rewind 1967: when Ajit Wadekar scores first and last century in test cricket
Ajit Wadekar @ Getty Images

विदेशी सरजमीं पर भारत को जीत का भरोसा दिलाने वाले कप्तान अजीत वाडेकर ने टेस्ट करियर में सिर्फ एक शतक बनाया। वो एक शतक ऐसा था जिसने भारतीय क्रिकेट का इतिहास बदल दिया।

साल 1967 में न्यूजीलैंड की धरती पर भारतीय टीम चार मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने पहुंची थी। किसे पता था कि भारतीय क्रिकेट का इतिहास इस दौरे से बदलने वाला है। यह सीरीज भारत के महानतम कप्तानों में शुमार अजीत वाडेकर के एकमात्र शतक का गवाह बना। भारत को विदेश में सीरीज जीत मिली और उसमें वाडेकर के शतक का अहम योगदान था।

वाडेकर ने सीरीज के तीसरे मैच में जहां मेजबान टीम पहली पारी में 186 और दूसरी में 199 पर सिमट गई वहीं 143 रन की मैच जिताउ पारी खेली। 12 चौके की मदद से 371 मिनट तक बल्लेबाजी करते हुए टेस्ट में पहला और आखिरी शतक जमाया। इस मैच में भारतीय टीम ने 8 विकेट से जीत दर्ज कर 2-1 की बढ़त बनाते हुए तय कर लिया की दौरे पर भारत सीरीज नहीं गंवाएगा।

18 रन पर गिरा था पहला विकेट

महज 18 रन पर पहला विकेट गिरने के बाद बल्लेबाजी करने उतरे वाडेकर ने बेमिसाल 143 रन की पारी खेली। आठवें विकेट के रूप में वाडेकर का विकेट गिरा लेकिन तब तक वह टीम का स्कोर 300 के करीब पहुंचा भारत को 100 रन से ज्यादा की बढ़त दिला चुके थे।

नर्वस नाइंटीज का भी शिकार बने वाडेकर

वाडेकर ने छठे नंबर पर बल्लेबाजी की शुरुआत की थी जो बाद में तीसरे और चौथे नंबर पर खेलने लगे। 37 टेस्ट में चार मर्तबा वह नर्वस नाइंटीज का भी शिकार बने, 1967 में मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलते हुए तो वह 99 रन पर आउट हुए थे।