तीसरा एशेज टेस्ट आज यानि कि गुरूवार से लीड्स के हेडिंग्ले स्टेडियम में खेला जाएगा। पांच मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे चल रही ऑस्ट्रेलिया टीम के पास सीरीज में मजबूत बढ़त बनाने का मौका है जबकि इंग्लैंड के लिए ये वापसी करने का जरिया है। आज के मैच के कुछ अहम पहलुओं पर नजर डालते हैं।

स्मिथ की गैर मौजूदगी का फायदा उठाना चाहेगा इंग्लैंड

सीरीज में सर्वाधिक रन बनाने वाले ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज स्टीव स्मिथ लॉर्ड्स टेस्ट में हुए कन्कशन की वजह से आज के मैच का हिस्सा नहीं होंगे। अपने प्रमुख खिलाड़ी के बिना ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी क्रम कुछ हद तक कमजोर हो जाएगा, जिसका फायदा इंग्लिश टीम उठा सकती है। वैसे इंग्लैंड टीम भी अपने प्रमुख तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन के बिना खेल रही है लेकिन दूसरे मैच में उनकी जगह खेलने आए जोफ्रा आर्चर ने एंडरसन की कमी काफी हद तक पूरी कर दी।

ऑस्ट्रेलिया की मुश्किलें बढ़ाएंगे ब्रॉड और आर्चर

लॉर्ड्स टेस्ट के प्रदर्शन के बाद तीसरे टेस्ट में आर्चर से और भी ज्यादा अच्छी गेंदबाजी की उम्मीद होगी। कंगारू बल्लेबाज भी इस युवा पेसर के खिलाफ अतिरिक्त सावधानी बरतेंगे (उम्मीद है कि स्टेम गार्ड वाले हेलमेट जरूर पहनेंगे)। इस बीच अनुभवी तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड इंग्लैंड के अटैकिंग गेंदबाज साबित हो सकते हैं। एंडरसन की गैर मौजूदगी में ब्रॉड पेस अटैक की अगुवाई करेंगे और युवा आर्चर की मदद करेंगे।

एक दशक के बाद हेडिंग्ल लौटेगी एशेज सीरीज

आज शुरू होने वाले ये टेस्ट मैच लगभग एक दशक के बाद लीड्स में खेला जाने वाला पहले एशेस टेस्ट होगा। इसी मैदान पर दिग्गज बल्लेबाड सर डॉन ब्रैडमैन ने साल 1930 और फिर 1934 की एशेज सीरीज में तिहरे शतक जड़े थे। हेडिंग्ले ने 1977 में लोकल हीरो जेफ्री बॉयकॉट ने अपने घरेलू मैदान पर 100वां शतक जड़ा था।

इस मैदान पर 1981 में खेली गए एशेज सीरीज के तीसरे टेस्ट मैच में इंग्लैंड ने इयान बॉथम और बॉब विलीस की घातक गेंदबाजी के दम पर शानदार वापसी की थी। हालांकि इंग्लैंड टीम ने हेडिंग्ले में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली आखिरी पांच टेस्ट मैचों में से एक ही जीता है। कप्तान जो रूट पर इस रिकॉर्ड को बदलने की जिम्मेदारी होगी।