अगर सुरेश रैना तीसरे वनडे के लिए फिट होते हैं तो तीसरे वनडे में उनका खेलना तय है ©Getty Images
अगर सुरेश रैना तीसरे वनडे के लिए फिट होते हैं तो तीसरे वनडे में उनका खेलना तय है ©Getty Images

भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेली जा रही पांच मैचों की वनडे सीरीज 1-1 की बराबरी पर पहुंच गई है। पहले वनडे में जहां भारत ने न्यूजीलैंड को पटखनी दी तो दूसरे वनडे में न्यूजीलैंड ने वापसी करते हुए भारत को चारों खाने चित करते हुए मैच में रोमांचक जीत दर्ज की और सीरीज को 1-1 की बराबरी पर पहुंचा दिया।

सीरीज का तीसरा मैच रविवार को पंजाब के मोहाली में खेला जाएगा। ऐसे में दोनों टीमों की कोशिश तीसरे वनडे को जीतकर सीरीज में अहम बढ़त बनाने की होगी। दूसरे वनडे में भारतीय टीम की बल्लेबाजी में कई कमजोरियां झलकीं, चाहे वो सलामी जोड़ी का न चलना हो या फिर कोहली पर टीम की ज्यादा निर्भरता होना, चाहे वो मध्यक्रम में पांडे का न चलना हो या फिर निचले मध्यक्रम में एक फिनिशर की कमी।

वायरल बुखार के कारण पहले और दूसरे वनडे में नहीं खेलेने वाले सुरेश रैना अगर फिट हुए तो तीसरे वनडे में उनका खेलना तय है। रैना टीम के लिए बहुत ही उपयोगी साबित हो सकते हैं। सुरेश रैना की बात करें तो उन्हें लगभग एक साल बाद टीम में वापसी का मौका मिला है। इसमें कोई दो राय नहीं है कि रैना एक शानदार खिलाड़ी हैं, उन्होंने भारत के लिए कई उपयोगी पारियां खेली हैं। रैना ने पिछले 10 सालों में भारत को कई मैच जिताए हैं। जब रैना अपने करियर के चरम पर थे टो वह टीम के स्थायी सदस्य थे और टीम से रैना को बाहर करना लगभग असंभव सा होता था। ये भी पढ़ें: टेस्ट में अपनी कप्तानी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज

टीम के लिए क्यों फायदेमंद हैं रैना?

रैना टीम में हरफनमौला खिलाड़ी का रोल निभाते हैं और धोनी के लिए वह एक तुरुप का इक्का हैं। भारत के निचले क्रम में रैना भारत के सबसे आक्रामक बल्लेबाजों में से एक हैं। रैना उस समय बल्लेबाजी के लिए आते हैं जब भारत को तेज गति से रनों की जरूरत होती है। रैना ने अब तक 35 की औसत से 5568 रन बनाए हैं और इस दौरान रैना का स्ट्राइक रेट 93 से भी ज्यादा का रहा है। रैना नंबर 4, 5 और 6 पर खेलते हुए भारत के लिए काफी उपयोगी साबित हुए हैं।

रैना टीम में सिर्फ एक आक्रामक बल्लेबाज की भूमिका ही नहीं निभाते हैं बल्कि वह टीम के लिए संकट की घड़ी में गेंदबाजी कर विकेट लेने भी कामयाब होते हैं। रैना ने कई बार बड़ी साझेदारियों को तोड़ा है, वहीं फील्डिंग में रैना का कोई सानी नहीं है, रैना फील्डिंग के दौरान मैदान में एक दम चौकन्ने रहते हैं और बल्लेबाज को उनके बगल से गेंद निकालना एक चुनौती जैसा होता है। रैना द्वारा बड़े और आक्रामक शॉट किसी भी क्षण खेलना उनकी सबसे बड़ी ताकत में से एक है।

रैना कभी भी अपने ऊपर दबाव नहीं लेते और विपक्षी टीम पर चढ़कर खेलने में भरोसा करते हैं। लेकिन अब जब टीम में मनीष पांडे, केदार जाधव और हार्दिक पांड्या जैसे खिलाड़ी भी हैं जिन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है तो ऐसे में रैना के लिए टीम में जगह बनाना खासा मुश्किल भरा है। टीम में हर जगह के लिए कट्टर प्रतिसपर्धा है ऐसे में रैना को अपने खेल में निखार लाने की आवश्यकता है, रैना को अपने बल्ले से और अच्छे प्रदर्शन की जरूरत है। जिससे रैना अपने आलोचकों का मुंह बंद कर सकें।

रैना का करियर उस वक्त ढलान पर आ गया जब रैना शॉर्ट पिच गेंदों पर असहज महसूस करने लगे। रैना की शॉर्ट गेंदों पर कमजोरी का फायदा विपक्षी टीम उठाने लगीं और रैना जैसे ही क्रीज पर आते गेंदबाज उन्हें शॉर्ट गेंद फेंककर परेशान करने लगते। शॉर्ट गेंदों को खेलने में परेशानी के कारण रैना कई मैचों में फ्लॉप हुए और यहीं से रैना के करियर का ग्राफ लगातार नीचे गिरने लगा। जिसके बाद रैना टीम से अंदर-बाहर रहने लगे। रैना के लिए न्यूजीलैंड के खिलाफ मिला मौका किसी सुनहरे अवसर से कम नहीं है। रैना की उम्र लगभग 30 की है और इस समय खिलाड़ी को अपनी कमजोरी और मजबूती का बखूबी अंदाजा होता है।

करियर के इस पड़ाव में रैना को एक बार फिर से खुद को एक बल्लेबाज और एक खिलाड़ी के तौर पर निखारना होगा। रैना टीम के लिए फिनिशर की भूमिका शानदार तरीके से निभाते आए हैं और एक बार फिर से रैना को अपनी काबिलियत पर भरोसा रखते हुए उसी तरह के प्रदर्शन को दोहराना होगा। भारतीय टीम में फिनिशर की भूमिका फिलहाल धोनी निभा रहे हैं। रैना ने कई बार भारत के लिए फिनिशर के रोल को बखूबी निभाया है और धोनी के विकल्प के तौर पर रैना ही फिनिशर के रूप में दिखते थे।

साफ है टीम में अपनी अहमियत साबित करने में जुटे रैना अगर तीसरे वनडे में खेलते हैं तो अपने बल्ले से धमाल जरूर मचाएंगे और टीम के लिए काफी अहम साबित होंगे। रैना इसलिए भी अहम हैं क्योंकि रैना एक अच्छे फिनिशर भी हैं, और रैना ऊपरी क्रम में भी बल्लेबाजी कर सकते हैं, इसलिए अगर रैना फिट होते हैं तो तीसरे वनडे में वह टीम और धोनी के लिए किसी संजीवनी से कम साबित नहीं होंगे।