सचिन ने गांगुली और सहवाग दोनों के साथ पारी की शुरूआत करते हुए सफल जोड़ी बनाई © AFP
सचिन ने गांगुली और सहवाग दोनों के साथ पारी की शुरूआत करते हुए सफल जोड़ी बनाई © AFP

क्रिकेट में अगर अच्छी शुरूआत मिल जाती है तो आने वाले बल्लेबाजों का काम काफी हद तक सरल हो जाता है। अच्छी शुरूआत की जिम्मेदारी ओपनिंग बल्लेबाजों के ऊपर होती है। ये चर्चा आम है कि क्रिकेट की सबसे अच्छी ओपनिंग जोड़ी कौन सी है। अगर बात करें वनडे क्रिकेट की तो हेडेन-गिलक्रिस्ट, सचिन-सहवाग, मार्क वॉ-गिलक्रिस्ट ऐसी जोड़ियों में हैं, जिन्होंने अपने खेल के सामंजस्य से लोगों के दिलों में जगह बनाई। इन खिलाड़ियों ने अपनी टीम को ना जाने कितने मौकों पर अच्छी शुरूआत देकर टीम की जीत में अपना योगदान दिया। तो आइये जानते है रन बनाने के आधार पर वनडे क्रिकेट की 5 सबसे सफल जोड़ियां कौन सी हैं।

5. मार्क वॉ- एडम गिलक्रिस्ट(ऑस्ट्रेलिया)

मार्क वॉ ने वनडे में गिलक्रिस्ट ने ऑस्ट्रेलिया के गोल्डेन पीरियड की शुरूआत की थी © Getty Images
मार्क वॉ ने वनडे में गिलक्रिस्ट ने ऑस्ट्रेलिया के गोल्डेन पीरियड की शुरूआत की थी © Getty Images

ऑस्ट्रेलियाई गोल्डेन पीरियड की शुरूआत इन दोनों ओपनिंग बल्लेबाजों ने की। 1998 में बनी इस जोड़ी ने एक साथ बल्लेबाजी करना शुरू किया और 2002 तक ये हर विरोधी टीम के लिए चुनौती बने रहे। लेफ्ट हैंड राइट हैंड कंबीनेशन वाली इस जोड़ी में दोनों बल्लेबाज एक दूसरे से बिल्कुल अलग थे, एडम गिलक्रिस्ट जहां हर गेंद को स्टैंड दिखाना चाहते थे, वही मार्क वॉ पारी को आगे बढ़ाकर टीम को जीत की मंजिल तक पहुंचाने वाले बल्लेबाज थे। इन दोनों की जोड़ी ने पाकिस्तान के खिलाफ 1999 विश्व कप फाइनल में अकरम और अख्तर जैसे गेंदबाजों के सामने 10 ओवर में 75 रन जोड़ कर ऑस्ट्रेलिया को विश्व कप जीतने में अहम रोल निभाया। मार्क वॉ 1999 विश्व कप के चौथे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी भी रहे। इन दोनों बल्लेबाजों ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 93 पारियों में टीम की शुरूआत करते हुए 41.43 की औसत से 3853 रन बनाए, दोनों ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 8 शतकीय और 20 अर्धशतकीय साझेदारी निभाई।

4.सचिन तेंदुलकर- वीरेन्द्र सहवाग (भारत)

सचिन के साथ सहवाग की जोड़ी भारत की दूसरी सबसे सफल ओपनिंग जोड़ी है © Getty Images
सचिन के साथ सहवाग की जोड़ी भारत की दूसरी सबसे सफल ओपनिंग जोड़ी है © Getty Images

2002 से 2012 तक जब भी जोड़ी मैदान में उतरी विपक्षी गेंदबाज खौफ खाते रहे। आक्रमकता और संयम के इस मिश्रण ने टीम इंडिया को 2011 विश्व कप जीतने भी अहम योगदान दिया। सचिन तेंदुलकर– वीरेंद्र सहवाग  की जोड़ी में आक्रामक खेल की जिम्मेदारी सहवाग ने निभाई तो पारी को संवारने की जिम्मेदारी सचिन ने खुद के कंधों पर ली। दाएं हाथ की ये सलामी जोड़ी में जब भी दोनों ने आक्रामक खेल खेला क्रिकेट में विस्फोटकता अपने चरम पर रही। विश्व कप 2003 में पाकिस्तान के खिलाफ शोएब अख्तर और वकार युनुस पर दोनों के लगाए छक्के कौन भूल सकता है। सचिन विश्व कप 2011 के दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे तो सहवाग ने इस सूची में सातवें नंबर पर रहते हुए भारत को विश्व कप जीताने में मुख्य भूमिका निभाई। सहवाग-सचिन की जोड़ी भारत के लिए 93 पारियों में सलामी बल्लेबाज के रूप में उतरी, इन दोनों ने 42.13 की औसत से 12 शतकीय और 18 अर्धशतकीय साझेदारी समेत कुल 3919 रन बनाए। दोनों के बीच 183 रन की साझेदारी उच्चतम रही।

3. डेसमंड हेंस- गॉर्डन ग्रीनिज(वेस्टइंडीज):

वेस्टइंडीज की सफलता में हेंस और ग्रीनिज का योगदान भुलाया नहीं जा सकता © Getty Images
                                वेस्टइंडीज की सफलता में हेंस और ग्रीनिज का योगदान भुलाया नहीं जा सकता © Getty Images

वेस्टइंडीज की ये सलामी जोड़ी 1979-91 तक हर विरोधी टीम की सबसे बड़ी समस्या रही। इनके बारे में एक कहावत मशहूर थी ‘Gods who opened for team of gods’। इन दोनों को शुरूआत में आउट करना तेंज गेंदबाजों के लिए सपने जैसा बन गया था। औसत की दृष्टि से ये जोड़ी वनडे क्रिकेट की बेस्ट सलामी जोड़ी है। डेसमंड हेंस– गॉर्डन ग्रीनिज की जोड़ी ने वेस्टइंडीज के सुनहरे दौर में बल्ले से चमक दिखाई, हेंस-ग्रीनिज की इस जोड़ी ने 102 पारियों में 52.55 की औसत से 5150 रन बनाए। इन दोनों ने 15 शतकीय और 24 अर्धशतकीय साझेदारियां निभाई। इस जोड़ी ने विश्व के हर कोने में जाकर रन बनाएं, दोनों ने 15 शतकीय साझेदारियों में 13 शतकीय साझेदारियां घरेलू मैदान से बाहर बनाई। हेंस-ग्रीनिज की जोड़ी ना सिर्फ वनडे बल्कि टेस्ट क्रिकेट की सर्वश्रेष्ठ जोड़ियों में गिनी जाती हैं।

2. एडम गिलक्रिस्ट-मैथ्यू हेडेन (ऑस्ट्रेलिया):

गिलक्रिस्ट ने पहले मार्क वॉ और उसके बाद मैथ्यू हेडेन के साथ वनडे क्रिकेट में पारी की शुरूआत की © Getty Images
                                    गिलक्रिस्ट और हेडेन की जोड़ी सबसे खतरनाक ओपनिंग जोड़ी मानी जाती है © Getty Images

क्रिकेट में पावर हिटिंग की बात आते ही गिलक्रिस्ट और हेडेन की जोड़ी का ख्याल जेहन में आता है। बाएं हाथ के ये दोनों सलामी बल्लेबाज विपक्षी गेंदबाजी को तहस नहस करने में यकीन रखते थे इनमें भी गिलक्रिस्ट तो पहली गेंद से गेंदबाज के मनोबल को चकनाचूर करने के लिए जाने जाते है। मार्क वॉ के रिटायरमेंट के बाद ऑस्ट्रेलिया ने गिलक्रिस्ट के जोड़ीदार के रूप में हेडेन को आजमाया गया बाकि इतिहास है। हेडेन-गिलक्रिस्ट की जोड़ी ने ऑस्ट्रेलिया को 2003 और 2007 विश्व कप जीताने में खास भूमिका निभाई। 2003 फाइनल में इन दोनों ने तेजी से 100 रन की साझेदारी निभा कर पोटिंग और मार्टिन के लिए प्लेटफार्म तैयार किया तो 2007 विश्व कप फाइनल में गिलक्रिस्ट का शानदार शतक कौन भूल सकता है, गिलक्रिस्ट-हेडेन की जोड़ी ने मैच में पहले विकेट के लिए 172 रन की साझेदारी की थी। दोनों ने 114 पारियों में सलामी बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया के लिए 48.39 की औसत से 5372 रन बनाए। दोनों ने साथ में 16 शतकीय और 29 अर्धशतकीय साझेदारी निभाई।

1. सचिन तेंदुलकर- सौरव गांगुली (भारत):

सचिन-गांगुली की जोड़ी वनडे क्रिकेट वनडे क्रिकेट मेंं सबसे ज्यादा रन बनाने वाली जोड़ी है © Getty Images
                                 सचिन-गांगुली की जोड़ी वनडे क्रिकेट मेंं सबसे ज्यादा रन बनाने वाली जोड़ी है © Getty Images

बेस्ट ओपनर की लिस्ट में सबसे ऊपर सचिन-गांगुली की सलामी जोड़ी है। इस जोड़ी ने के दोनों बल्लेबाजों को क्रिकेट में गॉड की उपाधि हासिल है एक को क्रिकेट की दुनिया में ‘क्रिकेट का भगवान’ माना जाता है तो दूसरे को दुनिया ‘गॉड ऑफ साइड’ के नाम से जानती है। इस जोड़ी को पहली बार 23 जनवरी 1997 को आजमाया गया। इस मैच में सचिन ने शून्य रन बनाए जबकि सौरव गांगुली ने 40 रन की पारी खेली। लेफ्ट- राइट हैंड कंबीनेशन पर आधारित ये जोड़ी हर लिहाज से वनडे क्रिकेट की बेस्ट ओपनिंग जोड़ी है। दोनों भारत के लिए 136 बार बतौर सलामी बल्लेबाज एक साथ मैदान पर उतरे दोनों ने 49.32 के शानदार औसत से 6609 रन बनाएं। इस जोड़ी के नाम सबसे ज्यादा 21 शतकीय साझेदारी का रिकॉर्ड है। 21 शतकीय साझेदारियों के अलावा दोनों ने 23 अर्धशतकीय साझेदारियां भी बनाई। ये जोड़ी घरेलू और विदेशी धरती पर समान रुप से सफल रही।