रवीन्द्र जडेजा एक बल्लेबाज के रूप में फेल रहे हैं ऐसे में हरभजन सिंह को आजमाया जा सकता है © AFP
रवीन्द्र जडेजा एक ऑलराउंडर के रूप में फेल रहे हैं ऐसे में हरभजन सिंह को आजमाया जा सकता है © AFP

भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने पहले मैच में हार का सामना करना पड़ा। इस हार ने जीत के रथ पर सवार भारतीय टीम की कई कमियों को उजागर कर दिया। टॉप आर्डर के फेल होने के बाद मिडिल आर्डर में कोई बल्लेबाज जिम्मेदारी नहीं निभा सकी। गेंदबाजों ने हालांकि मैच में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन बहुत से लोगों ने हरभजन सिंह को टीम अंतिम ग्यारह में शामिल करने की वकालत की। हरभजन को टीम में स्थान उसी स्थिति में मिल सकता है जब रवीन्द्र जडेजा या हार्दिक पांड्या को अंतिम ग्यारह से बाहर बैठाया जाए। हार्दिक पांड्या एक ऑलराउंडर के रूप में अच्छा प्रदर्शन कर रहे है तो जडेजा ही ऐसे है जिनके स्थान पर हरभजन को जगह दिया जा सकता है। ALSO READ: टी20 विश्व कप 2016, भारत बनाम पाकिस्तान: टीम इंडिया के संभावित अंतिम 11 खिलाड़ी

जडेजा भारतीय टीम में एक ऑलराउंडर के रूप में खेलते हैं, लेकिन पिछले कुछ समय में उनके प्रदर्शन पर गौर करें तो वो एक गेंदबाज ज्यादा नजर आते हैं और हरभजन किसी भी तरह की क्रिकेट में जडेजा से बेहतर गेंदबाज हैं। इसलिए हरभजन को टीम में शामिल करना एक सही फैसला साबित हो सकता है। अगर साल 2016 में जडेजा के प्रदर्शन को देखा जाए तो जडेजा ने 11 मैचों में 6.64 की इकॉनमी के साथ कुल 12 विकेट चटकाए हैं। गेंदबाजी में उनका प्रदर्शन बहुत बुरा नहीं तो बहुत अच्छा भी नहीं रहा है। अगर बल्ले से जडेजा के प्रदर्शन को देखें तो वो निराश करते हैं। जडेजा ने इन 11 मैचों की 4 पारियों में सिर्फ 7 रन बनाए हैं। इन 4 पारियों में उनका स्ट्राइक रेट 53.84 का है जो टी20 क्रिकेट में जो एक बल्लेबाज की हैसियत रखने वाले खिलाड़ी के लिए बेहद खराब आंकड़ा है। ALSO READ: टी20 विश्व कप 2016, भारत बनाम पाकिस्तान: इन खिलाड़ियों के बीच होगी जबरदस्त टक्कर

बात करें हरभजन सिंह की तो टीम में वापसी के बाद हरभजन ने इस साल ज्यादा वक्त बेंच पर बिताया है। इस साल उन्होने सिर्फ 1 मैच खेला है जिनमें उन्होने किफायती गेंदबाजी करने के अलावा 1 विकेट भी चटकाया था। हरभजन सिंह ने इस साल सिर्फ 1 मैच खेला है इस लिहाज से जडेजा के साथ उनकी तुलना नहीं की जा सकती है। लेकिन अगर जडेजा टीम में एक विशेषज्ञ गेंदबाज की तरह खेल रहे है तो हरभजन सिंह उनसे बेहतर विकल्प हैं। हरभजन एक गेंदबाज के रूप में ज्यादा अनुभवी होने के अलावा एक चतुर गेंदबाज भी हैं। इसके अलावा उनके पास ऑफ स्पिन की हर वेरायटी मौजूद है। इसके अलवा हरभजन का गेंदबाजी औसत भी जडेजा से बेहतर है। तो अगर जडेजा बल्ले से कोई कमाल नहीं दिखा रहे तो अंतिम ग्यारह में हरभजन को मौका दिया जाना चाहिए। लेकिन देखने वाली बात ये होगी कि पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले मुकाबले में हरभजन सिंह की किस्मत रंग लाती है या कप्तान धोनी जडेजा पर ही भरोसा जताते हैं।