहुल द्रविड़ का निक नेम ‘जैमी’ पड़ा। बहुत कम लोग ही जानते हैं कि राहुल द्रविड़ के इस निकनेम पर बैंगलोर में एक लोकल टूर्नामेंट का आयोजन किया जाता है। जैमी कप के नाम के इस टूर्नामेंट में ‘मैन ऑफ द मैच’ की जगह ‘जैमी ऑफ द मैच’ का खिताब दिया जाता है।
राहुल द्रविड़ अपने विकेट को कितना अहम मानते थे ये किसी से छुपा नहीं है। लेकिन एक बार 13 साल के द्रविड़ अपना विकेट गंवाने के बाद विकेट पर ही रोने लगे थे और रोते हुए ही वो पवेलियन लौटे थे। अंतराष्ट्रीय क्रिकेट करियर शुरू करने के बाद द्रविड़ ने उस पल को बहुत ही शर्मिंदगी वाला पल बताया था।
बहुत कम लोगों को इस बात की जानकारी होगी कि द्रविड़ ने क्रिकेट करियर शुरू करने से पहले हॉकी खेलते थे। भारतीय क्रिकेट के वॉल अपने स्कूल के दिनों में जूनियर हॉकी स्टेट टीम में खेलते थे।
राहुल द्रविड़ विश्व कप 1999 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज थे। द्रविड़ ने 1999 विश्व कप में द्रविड़ ने 8 मैचों में 2 शतक और 3 अर्धशतक की मदद से 461 रन बनाए थे।
भारतीय ‘द वाल’ राहुल द्रविड़ के नाम टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा गेंद खेलने का रिकॉर्ड दर्ज है। द्रविड़ ने टेस्ट क्रिकेट में कुल 31258 गेंदों का सामना किया। द्रविड़ ने अपने 164 टेस्ट मैचों में 163 टेस्ट मैच भारत के लिए खेले हैं, एक टेस्ट मैच उन्होने आईसीसी विश्व इलेवन के लिए खेला था जिसमें द्रविड़ ने 0 और 23 का स्कोर बनाया था।
राहुल द्रविड़ को उनकी धीमी बल्लेबाजी के लिए आलोचकों ने वनडे के लायक नहीं माना था। लेकिन वनडे क्रिकेट में द्रविड़ के 10889 रन उन सभी आलोचनाओं को गलत साबित करते हैं।
राहुल द्रविड़ को टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार शेन वार्न ने आउट किया। वार्न ने 8 मौकों पर अपनी टीम को द्रविड़ का महत्वपूर्ण विकेट दिलाया। इसके अलावा ब्रेट ली ने द्रविड़ को 7 बार आउट किया।
पूरे विश्व में जाकर भारत के लिए रन बनाने वाले द्रविड़ अपने होम ग्राउंड पर कभी शतक नहीं बना पाए। चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले 8 टेस्ट मैचों में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 60 रन रहा।
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