Sachin Tendulkar vs Virat Kohli: Stats comparison while playing together

इस बात में कोई दोराय नहीं है कि सचिन तेंदुलकर भारतीय क्रिकेट इतिहास के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों की सूची में शीर्ष में गिने जाते हैं। भारत के लिए सर्वाधिक रन बनाने वाले इस बल्लेबाज ने 24 साल तक टीम इंडिया के लिए खेला। सचिन के संन्यास लेने के बाद भारतीय फैंस को दुख तो काफी हुआ लेकिन तब तक विराट कोहली ने भारतीय क्रिकेट में कदम रखा दिया था। जो आगे चलकर ना केवल दिग्ग्जों की सूची में अपना नाम दर्ज करने वाले थे, बल्कि तेंदुलकर के कई रिकॉर्ड भी तोड़ने वाले थे।

सचिन और कोहली के बीच तुलना तो क्रिकेट फैंस आए दिन करते रहते हैं। हम यहां उस बारे में बात नहीं करने वाले हैं। हम बात करेंगे इन दोनों खिलाड़ियों के एक साथ किए गए प्रदर्शन की। साल 2013 में तेंदुलकर के संन्यास से पहले उन्होंने कोहली के साथ 31 वनडे और 17 टेस्ट मैच खेले थे, हम उन मैचों में इन दो खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नजर डालेंगे।

वनडे में प्रदर्शन (सचिन > कोहली)

कोहली के साथ खेलते हुए सचिन ने 31 मैचों में 46.62 की औसत से 1,352 रन बनाए हैं, जिसमें पांच शतक शामिल हैं।साल 2008 में भारत के लिए वनडे डेब्यू करने वाले मौजूदा कप्तान कोहली ने सचिन के साथ खेले 31 वनडे मैचों में 51.80 की शानदार औसत से कुल 1,347 रन बनाए हैं। इस दौरान कोहली के बल्ले से भी पांच शतक निकले।

मीरपुर वनडे में किया कमाल

गौरतलब है कि कोहली की सर्वोच्च वनडे स्कोर भी सचिन के साथ खेल वनडे मैच में ही आया। कोहली ने एशिया कप 2011-12 में पाकिस्तान के खिलाफ ढाका में 183 रनों की मैच विनिंग पारी खेली थी। शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम में खेले गए इस मैच में पाकिस्तान के लिए 330 रनों के लक्ष्य के जवाब में सचिन के साथ पारी की शुरुआत करने उतरे गौतम गंभीर पहले ही ओवर में आउट हो गए। जिसके बाद कोहली को बल्लेबाजी क्रम में ऊपर भेजा गया और उन्होंने सचिन के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 132 रनों की साझेदारी बनाई। कोहली ने जहां शतक जड़ा, वहीं सचिन ने भी 48 गेंदो पर 52 रन की अहम पारी खेली।

टेस्ट में प्रदर्शन (कोहली > सचिन)

इन दो दिग्गज भारतीय बल्लेबाजों ने साथ में 17 टेस्ट मैच में खेले हैं। जिनमें सचिन ने 30.92 की औसत से 835 रन बनाए और मात्र एक शतक जड़ा। जबकि कोहली ने 46.36 की औसत से कुल 1,159 रन बनाए, जिसमें चार शतक शामिल हैं। हालांकि इन दोनों खिलाड़ियों को साथ में टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का मौका कभी नहीं मिला।