राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स © AFP
राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स © AFP

जब टीम खराब दौर से गुजरती है तो उसके द्वारा उठाया गया हर कदम गलत ही साबित होता है। ऐसा ही कुछ राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स के साथ उसके पहले इंडियन प्रीमियर लीग(आईपीएल) टूर्नामेंट, 2016 के दौरान हुआ। वहीं, दूसरी नई- नवेली टीम गुजरात लॉयंस ने जलवा बिखेर दिया। एमएस धोनी की अगुआई वाली आरपीएस टीम इस टूर्नामेंट में रंग में नजर नहीं आई। उनके अधिकतर खिलाड़ी चोटिल रहे और इस तरह गेम खत्म करने का उन्हें कोई रास्ता नजर नहीं आया। सीजन 2017 में पुणे टीम का दावा मजबूत करने के लिए आरपीएस टीम के मालिक संजीव गोयनका ने अपनी टीम में कई परिवर्तन किए हैं।

धोनी ने जब बतौर कप्तान अपना अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था तब उन्होंने कहा था, “मैं अभी भी आईपीएल और झारखंड की टीम की ओर से कप्तानी करूंगा।” उनके प्रशंसकों को तो भूल जाइए, धोनी को खुद मालूम नहीं था कि उनका भविष्य क्या होने वाला है। अगले कुछ दिनों में ये घोषणा की गई कि धोनी आरपीएस टीम में एक विकेटकीपर बैट्समेन के तौर पर ही खेलेंगे और टीम की कमान ऑस्ट्रेलिया के स्टीवन स्मिथ संभालेंगे। अब तो टीम का नाम भी बदल दिया गया है और टीम का नाम सुपरजाइंट्स से बदलकर सुपरजाइंट रख दिया गया है।

इसी बीच ऑक्शन(नीलामी) में सुपरजाइंट ने तगड़ा दाव खेला है और सबसे महंगे खिलाड़ी बेन स्टोक्स को 14.5 करोड़ में खरीदा है। वहीं, मिचेल मार्श को चोट के कारण खोने के बाद उन्होंने वर्तमान में बेहतरीन टी20 गेंदबाजों में से एक इमरान ताहिर को अपनी टीम में जगह दी है। जैसा कि इतनी सारी तब्दीलियों के साथ आरपीएस टीम की पहले से ही चर्चा हो रही है। जाहिर है कि वह चाहेंगे कि उनके अच्छे प्रदर्शन की भी चर्चाएं हों। खराब तरीके से चीजों को लागू करना और लगातार खराब प्रदर्शन, ये दो चीजें पिछले सीजन में नजर आई थीं। ऐसे में इस सीजन में पुणे सुपरजाइंट्स फ्रेश तरीके से इस टूर्नामेंट की शुरुआत करना चाहेगी। [ये भी पढ़ें: कोलकाता नाइटराइडर्स(प्रिव्यू): तीसरी बार खिताब जीतने के लिए बेकरार केकेआर]

कप्तानी में परिवर्तन: क्रिकेट एक ऐसा खेल है जिसमें टीम अपने कप्तान का मुंह हमेशा ताकती है। कप्तान प्लेइंग इलेवन चुनता है। प्लान बी लागू करता है( अगर प्लान ए फेल होता है), गेंदबाजों को परिवर्तन के तौर पर गेंदबाजी के लिए लाता है, चौकन्ना रहते हुए खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का काम करता है। धोनी में अब वो बात नहीं रही, जो पहले से ही 2016 आईपीएल सीजन में साबित हो चुकी है। यही कारण रहा कि आरपीएस ने नए कप्तान के तौर पर स्टीवन स्मिथ को चुना है।

स्मिथ के सामने बेंच्ड खिलाड़ियों को सही तरीके से इस्तेमाल करने की चुनौती होगी, साथ ही घरेलू स्टार्स को सही तरीके से जांचने के साथ खिलाने की चुनौती भी होगी। क्योंकि ये हमेशा देखा गया है कि घरेलू स्टार्स ही अक्सर गेम चेंजर साबित होते हैं। इस तरह से ये स्मिथ का लिटमस टेस्ट होगा। हालांकि, ये अच्छी बात है कि उन्हें धोनी का समर्थन प्राप्त होगा। हमने पिछले दिनों देखा कि कैसे धोनी- कोहली ने एकसाथ मिलकर इंग्लैंड के खिलाफ बेहतरीन कप्तानी को अंजाम तक पहुंचाया। अब ये देखना दिलचस्प होगा कि कैसे स्मिथ धोनी के साथ सामंजस्य स्थापित करते हैं।

टीम संयोजन:

टॉप ऑर्डर: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में अजिंक्य रहाणे जल्दबाजी में नजर आए और हर पारी में वह बहुत कुछ करने को लेकर उतावले नजर आए। उनकी 27 गेंदों में 38 रनों की पारी ने जरूर स्टीवन स्मिथ को भरोसा दिया होगा कि वह ओपनिंग में अच्छी भूमिका निभा पाएंगे। वह उस्मान ख्वाजा के साथ ओपनिंग के लिए उतर सकते हैं। ख्वाजा को पीटरसन की जगह टीम में जगह दी गई है। ख्वाजा ने पिछले कुछ महीनों के दौरान अच्छी बल्लेबाजी की है लेकिन अच्छे स्टार्ट को बड़े स्कोर में तब्दील करने में कई मौकों पर असमर्थ नजर आए हैं। ऐसे में वे अपना गियर बदलते हुए बेहतरीन बल्लेबाजी करना चाहेंगे।

इस बात पर कोई सोचने समझने की बात नहीं है कि तीसरे नंबर पर कौन बल्लेबाजी करने को आएगा। स्टीवन स्मिथ पहले से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने की अपनी एक्सपर्टनेस साबित कर चुके हैं और वह अपनी टीम को यहां से मजबूती देने को तैयार होंगे। सौरभ तिवारी के बाहर हो जाने के बाद मनोज तिवारी को मौका मिल गया है। जाहिर है कि वह हर मौके का फायदा उठाना चाहेंगे।

मिडिल और लोअर ऑर्डर: आरपीएस की मजबूती मध्यक्रम में है। इसमें धोनी, स्टोक्स और डू प्लेसी जैसे बड़े सितारे हैं जो विपक्षी टीम का सिरदर्द करने में सक्षम है। डू प्लेसी शामिल होंगे या नहीं होंगे इसको लेकर आधिकारिक तौर पर कोई घोषणा नहीं की गई है। लेकिन न्यूजीलैंड का दौरा खत्म करने के बाद और फिर इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज होने के कारण वह टूर्नामेंट में कई मैचों में उपस्थित नहीं रहेंगे। हालांकि, धोनी और स्टोक्स पांचवें और छठवें नंबर पर अपने बल्ले का जलवा दिखाते नजर आएंगे।

आरपीएस के लोअर ऑर्डर में बल्लेबाजी उतनी मजबूत नहीं है। रजत भाटिया, जो घरेलू क्रिकेट में अच्छा- खासा नाम कमा चुके हैं। उन्हें टीम ने इस बार रिटेन किया है और वह सातवें नंबर पर बल्लेबाजी की जिम्मेदारी संभालेंगे। नाथन लॉयन, अशोक डिंडा, और जयदेव उदानकट या शार्दुल ठाकुर में से कोई एक निचले क्रम की जिम्मेदारी संभालेंगे।

गेंदबाज: डिंडा ने साल 2016 में आरपीएस के लिए अच्छा प्रदर्शन किया था। उन्होंने 7.57 के इकॉनमी रेट के साथ 11 विकेट झटके थे। हालांकि, ये खराब बात जरूर है कि उनका इकॉनमी रेट डेथ ओवरों में तेजी से बढ़ा था। वह लेफ्ट आर्म पेसर जयदेव उदानकट के साथ फ्रंट के साथ लीड करना चाहेंगे। उदानकट की तारीफ खुद वसीम अकरम तक कर चुके हैं। उन्होंने कहा था, “यह युवा गेंदबाज देखने लायक होगा।” उदानकट इसके पहले डीडी, आरसीबी, और कोलकाता की ओर से खेल चुके हैं। ऐसे में इस बार वह डिंडा, भाटिया और स्टोक्स को अपना समर्थन देना चाहेंगे। इंग्लिश ऑलराउंडर बेन स्टोक्स के ऊपर काफी सारी जिम्मेदारियां होंगी। वह अपनी खरीदारी को सही साबित करने के लिए उच्च स्तर का प्रदर्शन करना चाहेंगे।

स्टोक्स डेथ ओवरों में कसी हुई गेंदबाजी करते हुए टीम में संतुलन लाना चाहेंगे वहीं भाटिया भी अपनी करिश्माई गेंदबाजी से कमाल दिखाना चाहेंगे। वह बीच के ओवरों में अपनी मीडियम पेस के साथ रनों का बहाव रोकना चाहेंगे। स्पिन की बात करें तो नाथन लॉयन, ताहिर और एडम जांपा अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए तत्पर होंगे। स्पिनर के रोल के लिए ए़डम जांपा और ताहिर का इस्तेमाल किया जा सकता है। जांपा को पावरप्ले में तो ताहिर को बाद के 10 ओवरों में इस्तेमाल किया जा सकता है।

कमियां: आरपीएस ने पिछले आईपीएल सीजन में खासे चौके- छक्के खाए थे। इस बार उनका ध्यान रन बहाव को रोकने पर होना चाहिए उनका लोअर ऑर्डर सिर्फ स्टोक्स के भरोसे ही टिका है जबकि उसमें और दम नजर नहीं आता। गौर करें कि स्टोक्स बीच मई में आईपीएल छोड़कर चले जाएंगे। इसलिए उनके किसी दूसरे खिलाड़ी को भी निचले क्रम की जिम्मेदारी लेनी होगी

आरपीएस की संभावित प्लेइंग इलेवन: अजिंक्य रहाणे, उस्मान ख्वाजा, स्टीवन स्मिथ(कप्तान), मनोज तिवारी, एमएस धोनी(विकेटकीपर), बेन स्टोक्स, रजत भाटिया, एडम जांपा, इमरान ताहिर, अशोक दिंडा, जयदेव उनादकट/ शार्दुल ठाकुर।