सचिन तेंदुलकर  © Getty Images
सचिन तेंदुलकर © Getty Images

क्रिकेट की दुनिया में भगवान का दर्जा रखने वाले सचिन तेंदुलकर ने भारत के लिए बहुत सी बेहतरीन पारियां खेली हैं, लेकिन सचिन की ऐसी कौन सी पारियां हैं जो दर्शकों के साथ- साथ सचिन की भी फेवरेट बन गईं। वनडे क्रिकेट में सचिन ने कुल 49 शतक जमाए हैं, लेकिन इनमें सचिन कुछ को ही अपनी फेवरेट पारी मानते हैं। बल्कि सचिन कुछ ऐसी पारियों को भी अपनी पंसदीदा पारियों में रखते हैं जिनमें उन्होने 100 से कम रन बनाए हैं। तो आइए वनडे क्रिकेट में सचिन की पसंदीदा पारियों के बारे में जानते हैं।

7. 140* बनाम केन्या, ब्रिस्टन( विश्व कप 1999): पिता के निधन के बाद सचिन देश के लिए खेलने वापस आए थे और केन्या के खिलाफ सचिन ने 140 रनों की पारी खेलते हुए अपने पिता को श्रृद्धांजली दी। इस पारी में सचिन ने दुनिया के सबसे मुश्किल गेंदबाजी आक्रमण का सामना नहीं किया था, न ही बहुत मुश्किल पिच थी, लेकिन सचिन जिन परिस्थितियों का सामना कर लौटे थे वो इस पारी को बेहतरीन पारियों में जगह दिलाती है।

6. 82(49) बनाम न्यूजीलैंड, ऑकलैंड (1994): करियर के शुरूआती दिनों में खेली गई इस पारी को सचिन बेहद खास मानते हैं। पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड मात्र 142 रनों पर सिमट गई, जवाब में सचिन ने कीवी गेंदबाजों को जिस तरह धोया वो क्रिकेट में उनके प्रभुत्व को दर्शा रहा था। नवजोत सिंह सिद्धू के चोटिल होने की वजह से सचिन इस मैच में सलामी बल्लेबाज के तौर पर उतरे थे। सचिन ने इस मैच में सिर्फ 49 गेंदों पर 82 रन ठोंक कर खुद को एक सलामी बल्लेबाज के रूप स्थापित किया। [ये भी पढ़ें: सचिन तेंदुलकर को संन्यास लिए हुए हो गए तीन साल, अभी भी नहीं टूट पाए ये बड़े 9 रिकॉर्ड]

5. 175(141) बनाम ऑस्ट्रेलिया, हैदराबाद (5 नवंबर 2009): ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई 175 रनों की पारी के बावजूद भारत जीत नहीं सका था लेकिन समीक्षक सचिन की इस पारी को बेहतरीन मानते हैं। 351 रनों के विशाल स्कोर का पीछा करते हुए सचिन ने मात्र 141 गेंदों पर 175 रनों की पारी खेली। जब सचिन आउट हुए तो भारत को जीत के लिए 17 गेंदों में 19 रनों की दरकार थी लेकिन सचिन के आउट होते ही भारतीय बल्लेबाजी चरमरा गई और भारत को हार का सामना करना पड़ा।

4. 134(131) बनाम ऑस्ट्रेलिया, शारजहां( कोका कोला कप 1998): 1998 को सचिन के करियर का सबसे बेहतरीन साल माना जाता है। ऐसा यूं ही नहीं है। सचिन ने इस साल कई बेहतरीन पारियां खेली। कोका- कोला कप 1998 फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई 134 रनों की पारी की बदौलत भारत ने ऑस्ट्रेलिया को फाइनल में मात दी थी। अपनी इस पारी में सचिन ने हर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज को मैदान का कोना दिखाते हुए 12 चौके और 3 छक्के जमाए।

3. 200* बनाम साउथ अफ्रीका, ग्वालियर (2010): ग्वालियर के रूप सिंह स्टेडियम में साउथ अफ्रीका के खिलाफ सचिन तेंदुलकर ने वनडे क्रिकेट इतिहास का पहला दोहरा शतक बनाया। सचिन ने इस पारी में सचिन ने चौकों- छक्कों की बारिश करते हुए मात्र 147 गेंदों पर 200 रन ठोंक दिए। इस पारी में सचिन ने 25 चौके और 3 छक्के लगाए। सचिन की इस पारी का ही कमाल था कि भारत ने 400 से ज्यादा का लक्ष्य साउथ अफ्रीका के सामने रखा।

2. 98 बनाम पाकिस्तान, सेंचुरियन( विश्व कप 2003): 2003 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ 98 रनों की पारी सचिन की सबसे पसंदीदा पारियों में से एक है। पाकिस्तान के 273 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए सचिन और सहवाग ने वसीम अकरम, शोएब अख्तर और वकार यूनिस जैसे गेंदबाजों के सामने ताबड़तोड़ शुरुआत की। शोएब अख्तर को प्वाइंट के ऊपर से लगाया गया छक्का शायद ही कोई क्रिकेट प्रेमी भुल पाएगा। इस पारी में सचिन ने 75 गेंदों पर 98 रन बनाए।

1. 143 बनाम ऑस्ट्रेलिया, शारजहां( कोका कोला कप 1998): 1998 शारजहां में कंगारू टीम के खिलाफ खेली गई सचिन तेंदुलकर की ये पारी हर क्रिकेट प्रेमी के जेहन में अब तक ताजा है। हालांकि सचिन की इस पारी के बावजूद भारत हार गया था लेकिन सचिन ने अपनी इस पारी से करोड़ों फैंस का दिल जीत लिया। 285 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए सचिन ने विस्फोटक पारी खेलते हुए 131 गेंदों में 143 रनों की पारी खेली। सचिन की इस पारी के बारे वीवीएस लक्ष्मण ने कहा था, मैंने इससे बेहतरीन और विस्फोटक पारी नहीं देखी।