Top 4 Memorable last over thrilling IPL Finals, Rajasthan, Mumbai, Hyderabad won
Rohit sharma and Neeta Ambani@IANS

इंडियन प्रीमियर लीग में रविवार को एक सांसे रोक देने वाले फाइनल मुकाबले में चेन्नई पर मुंबई की टीम ने 1 रन की रोमांचक जीत हासिल की। यह मुकाबला टूर्नामेंट के सबसे रोमांचक मुकाबलों में से एक रहा।

चलिए, बताते हैं आईपीएल के ऐसे ही कुछ रोमांचक मुकाबलों के बारे में जहां आखिरी ओवर में हुआ विजेता का फैसला। आईपीएल के पहले सीजन में ही दर्शकों को एक ऐसा फाइनल देखने को मिला, जिसने क्रिकेट फैंस की धड़कनें बढ़ा दी थी।

राजस्थान बनाम चेन्नई 2008 फाइनल (राजस्थान 3 विकेट से जीता)

साल 2008 का फाइनल चेन्नई और राजस्थान के बीच खेला गया था। चेन्नई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 163 रन बनाए थे। लक्ष्य का पीछा करते हुए राजस्थान की टीम ने 3 विकेट से जीत दर्ज की, फैसला आखिरी गेंद पर हुआ था।

राजस्थान को आखिरी छह गेंद पर 8 रन की जरूरत थी। चेन्नई के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने गेंद लक्ष्मीपति बालाजी को थमाई थी। सोहेल तनवीर और शेन वार्न मैदान पर थे। बालाजी ने एक वाइड के साथ पहली पांच गेंद पर 7 रन दिए। आखिरी गेंद पर तनवीर ने 1 रन लेकर राजस्थान को आईपीएल का पहला चैंपियन बना दिया।

मुंबई बनाम पुणे 2017 फाइनल (मुंबई 1 रन से जीती)

साल 2017 के फाइनल में मुंबई ने राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स के सामने 8 विकेट पर महज 129 रन बनाए थे। दूसरी पारी से पहले यह लक्ष्य आसान दिख रहा था लेकिन रोहित की शानदार कप्तानी और मुंबई की गेंदबाजी ने मैच आखिरी ओवर तक पहुंचा दिया। पुणे को अंतिम 6 गेंद पर 11 रन की जरूरत थी।

पढ़ें:- IPL 2019 Final: मुंबई ने रिकॉर्ड चौथी बार खिताब जीत रचा इतिहास

मिशेल जॉ़नसन के सामने मनोज तिवारी और स्टीव स्मिथ की जोड़ी थी। ओवर की पहली गेंद पर तिवारी ने चौका लगाया लेकिन अगली गेंद पर जॉनसन ने उनका विकेट झटक लिया। इसके बाद स्मिथ को भी उन्होंने आउट कर दिया। आखिरी गेंद पर चार रन की जरूरत थी। डेनियल क्रिस्टियन ने शॉट लगाया दो रन पूरा किया लेकिन तीसरा रन पूरा करने से पहले ही वाशिंगटन सुंदर रन आउट हो गए। मुकाबला मुंबई ने 1 रन से जीता और तीसरी बार ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।

मुंबई बनाम चेन्नई 2019 फाइनल (मुंबई 1 रन से जीती)

चेन्नई के सामने मुंबई ने जीत के लिए 150 रन का लक्ष्य रखा था। अंतिम ओवर में जीत के लिए चेन्नई को 9 रन की जरूरत थी। कप्तान रोहित शर्मा ने अनुभवी लसिथ मलिंगा को गेंदबाजी सौंपी। मलिंगा ने पहली पांच गेंद पर 1 विकेट हासिल किया और 6 रन दिए। अंतिम बॉल पर चेन्नई को जीत के लिए दो रन चाहिए थे लेकिन मलिंगा ने शार्दुल ठाकुर को LBW कर मुंबई को 1 रन की रोमांचक जीत दिला दी।

डेक्कन चार्जर्स बनाम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरू 2009 फाइनल (6 रन से जीते चार्जर्स)

भारत के बाहर खेले गए आईपीएल के दूसरे सीजन का फाइनल बैंगलुरू और डेक्कन चार्जर्स की टीम के बीच खेला गया था। चार्जर्स की टीम ने 6 विकेट पर 146 रन बनाए थे। इस मैच का फैसला भी आखिरी गेंद पर हुआ था। अंतिम ओवर में 6 गेंद पर बैंगलुरू को 15 रन बनाने थे। गेंदबाजी करने आए आरपी सिंह के सामने अनिल कुंबले और रॉबिन उथप्पा की जोड़ी थी। आरपी ने सिर्फ 8 रन दिए और 6 रन से मुकाबला जीतकर टीम को पहली ट्रॉफी दिलाई।

कोलकाता बनाम चेन्नई 2012 फाइनल (कोलकाता 5 विकेट से जीती)

साल 2012 का फाइनल मुकाबला भी बेहद ही रोमांचक था। मैच में चेन्नई ने कोलकाता के सामने 191 रन का लक्ष्य रखा था। 19 ओवर के बाद कोलकाता की टीम ने बनाए थे 182 रन और अंतिम 6 गेंद पर उसे चाहिए थे 9 रन। चेन्नई के कप्तान धोनी के सबसे भरोसेमंद ड्वेन ब्रावो के हाथों में गेंद थी। पहली दो गेंद पर दो रन बने और उसके बाद मनोज तिवारी ने दो लगातार चौके लगाते हुए कोलकाता को चैंपियन बना दिया था।