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वनडे क्रिकेट में अक्सर ये देखा गया है कि नंबर दो पोजीशन पर अनुभवी बल्लेबाजों को बैटिंग के लिए भेजा जाता है। भारतीय टीम में चाहे वो वीरेंद्र सहवाग के साथ नॉन स्ट्राइकिंग छोर पर सचिन को भेजने की बात हो या गौतम गंभीर के साथ नॉन स्ट्राइकिंग छोर पर अनुभवी वीरेंद्र सहवाग को भेजने की। या फिर विदेशी टीम में एडम गिलक्रिस्ट के साथ अनुभवी मार्क वॉ। हर समय कप्तानों ने इस कॉम्बिनेशन को तरजीत दी है ताकि विपक्षी गेंदबाजों पर अनुभव और जोश का मिश्रण एक साथ उड़ेला जा सके। पिछले दो दशकों में कई ‘नंबर दो’ बल्लेबाजों ने क्रिकेट पटल पर अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई है। लेकिन इस बीच सवाल उठता है कि नंबर दो पर बल्लेबाजी करने वाले सबसे श्रेष्ठ 5 बल्लेबाज कौन है। आज हमने इसी की तफ्तीश की है। तो आइए नजर डालते हैं।

नोट: हमने इस सूची में उन्हीं क्रिकेटरों को सम्मिलित किया है जिन्होंने कम से कम 50 पारियों में बतौर ‘नंबर 2 बल्लेबाज’ बल्लेबाजी की हो।

1. सचिन तेंदुलकर: भारतीय क्रिकेट टीम के क्रिकेट किवदंती सचिन तेंदुलकर नंबर दो पर बल्लेबाजी करते हुए खासे सफल हुए हैं। सचिन ने साल 1994 से 2012 के बीच दूसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 50.31 की औसत से 13,685 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने कुल 43 शतक और 66 अर्धशतक जमाए हैं। सचिन का इस बैटिंग पोजीशन पर स्ट्राइक रेट भी 88.71 का रहा है। साथ ही ग्वालियर में 200* रनों की नाबाद पारी भी उन्होंने इसी पोजीशन पर बल्लेबाजी करते हुए खेली थी। सचिन ने इस पोजीशन पर कुल 293 मैच खेले हैं। गौर करने वाली बात है कि सचिन ने अपने करियर कुल 155 छक्के इसी बैटिंग पोजीशन पर जमाएं हैं। इससे ये साफ होता है कि सचिन की बैटिंग का राज नंबर 2 पोजीशन ही है। नंबर दो पोजीशन के अलावा सचिन अगर किसी पोजीशन पर सफल हुए हैं तो वह नंबर 6 पोजीशन है जिस पर बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने 49.33 की औसत से रन बनाए हैं।

2. हाशिम अमला: दक्षिण अफ्रीका के बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक हाशिम अमला ने पिछले कुछ समय में ही रनों का अंबार लगा दिया है। वर्तमान में वह दक्षिण अफ्रीका के लिए वनडे में नंबर 2 पर बल्लेबाजी करते नजर आते हैं। नंबर दो बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने अब तक कुल 56 मैच खेले हैं जिनमें उन्होंने 49.03 की औसत से 2,501 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका सर्वोच्च स्कोर 150 का रहा है। साथ ही स्ट्राइक रेट 89.22 का रहा है। इस पोजीशन पर बल्लेबाजी करते हुए अमला अब तक कुल 9 शतक और 9 अर्धशतक जड़ चुके हैं। वैसे अमला नंबर दो से ज्यादा नंबर एक पोजीशन पर सफल रहे हैं। नंबर एक पोजीशन पर बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने 75 मैच खेले हैं जिनमें उन्होंने 55.12 की औसत से 4,374 रन बनाए हैं जिनमें उनके नाम 14 शतक और 21 अर्धशतक हैं। लेकिन अभी हम बात नंबर दो पोजीशन की कर रहे हैं और वर्तमान आंकड़ों के आधार पर वह दूसरे नंबर पर हैं।

3. सौरव गांगुली: पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली भी नंबर दो पर बल्लेबाजी करते हुए वनडे क्रिकेट में खासे सफल हुए हैं। गांगुली ने साल 1997 से 2007 तक दूसरे क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए कुल 76 मैच खेले जिनमें उन्होंने 48.94 की औसत से 3,475 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 9 शतक जड़े साथ ही 21 अर्धशतक भी जड़े। इस बैटिंग पोजीशन पर ही सौरव गांगुली मे अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 183 श्रीलंका के खिलाफ साल 1999 में किया था। हालांकि गांगुली इस पोजीशन उतने छक्के लगाने में कामयाब नहीं हुए हैं जितने कि उन्होंने नंबर एक पोजीशन पर बल्लेबाजी करते हुए जमाए हैं। नंबर दो बल्लेबाजी करते हुए जहां उन्होंने 51 छक्के जमाए हैं वहीं नंबर एक पर बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने 88 छक्के जमाए हैं। गांगुली ने साल 2007 में ही वनडे इंटरनेशनल से संन्यास ले लिया था।

4. मैथ्यू हेडेन: ऑस्ट्रेलिया के मैथ्यू हेडेन ने वैसे तो 1993 में ही क्रिकेट में पर्दापण कर लिया था लेकिन टीम में जगह उन्हें साल 2000 से मिलनी ही शुरू हुई। हेडेन ने वनडे में ज्यादातर मौकों पर नंबर दो बल्लेबाज के रूप में बल्लेबाजी की और इस दौरान खासे सफल रहे। हेडेन ने अपने करियर में नंबर दो पोजीशन पर कुल 127 मैचों में बल्लेबाजी की। इस दौरान उन्होंने 45.22 की औसत से 5156 रन बनाए। हेडेन का इस दौरान सर्वोच्च स्कोर 158 रन रहा साथ ही इसी पोजीशन पर उन्होंने अपने वनडे करियर के 9 शतक और 29 अर्धशतक जमाए। हेडेन ने इसी पोजीशन पर रहते हुए 72 छक्के भी जड़े। मैथ्यू हेडेन ने कुल 7 सालों तक एडम गिलक्रिस्ट के साथ ओपनिंग की और इस दौरान इन दोनों ने ओपनिंग बल्लेबाजी के कई कीर्तिमानों को अपने नाम किया। गौरतलब है कि मैथ्यू हेडेन साल 2007 विश्व कप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे थे।

5. तिलकरत्ने दिलशान: तिलकरत्ने दिलशान ने भले ही अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। लेकिन इसमें कोई गुरेज नहीं है कि कि वे सदी के बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक हैं जिन्होंने श्रीलंका क्रिकेट को सहेजने में एक अभिन्न योगदान दिया। दिलशान दूसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए भी खासे सफल रहे हैं। उन्होंने दूसरे नंबर पर बल्लेबाजी कुल 149 मैचों में की। इस दौरान उन्होंने 45.15 की औसत से 6,141 रन बनाए। साथ ही उनका स्ट्राइक रेट भी इस दौरान 88.08 का रहा। दिलशान ने इस पोजीशन पर बल्लेबाजी साल 2009 से 2016 के बाद ही की। दिलशान ने अपने करियर की शुरुआत में बल्लेबाजी छठवें नंबर पर ज्यादा की। दिलशान ने साल 1999 से 2008 तक नंबर 6 पर बल्लेबाजी की थी लेकिन इस दौरान उनका बल्लेबाजी औसत सिर्फ 28 का था जो ओपनिंग बल्लेबाज बनते ही एकदम से बदल गया। दूसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए दिलशान ने 18 शतक जड़े हैं।