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भारत बनाम इंग्लैंड, दूसरा टेस्ट 17 नवंबर से © Getty Images

भले ही सकलेन मुश्ताक क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं लेकिन वह टीम इंडिया के लिए अभी भी नाइटमेयर बने हुए हैं। वर्तमान में सकलेन इंग्लैंड टीम के साथ कंजल्टेंट कोच के तौर पर जुड़े हुए हैं। इस दौरान उन्होंने जिस तरह से इंग्लैंड के गेंदबाजों को भारतीय सरजमीं पर विभिन्नताओं से गेंदबाजी करने के टिप्स दिए हैं वह गजब है। मुश्ताक एक छोटे से समय के लिए ही इंग्लैंड टीम के साथ जुड़े हैं और ये छोटे कार्यकाल हमेशा ट्रिकी होते हैं। ज्यादातर देखा जाता है कि ऐसे में कोच ज्यादा से ज्यादा प्रभाव टीम पर छोड़ना चाहता है। लेकिन ऐसी बात सकलेन के साथ नहीं है। मुश्ताक इस दौरे में इंग्लैंड के साथ दो सप्ताह के लिए आए थे लेकिन अब यह समय 1 महीने के लिए बढ़ा दिया गया है।

सकलेन इस बात को भली भांति समझते हैं कि बतौर कंजल्टेंट उनकी भूमिका किसी की तकनीकी को बदलना नहीं है क्योंकि ऐसे में मैच में खेलने जाने से पहले खिलाड़ी के दिमाग में नकारात्मकता भर जाती है। इंग्लैंड के स्पिन गेंदबाज जफर अंसारी ने कहा, “सकलेन ने इस बात को साफ कर दिया था कि वह आकर कुछ बदलना नहीं चाहते। उन्होंने कुछ हद तक हमारे चीयरलीडर्स के रूप में कार्य किया है। उन्होंने हमें प्रोत्साहन दिया और हमें खुद के बारे में अच्छा महसूस कराया। और जो सबसे ज्यादा सफल रहा हो वह आए और कहे ‘मुझे लगता है कि तुम अच्छे गेंदबाज हो और मुझे लगता है कि आप इस लेवल पर विकेट ले सकते हो।’ इससे आपको बहुत विश्वास मिलता है जो टेस्ट क्रिकेट के लिए जरूरी है।” [ये भी पढ़ें: दूसरे टेस्ट में इन चार कारणों से मिलेगी टीम इंडिया को जीत]

शायद ऐसी कई चीजें सकलेन ने इंग्लैंड के साथ अपने पहले कार्यकाल के दौरान सीखीं। पाकिस्तान के खिलाफ मैनचेस्टर टेस्ट से पहले उन्होंने मोईन से कहा था कि उन्हें गेंद को पकड़ने वाली ग्रिप में थोड़ी सा बदलाव करना चाहिए ताकि उन्हें थोड़ा और उछाल मिले। लेकिन जब इसका परिणाम कई फुलटॉस के रूप में आया तो दोनों ने निर्णय लिया कि जब टेक्निकल परिवर्तन करने होंगे तो टेस्ट मैच के कुछ दिन पहले नहीं किए जाएंगे। सकलेन की सलाह गेंदबाजी तक ही सीमित नहीं है। मोईन स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ अपनी अच्छी बल्लेबाजी का श्रेय सकलेन को देते हैं।

पिछले सालों में कई कोचों ने आदिल राशिद को सलाह दी थी कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सफल होने के लिए अपनी गेंदबाजी की स्पीड बढ़ाने की जरूरत है। सकलेन ने देखा राशिद के पास बहुत अच्छे हथियार हैं लेकिन स्पीड उनमें से एक कतई नहीं है। इस सबके अलावा उन्होंने राशिद को अपनी पाकृतिक मजबूती के साथ खेलने को प्रोत्साहित किया। जैसे कि गेंद को हवा में झुलाना, और अपनी स्किल का इस्तेमाल करके बल्लेबाज को ठगा हुआ महसूस कराना। राजकोट टेस्ट में अपने करियर का सबसे शानदार प्रदर्शन करने के बाद ऐसा लग रहा है कि राशिद सही कर रहे हैं।

अंसारी के कौशल की असल परीक्षा विशाखापत्तनम टेस्ट में होगी जब वहां की पिच में कम घास होने को लेकर लगातार बात की जा रही है। इस लिहाज से मैदान में दूसरे दिन से ही अच्छी टर्न की अपेक्षा की जा रही है। ऐसे में राजकोट के विपरीत इस मैच में स्पिन अहम साबित हो सकती है। एक बार फिर से इस टेस्ट मैच में टॉस अहम साबित हो सकता है। पहले टेस्ट के बाद नेट सेशन के दौरान तेज गेंदबाजों के अलावा जो रूट और जॉनी बेयरेस्टो को आराम करने का मौका मिला। जेम्स एंडरसन ने खूब दौड़ लगाई और नजर आए जैसे वह वापसी को लेकर लालायित हों। लेकिन इस दौरान स्टीवन फिन ने बल्लेबाजों को खूब परेशान किया। उन्होंने बैक ऑफ लेंथ गेंदों से खूब उछाल प्राप्त किया। लेकिन इन दोनों गेंदबाजों को निराश होना होगा क्योंकि इंग्लैंड पहले टेस्ट मैच के ही अंतिम एकादश के साथ मैदान पर उतरेगी।