विराट कोहली और क्रिस गेल © BCCI
विराट कोहली और क्रिस गेल © BCCI

साल 2008 में जब आईपीएल शुरू हुआ तो बहुत सी टीमों को पता ही नहीं था कि टी20 फॉर्मेट में किस तरह की क्रिकेट खेलनी है। हालांकि, कुछ टीमों ने इस परिस्थिति को बहुत अच्छी तरह से संभाला लेकिन रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर किसी और धुन में थी और उसने अपनी टीम में टेस्ट क्रिकेट के कई धुरंधर बल्लेबाजों को शामिल किया। यही बात उनके लिए उलटी पड़ गई और बेहद खराब परिणाम निकलकर सामने आए। वसीम जाफर, राहुल द्रविड़ और जैक्स कैलिस जैसे दिग्गज खिलाड़ी इस फॉर्मेट में अपने आपको ढाल पाने में कामयाब नहीं हो पाए और इस तरह टीम की मटिया पलीत हो गई और टीम डेक्कन चार्जस से ही ऊपर सातवें नंबर पर रही।

साल 2008 की ही तरह हुई आरसीबी की मटिया पलीत: हालांकि, इस बात को 10 साल बीत गए हैं। पिछले सालों में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने आईपीएल में बेहतरीन क्रिकेट खेली है और जिस तरह से उन्होंने आक्रामक रणनीति को लागू किया वह इस टूर्नामेंट में सबसे बेहतरीन रही। क्रिस गेल, एबी डीविलियर्स, विराट कोहली और शेन वॉटसन के उनके शीर्ष क्रम में रहते हुए अन्य टीमों के उनसे ढाह(जलन) होती थी। यही कारण है कि जब इतनी बड़ी टीम आईपीएल 2017 में भरभरा गई तो किसी को यकीन नहीं हुआ। जीत-हार के रिकॉर्ड, बैटिंग औसत और स्ट्राइक रेट के हिसाब से ये टूर्नामेंट उनके लिए साल 2008 के टूर्नामेंट जैसा ही रहा।

साल 2008 में जिस तरह की बैटिंग लाइन अप उनके पास थी उसे देखते हुए वैसा रिकॉर्ड आने से किसी को हैरत नहीं हुई थी लेकिन इस बार जरूर क्रिकेट पंडितों के होश उड़ गए। यह सही है कि केएल राहुल की अनुपलब्धता उसके साथ ही विराट कोहली और एबी डीविलियर्स के शुरुआती मैचों में चोटिल होने से टीम को खासा नुकसान झेलना पड़ा लेकिन जब ये दोनों टीम में वापस आए तो आशा की जा रही थी कि गेल, डीविलियर्स और कोहली का शो देखने को मिलेगा लेकिन यहां वो हो नहीं पाया(सिर्फ गुजरात लायंस के खिलाफ मैच को छोड़कर)।

साल 2017 आईपीएल में कोहली, डीविलियर्स और गेल के चौंकाने वाले आंकड़े: पिछले साल से उनकी बैटिंग फॉर्म का आंकलन करें तो जमीन आसमान का अंतर नजर आता है। पिछले साल उनका टॉप ऑर्डर पूरी तरह से फॉर्म में नजर आया था। उन्होंने अच्छे खासे रन बटोरे थे। इस दौरान उन्होंने हर विकेट के लिए 42 रन बनाए थे और रन रेट 9.62 का रहा था। ये दोनों आंकड़े उस सीजन में सभी टीमों के बीच आरीसीबी के प्रभुत्व को दर्शा रहे थे। इस दौरान उन्होंने हर 4.90 गेंदों के बाद छक्का या चौका भी मारा था। ऐसे में आशा की जा रही थी कि वह इस सीजन में और भी कमाल दिखाएंगे लेकिन उल्टा हो गया। आलम यह है कि जहां कोहली और एबी डीविलियर्स ने साल 2016 में आपस में ही 1660 रन जोड़े थे। इस बार पूरी टीम ने कुल 1608 रन बनाए हैं। जिससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि टीम के प्रदर्शन में इस सीजन में कैसे गिरावट देखने को मिली।

पिछले सीजन में कोहली, डीविलियर्स और गेल का औसत एकसाथ 43.04 का रहा था और इस दौरान उन्होंने 155.2 के स्ट्राइक रेट(1331 गेंदों में 2066 रन) से बनाए थे। इस सीजन में ये 30 से नीचे के औसत से रन बना पाए हैं। इन तीनों ने 700 से कम रन आपस में जोड़े हैं जो आरसीबी के पतन की कहानी बयां करती है। इस दौरान गेल का स्ट्राइक रेट 122.69, कोहली का 122.22 का और डीविलियर्स का 132.51 का रहा है।

जैसा कि इस सीजन में चिन्नास्वामी की परिस्थितियां स्ट्रोक खेलने के हिसाब से अनुकूल नहीं रहीं इसकी वजह से यह सीजन आरसीबी के उन खिलाड़ियों के लिए कठिन रहा जिनसे सबसे ज्यादा अपेक्षाएं थीं। रॉयल चैलेंजर्स के लिए इस तरह आईपीएल सीजन 10 एक बहुत बड़ा गोला साबित हुआ।