संजू सैमसन © Official Website of ICC
संजू सैमसन © Official Website of ICC

केरल के बल्लेबाज संजू सैमसन ने अपने करियर की शानदार शुरुआत की है। वह अपनी उम्र के खिलाड़ियों से ज्यादा समझदार और परिपक्व दिखाई देते हैं। वह सिर्फ विकटों के पीछे ही बेहतर नहीं हैं बल्कि एक अच्छे बल्लेबाज भी हैं। संजू के क्रिकेट खेलने का अंदाज कुछ कॉपीबुक स्ट्रोक खेलने जैसा है। यही कारण है कि वह आजकल हर फॉर्मेट में धाक जमाए हुए हैं। सैमसन पहली बार आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स की ओर से चमके थे और उसके बाद तो उन्होंने सबका दिल जीत लिया। आज हम आपको इस धाकड़ खिलाड़ी के बारे में जो भविष्य में एमएस धोनी का टीम में उत्तराधिकारी बन सकता है, ऐसी बातें बताएंगे जो आपने आज से पहले कभी नहीं सुनी होंगी।

संजू विश्वनाथ सैमसन का जन्म त्रिवेंद्रम के एक छोटे से शहर हुआ। संजू के पिता एक पुलिस कॉन्सटेबल थे। संजू ने अपनी स्कूलिंग रोजरी सीनियर सेकंडरी स्कूल, दिल्ली से की और बाद में हाईस्कूल सेंट जोसेफ हायर सेकंडरी स्कूल, केरल से पास किया। वर्तमान में संजू त्रिवेंद्रम के कॉलेज से बीए कर रहे हैं। संजू के करियर को बनाने के पीछे उनके पिता विश्वनाथ का बहुत बड़ा हाथ है। जब अंडर13 में संजू स्थान बनाने से चूक गए तो उनके पिता ने दिल्ली में पुलिस कॉन्सटेबल की नौकरी की कुर्बानी दे दी और अपने गृहनगर चले गए। इसके बाद संजू ने अपने करियर को नई शुरुआत दी। भारत बनाम इंग्लैंड, पहला टेस्ट, लाइव स्कोर जानने के लिए क्लिक करें…

संजू ने अंडर13 में शामिल होने के बाद जबरदस्त बल्लेबाजी का मुजाहिरा पेश किया था और उन्हें केरल अंडर13 टीम का कप्तान बनाया गया था। उन्होंने डेब्यू में शतक जड़ा था और पहली ही सीरीज उनके लिए बेहतरीन रही थी और उन्होंने साउथ जोन अंडर13 टूर्नामेंट के 5 मैचों में 4 शतक जड़े थे। अंडर13 में अच्छे प्रदर्शन के बाद उन्हें केरल की अंडर 16 टीम में शामिल किया गया। उन्होंने विजय मर्चेंट साउथ जोन ट्रॉफी में गावा के खिलाफ 200 रन महज 138 गेंदों में बना डाले। वह इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। फलस्वरूप, उन्हें रणजी टीम में चुन लिया गया।

संजू केरल की रणजी टीम में महज 15 साल की उम्र में शामिल हुए। इस समय उनकी ख्याति काफी बढ़िया थी। लेकिन युवा बल्लेबाज सैमसन का प्रथम श्रेणी डेब्यू निराशाजनक रहा और वह विदर्भ के खिलाफ अपने पहले मैच में 3 रन ही बना सके। हालांकि, उन्होंने जल्दी ही हिमाचल के खिलाफ शतक जड़ दिया। सैमसन को एशिया कप 2012 के लिए अंडर 19 टीम में शामिल किया गया। हालांकि, वह इस टूर्नामेंट में कुछ खास नहीं कर पाए और 3 मैचों में 14 रन ही बना पाए। उनके खराब प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें आईसीसी अंडर19 विश्व कप 2012 में नहीं चुना गया। इसके बाद उन्होंने बेहर ट्रॉफी 2012 में केरल की ओर से शानदार खेल दिखाया और इस तरह उनकी वापसी भारतीय अंडर 19 टीम में हो गई। उन्होंने अंडर-19 एशिया कप 2013 में पाकिस्तान के खिलाफ शानदार शतक जड़ा और भारत को ट्रॉफी दिलवाई।

साल 2012 के आईपीएल में संजू कोलकाता टीम का अंग थे। बाद के सालों में वह राजस्थान रॉयल्स से जुड़े और बेहतरीन खेल का नमूना पेश किया। उन्हें साल 2016 आईपीएल नीलामी में देल्ली डेयरडेविल्स ने 4.2 करोड़ रुपए में खरीदा। सैमसन को राष्ट्रीय टीम में साल 2014 के इंग्लैंड दौरे के लिए चुना गया था। लेकिन उन्हें किसी मैच में खिलाया नहीं गया। उसके बाद उन्हें जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए टीम में शामिल किया गया। उन्होंने दूसरे टी20 में डेब्यू किया और 24 गेंदों में 19 रन बनाए। भारत इस मैच को 10 रनों से हार गया था। सैमसन वर्तमान में केरल रणजी टीम के कप्तान हैं। वह रणजी क्रिकेट इतिहास के सबसे युवा कप्तान हैं। इसके अलावा वह रणजी में सबसे कम उम्र में दो दोहरे शतक जड़ने वाले बल्लेबाज हैं।