सुरेश रैना © IANS
सुरेश रैना © IANS

पिछले दिनों से इस बात पर काफी कुछ कहा जा चुका है कि क्या सुरेश रैना क्रिकेट में अपना ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रहे हैं। क्योंकि वे आजकल अपनी फिटनेस को लेकर ढीले नजर आते हैं और प्रेक्टिस करने के बजाय अपने परिवार के साथ ज्यादा वक्त बिताते हैं। हाल ही में बीसीसीआई ने उन्हें रियलटी चेक उस वक्त दे दिया जब उन्हें सेंट्रल कॉन्ट्रेक्ट्स लिस्ट से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। अंग्रेजी वेबसाइट ‘इंडियन एक्सप्रेस’ से बातचीत में रैना ने बताया कि वह अभी भी क्रिकेट को लेकर उतने ही जुनूनी हैं। वो तो उनकी बेटी और खुद की खराब हेल्थ के कारण उन्हें गेम से खुद को दूर करना पड़ा।

जब उनसे पूछा गया कि क्या आप पहले से क्रिकेट के बाद की जिंदगी के बारे में सोच रहे हैं तो इस पर रैना ने कहा, “नहीं नहीं, मैंने ऐसा कुछ नहीं सोचा… आप सोच रहे हो क्या?” और सुरेश रैना हंसने लगे। ये वास्तव में अजीब लगता है जब 30 साल के खिलाड़ी से उसके करियर के अंत के बारे में पूछा जाए। लेकिन पिछले कुछ महीने वास्तव में रैना के लिए अजीब रहे हैं। उन्हें इंडियन क्रिकेट बोर्ड के सेंट्रल कॉन्ट्रेक्ट में जगह नहीं मिली और उनके प्रदेश के एक गुमनाम कोच से एक न्यूज ये भी सुनने को मिली कि रैना अनिच्छुक क्रिकेटर हो चुके हैं और उनका ध्यान अब ज्यादा उनके परिवार की ओर है और इसलिए उनमें अब क्रिकेट के लिए और दिलचस्पी नहीं है। [ये भी पढ़ें: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू(प्रिव्यू), आईपीएल 2017: चोटों से जूझ रही आरसीबी को पहले खिताब की तलाश]

यही कारण था कि पत्रकारों ने उनसे ये सवाल पूछे लेकिन इस सवाल का रैना ने जिस तरह से जवाब दिया उससे उनके फैन्स गदगद हो जाएंगे।रैना कहते हैं, “मेरी मां ने मुझे पाला पोषा है, मुझे असली प्यार पत्नी में मिला और जिंदगी के असली मायने बेटी से सीखे, मैं सौभाग्यशाली हूं।” रैना आगे कहते हैं, “लोगों को काम चाहिए बोलने का- ऐसा है, वैसा है, मुझे अपनी बेटी को अस्पताल ले जाना है, मुझे अपने घर में काम करने हैं, मुझे नहीं देखना कि लोग कैसे उस बात के लिए मेरी निंदा करते हैं? ये सब करने के लिए कोई बाहर से थोड़ी आएगा।”

उनकी बेटी ग्रेसिया पिछले दिनों स्वस्थ नहीं थी। ये सब खुद उनके बीमार होने के बाद हुआ। फ्लू और चिकनपॉक्स हो गया था, यही कारण रहा कि वह घरेलू मैचों में नहीं खेल सके। उन्होंने आगे कहा, “मैंने अपने स्टेट के सिलेक्टर्स और बीसीसीआई को इस संबंध में बता दिया था। यही कारण रहा कि मुझे कुछ रणजी मैच और दुलीप ट्रॉफी खेलने के बाद अपना नाम वापस लेना पड़ा। अगर मैं अपनी बेटी का ख्याल नहीं रखूंगा और घर के काम नहीं करूंगा तो कौन करेगा?” वह आगे कहते हैं, “ये परीक्षा लेने वाले कुछ महीने थे, मेरा और मेरी बेटी का स्वास्थ्य खराब था इसलिए मैं क्रिकट नहीं खेल पाया।

अगर इसकी वजह से मेरी ओलोचना हो रही है तो मैं क्या कह सकता हूं। कोई भी परिवार वाला इंसान इसको समझ सकता है। बॉलीवुड को ही उदाहरण के तौर पर ले लीजिए। शाहिद कपूर ने अपनी बेटी के जन्म के 6 महीने बाद तक एक्टिंग न करने का निर्णय लिया था। यहां तक कि हरभजन सिंह ने भी अपनी बेटी के जन्म के कुछ दिन बाद तक समय लिया था। इस सबकी निंदा नहीं होनी चाहिए लेकिन लोगों का काम है कहना।”

रैना से पूछा गया कि आप मोटे क्यों हो गए हो?

जिस तरह से उन्होंने पहले सवाल का जवाब दिया था। उन्होंने दूसरे सवाल का भी जवाब दिया। रैना जवाब देने के पहले थोड़ा हंसे फिर बोले, “अरे! मैं वायरल और बीमारी के कारण बाहर था इसलिए ट्रेनिंग नहीं कर पाया। इस सबका प्रभाव पड़ा, लेकिन अब मैं पूरी तरह से फिट हूं और ट्रेनिंग करना शुरू दी है। मैं फिट हूं और आईपीएल खेलने को तैयार हूं। तबियत खराब थी भाई, ट्रेनिंग अच्छी तरह से नहीं ले पाया और लोगों ने कहना शुरू कर किया।”

उनकी फिटनेस निगरानी में रहेगी। वह अक्सर वजन बढ़ाते हुए नजर आते हैं- ये कोई बड़ी बात नहीं है लेकिन ये एक तरीका है जो आजकल गिना जाता है। हालांकि, ये भी सही है कि कुछ आतिशी पारियों के बगैर इन बातों को रोका नहीं जा सकता। रैना कहते हैं, “मैं 12-13 साल से क्रिकेट खेल रहा हूं और कभी भी मेरे ध्यान और दृढ़ता को लेकर सवाल नहीं उठाया गया। मैं क्या कहूं, जब मैं जानता तक नहीं कि ये कोच कौन है। उन्होंने कोई नाम तक नहीं बताया और मैं नहीं जानता कि कौन है ये। कोई भी xyz कुछ भी बोल देगा और उसपर मैं क्या कहूं।”

आपको बीसीसीआई ने सेंट्रल कॉन्ट्रेक्ट्स से बाहर क्यों निकाल दिया?

इस महीने के पहले, बीसीसीआई सेंट्रल कॉन्ट्रेक्टेड खिलाड़ियों की लिस्ट लेकर आई थी और सुरेश रैना को उसमें जगह नहीं मिली। उन्होंने भारत के लिए फरवरी में टी20 मैच खेला था और साधारण तौर पर अगर आप टीम इंडिया के लिए पिछले 6 महीने में खेले हों(जब कॉन्ट्रेक्ट की घोषणा की जाए) तो खिलाड़ी को कम से कम सी ग्रेड में जगह तो जरूर मिलेगी। लेकिन रैना को बिल्कुल जगह नहीं मिली। न ही अभिनव मुकुंद को जगह मिली जिन्होंने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट खेला। रैना कहते हैं, “बीसीसीआई के कॉन्ट्रेक्ट को लेकर जहां तक मेरी समझ जाती है तो अगर पिछले छह महीनों में आपने टीम इंडिया के लिए कोई मैच खेला है तो आपको कम से कम सी ग्रेड में जगह तो जरूर दी जाएगी। और मैं टी20 गेम में खेला था। इसलिए मुझे नहीं पता कि क्या हुआ। मुझे पता नहीं है कि उन्होंने अपने नियम बदल दिए हैं। बहरहाल, मेरा ध्यान टीम इंडिया में वापसी पर है। मैं जानता हूं जब दूसरे खिलाड़ी आते हैं और भारत के लिए अच्छा प्रदर्शन करते हैं। एक क्रिकेटर के तौर पर, ये ऐसा ही होता है। आपको रनों का वजन बढ़ाना होता है और मैं ये जानता हूं। कभी कभार आपको वेटिंग गेम के लिए खेलना होता है, परिस्थिति को भांपना होता है और लगातार लड़ते हुए अच्छा प्रदर्शन करना होता है। मैं वैसा ही करूंगा।”

क्या आपके अंदर कोई कड़वाहट भर गई है? क्या हम एक बार फिर से मुस्कुराहट बिखेरने वाले रैना को मैदान पर देख पाएंगे?

“जाहिर तौर पर, मेरे अंदर कोई कड़वाहट नहीं है। जो लोग ऐसी बातें करते हैं उन्हें भी खुद को शीशे में देखना चाहिए। बोलना आसान है… एसी रूम में बैठकर.. और छोटी- मोटी हेडलाइन बनाने के लिए। मेरा रवैया वैसा ही रहेगा। मैं बैट के साथ हावी होने की कोशिश करूंगा और जब मैदान पर होऊंगा तो सकारात्मकता फैलाने की कोशिश करूंगा। मैं हमेशा टीम के लिए खेलता हूं और एकाएक मैं अपने लिए खेलना नहीं शुरू करने वाला।”

रैना के लिए अच्छी खबर ये है कि वह उस टूर्नामेंट में उतरने वाले हैं जिसमे वह चैंपियन माने जाते हैं। पिछले 10 सालों में वह आईपीएल में एक बड़े खिलाड़ी रहे हैं और हमेशा उपयोगी साबित हुए हैं।