सचिन तेंदुलकर © IANS
सचिन तेंदुलकर © IANS

क्रिकेट की किवदंती सचिन तेंदुलकर ने 15 नवंबर 1989 को जब टेस्ट क्रिकेट में पाकिस्तान के विरुद्ध कराची में पदार्पण किया तब उनकी उम्र 16 साल 9 महीने 20 दिन थी। सचिन पहली पारी में 15 रन बनाकर आउट हो गए और दूसरी पारी में उन्होंने अर्धशतक(59) जड़ा। इसके बाद वह बड़ी और मझोल पारियां अगले कुछ सालों तक खेलते रहे और टीम में उनका स्थान बरकरार रहा। चूंकि, अब तक उन्होंने सभी मैच भारतीय उपमहाद्वीप में ही खेले थे ऐसे में उनके सामने चुनौतियां कुछ खास नहीं थीं। 1990 में टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड का दौरा किया और सचिन को टीम में सम्मिलित किया गया। क्राइसचर्च में खेले गए पहले मैच में सचिन शून्य रन बनाकर आउट हो गए। ऐसे में इस 17 साल के नौजवान के करियर पर सवाल उठने लगे।

अगले मैच में सचिन जैसे इन सवालों के जवाब देने के लिए तैयार थे और उन्होंने ‘नेपियर’ में 88 रन ठोकते हुए अपना जलवा फिर से बिखेर दिया। 1990 में ही जुलाई माह में टीम इंडिया ने इंग्लैंड का दौरा किया। सचिन ने इस दौरे के पहले अब तक 7 टेस्ट मैच खेल लिए थे लेकिन इस मध्यक्रम बल्लेबाज की झोली में अबतक कोई शतक नहीं आया था। ऐसे में सचिन के दिमाग में इंग्लैंड में शतक जमाने का ख्याल जरूर कुलबुला रहा था। लेकिन क्या इंग्लैंड की सरजमीं पर शतक जमाना आसान था? जहां गेंदें अक्सर एशियाई बल्लेबाजों को कई दशकों से छकाती आई थीं। [ये भी पढ़ें: पाकिस्तान के खिलाफ बल्ले से असफल होने के बाद सचिन ने जब झटके पांच विकेट]

लेकिन इसके बावजूद यह 17 वर्षीय बल्लेबाज तैयार था। लॉर्डस में खेले गए पहले मैच में सचिन कुछ खास नहीं कर सके और सस्ते में आउट हो गए। लेकिन दूसरा टेस्ट, जो मैनचेस्टर में खेला गया उसकी पहली पारी में उन्होंने 68 रन बनाए और दूसरी पारी में शतक 119* जड़ दिया। सचिन का यह मेडेन शतक था और वह भी विदेशी सरजमीं पर। इस शतक को जमाने के समय में सचिन की उम्र 17 साल और 107 दिन थी। यह किसी भी बल्लेबाज के द्वारा इंग्लैंड की सरजमीं पर जड़ा गया सबसे कम उम्र में शतक था।

इस वाकए के एक साल बाद भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया। सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच 22 जनवरी 1992 से एडीलेड में शुरू हुआ। इस मैच में सचिन तेंदुलकर ने 148 रनों की पारी खेली और इसके साथ ही उनके नाम ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर सबसे कम उम्र में शतक जड़ने का रिकॉर्ड भी हो गया। इस शतक को जमाने के दौरान सचिन की उम्र 18 साल 287 दिन थी। इस मैच के बाद पर्थ में सचिन ने फिर से शतक जमाया।

सचिन ने इसी साल नवंबर में दक्षिण अफ्रीका का दौरा किया और जोहान्सबर्ग में खेले गए दूसरे टेस्ट में 111 रनों की पारी खेलने के साथ ही दक्षिण अफ्रीका में भी सबसे कम उम्र में शतक जड़ने वाले बल्लेबाज बने। इस शतक के वक्त सचिन की उम्र 19 साल 7 महीने और 2 दिन थी। इन शतकों के बाद सचिन एक महान बल्लेबाज के रूप में पूरी दुनिया में उभर गए और हर देश में उन्होंने बेहतरीन बल्लेबाजी का मुजाहिरा पेश किया। 200 टेस्ट मैच खेलने वाले सचिन ने अपने देश के बाहर कुल 29 शतक मुकम्मल किए जो एक रिकॉर्ड है। सचिन का बाहर के मैदान पर औसत भी घरेलू मैदानों के मुकाबले ज्यादा रहा है। जो बताता है कि वह कितने महान बल्लेबाज थे।

टेस्ट क्रिकेट में सबसे कम उम्र में शतक जड़ने के मामले में सचिन कम उम्र के लिहाजसे तीसरे नंबर पर हैं। पहले नंबर पर बांग्लादेश के मोहम्मद अशरफुल हैं जिन्होंने 17 साल 61 दिन की उम्र में कोलंबो में श्रीलंका के विरुद्ध शतकसाल 2001 में जमाया थ। वहीं दूसरे स्थान पर पाकिस्तान के मुश्ताक मोहम्मद हैं जिन्होंने साल 1961 में दिल्ली में भारत के विरुद्ध 17 सैल 78 दिनों की उम्र में शतक जड़ा था। सचिन ने अपना पहला शतक 17 साल 107 दिन की उम्र में जड़ा।