IND vs AFG: रिंकू सिंह, आक्रमण भी और संयम भी, ऐसा ही रहा तो कौन रोकेगा रफ्तार
रिंकू सिंह (Rinku Singh)– यह नाम अब नया नहीं है. सब इसे जानते हैं. मानते हैं. पहचानते है. और यह पहचान रिंकू ने खुद बनाई है. अपने बल्ले की धमक से बनाई है. अपने खेल और अपने रवैये से बनाई है. वह खेल जो गेंदबाज पर हावी होता है. वह खेल जिसमें आक्रमकता की भरमार...
Published On Jan 18, 2024, 01:58 PM IST
Last UpdatedJan 18, 2024, 01:58 PM IST
रिंकू सिंह (Rinku Singh)– यह नाम अब नया नहीं है. सब इसे जानते हैं. मानते हैं. पहचानते है. और यह पहचान रिंकू ने खुद बनाई है. अपने बल्ले की धमक से बनाई है. अपने खेल और अपने रवैये से बनाई है. वह खेल जो गेंदबाज पर हावी होता है. वह खेल जिसमें आक्रमकता की भरमार है. आईपीएल में गुजरात टाइटंस के गेंदबाज यश दयाल की गेंदों पर लगातार पांच छक्के लगाकर मैच जितवाकर रिंकू ने दुनिया को खुद से रूबरू (Rinku Singh Career) करवाया. और इसके बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी वह समय के साथ-साथ जगह बना रहे हैं. या कहें कि बना चुके हैं.
अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज के तीसरे मैच में रिंकू के लिए मैदान अलग था. बिसात अलग थी. दुश्मन की निगाहें पैनी थीं. और चाल की काट मुश्किल. 22 रन पर चार बल्लेबाज आउट थे. इनमें विराट कोहली (Virat Kohli) जैसा बड़ा नाम भी था. चिन्नास्वामी की जो पिच बल्लेबाजी के लिए मुफीद कही जाती है वहां गेंदबाजों की कलाकारी चल रही थी. और क्या खूब रंग दिखा रही थी.
इस बार माहौल अलग था
रिंकू जो अकसर जब बल्लेबाजी करने आते हैं तो गेंद कम होती हैं और उम्मीदें ज्यादा. कम वक्त में ज्यादा रन और टीम को अडवांटेज पहुंचाने का जज्बा. यही तो कोशिश होती है रिंकू की. नंबर छह ज्यादा गुंजाइश नहीं होती. यहां थी. मांग अलग थी. और जरूरत भी. रिंकू को यहां कप्तान का साथ देना था. पहले पारी की मरम्मत करनी थी और उसके बाद कुछ और. बाएं हाथ के इस आक्रामक बल्लेबाज ने गियर नीचे किया. क्रीज पर रुके, थमे और गेम की रफ्तार को रफ्ता-रफ्ता कम किया. जो खेल अफगानिस्तान की पसंद के हिसाब से चल रहा था उसे अपने हिसाब से लेकर आए. ‘मुझे याद नहीं आखिरी बार कब ऐसा हुआ था’
Rinku Singh देते रहे Rohit Sharma का साथ
रोहित शर्मा ने टी20 इंटरनैशनल क्रिकेट में अपनी पांचवीं सेंचुरी बनाई. यह एक रिकॉर्ड है. और दूसरे छोर पर रिंकू नाबाद 69 रन बनाकर खड़े रहे. 190 रन की इस नाबाद साझेदारी ने भारत को 212 तक पहुंचाया. ऐसे स्कोर तक जहां मुकाबला हो सके. आखिर 22 रन पर चार विकेट गिरने के बाद किसे उम्मीद होगी कि टीम इंडिया यहां तक पहुंच सकती है. लेकिन कहते हैं न वक्त के साथ-साथ सब ठीक होता है. बस डटे रहने, अड़े रहने और लड़ते रहने की जरूरत होती है. रिंकू और रोहित ने यही किया. रिंकू ने कप्तान को दबाव से दूर रखा. वह जरूरत पड़ने पर छोर बदलते रहे. और जब मौका मिला तो गेंद को बाउंड्री के पार भी भेजा. और यही देखकर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) को भी रिंकू में अपनी झलक दिखती है.
IND vs AFG: रोहित शर्मा के शतक लेकर रिंकू सिंह के धमाके तक, मैच में बने ये 10 बड़े रिकॉर्ड
पीटीआई को दिए एक हालिया इंटरव्यू में युवराज ने कहा था कि रिंकू उनकी तरह बल्लेबाजी करते हैं. यही काम तो युवी भी करते थे. दबाव से टीम को निकालने का. और फिर आक्रमण करने का.
ऐसे ही नहीं कह रहे अगला युवराज
रिंकू सिंह फिनिशर हैं. यानी अंतिम लक्ष्य को भेदने वाले खिलाड़ी. वह काफी हद तक इसे पूरा भी कर रहे हैं. भारतीय पारी के आखिरी ओवर में जब करीम जन्नत के ओवर में भारत ने 36 रन कूटे तो उसमें रिंकू का बड़ा हाथ था. भारतीय पारी की आखिरी तीन गेंदों पर उन्होंने एक के बाद एक तीन छक्के लगाए. इन तीन छक्कों ने स्कोर को 212 तक पहुंचाया. और 22 रन पर चार विकेट खोने के बाद इस स्कोर पर पहुंचना ही भारत के लिए बड़ी बात रही.
रिंकू के खेल की तारीफ कोच राहुल द्रविड़ और कप्तान रोहित शर्मा ने भी की. द्रविड़ ने कहा कि इतने छोटे से करियर (Rinku Singh Career) में वह जिस तरह की पारियां खेल चुके हैं वह कमाल है. आज की परिस्थिति बिलकुल अलग थी लेकिन रिंकू ने अपने खेल में वैसा बदलाव किया. अब इसाल टी20 वर्ल्ड कप होना है. और रिंकू उसमें टीम इंडिया के लिए तरुप के पत्ते हो सकते हैं.