Jay Jaiswal
जय जायसवाल क्रिकेटकंट्री हिंदी में बतौर सीनियर राइटर कार्यरत हैं
Written by Jay Jaiswal
Last Updated on - January 20, 2016 6:23 PM IST


भारतीय टीम एक बार फिर जीत हासिल करने में नाकाम रही और सीरीज में लगातार चौथी बार हार का सामना किया। चौथे वनडे में एक समय जीत के बिल्कुल करीब पहुंच चुकी टीम इंडिया ने मैच गंवा दिया। रोहित शर्मा, विराट कोहली, शिखर धवन के आउट होने के बाद टीम ऐसी भरभराई की फिर संभल ना सकी। भारतीय गेंदबाजी सीरीज के किसी मैच में अपनी प्रभाव नहीं दिखा सकी थी, यहां भी स्थिति वही रही। भारतीय गेंदबाजी के सामने मेजबान ऑस्ट्रेलिया ने स्कोरबोर्ड पर 348 रन टांग दिये। भारतीय टीम अच्छी शुरूआत को भुना नहीं सकी और अंतिम 9 विकेट 46 रन के अंदर गंवा कर सीरीज में एक और हार झेली। आइए चौथे मैच में भारतीय टीम के प्रदर्शन की समीक्षा करते हैं और भारतीय टीम की हार के कारणों को जानते हैं। ALSO READ: भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया, चौथे वनडे का फुल स्कोरकार्ड
फिंच और वार्नर की शतकीय साझेदारीः
ऑस्ट्रेलिया के लिए फिंच और वार्नर ने शानदार शुरूआत कर भारतीय टीम को अच्छी शुरूआत का मौका नहीं दिया। दोनों सलामी बल्लेबाजों ने भारतीय तेज गेंदबाजों की खबर लेते हुए मैदान को हर कोना दिखाया। फिंच और वार्नर ने पहले विकेट के लिए 187 रन जोड़ कर भारतीय गेंदबाजी की कलई खोल दी। ALSO READ: बांग्लादेश बनाम जिंबाब्वे, तीसरे टी20 मैच का फुल स्कोरकार्ड
स्मिथ और मैक्सवेल की तेजतर्रार पारीः
भारतीय गेंदबाजों को पहली सफलता के लिए तीसवें ओवर तक इंतजार करना पड़ा। 187 रन के स्कोर पर पहला विकेट लेने के बाद भारतीय गेंदबाजों ने फिंच को ज्यादा देर विकेटों पर टिकने नहीं दिया तो लगा कि भारतीय गेंदबाज मैच में वापसी करेंगे। लेकिन दूसरे छोर पर कप्तान स्मिथ ने भारतीय गेंदबाजों की धुनाई जारी रखी। स्मिथ के आउट होने के बाद भारतीय गेंदबाज फिर से वापसी की उम्मीद जगाई लेकिन इस बार उनकी राह मे रोड़ा बने पिछले मैच के हीरो ग्लेन मैक्सवेल। मैक्सवेल ने 20 गेंदों पर 41 रन की पारी खेल कर भारतीय उम्मीदों को लगभग धुंधला कर दिया। ALSO READ:भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया मैच में हेलमेट पहन अंपायरिंग करने उतरे जॉन वार्ड
गेंदबाजी ने लुटिया डुबोईः
सीरीज में नाकाम रहे भारतीय गेंदबाजों से चौथे वनडे में अच्छी गेंदाबाजी की उम्मीद थी लेकिन कैनबरा में भी भारतीय गेंदबाजों के प्रदर्शन में कोई सुधार देखने को नहीं मिला। भारतीय गेंदबाजों की धुनाई करते हुए ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 348 रन बनाए। भारत के तीनों स्ट्राइक गेंदबाजों ने 6 रन प्रति ओवर से ज्यादा के रनरेट से रन लुटाए। ईशांत शर्मा ने सबसे ज्यादा चार विकेट चटकाए। लेकिन उन्होने अपने 10 ओवर के कोटे में 77 रन लुटाए। रविन्द्र जडेजा ने अच्छी गेंदबाजी जरूर की लेकिन विकेट लेने में कामयाब नहीं हो सके। जबकि उमेश यादव और भुवनेश्वर कुमार प्रभावहीन साबित हुए।
मध्यक्रम की लापरवाह बल्लेबाजीः
भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को उसी के अंदाज में जवाब देते हुए तेज शुरूआत की। पहले विकेट के लिए रोहित शर्मा और शिखर धवन ने अर्धशतकीय साझेदारी निभाई तो दूसरे विकेट के लिए 212 रन जोड़ कर भारत को जीत के बिल्कुल पास पहुंचा दिया था। धवन जब आउट हुए तो भारत को जीत के लिए 12.3 ओवरों में 72 रनों की जरूरत थी, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने मैच को अपने हाथों से जाने दिया। धवन के आउट होने के बाद कोई भी भारतीय बल्लेबाज मैच खत्म करने की जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं हुआ और तू चल मैं आया वाली कहावत को सच साबित करते हुए एक-एक कर पवेलियन लौट गए । भारतीय टीम ने अपने आखिरी नौ विकेट सिर्फ 46 रन पर गंवाए।
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