युवराज सिंह © Getty Images
युवराज सिंह © Getty Images

लगभग 17 साल तक अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट जगत में सक्रिय रहे युवराज सिंह ने आज संन्यास का ऐलान कर दिया है। विश्व कप 2011 में भारत की खिताबी जीत के नायक रहे युवराज सिंह अपने करियर की शुरुआत में निचले मध्यक्रम में बल्लेबाजी करने आते थे। यह बल्लेबाजी क्रम उन्हें सबसे ज्यादा भाया और उन्होंने कई मौकों पर इसी क्रम में बेहतरीन बल्लेबाजी का मुजाहिरा पेश किया।

चूंकि उस समय युवराज भारतीय टीम के सबसे बड़े हिटर बल्लेबाज थे इसलिए सौरव गांगुली ने निचले मध्यक्रम में भेजकर तुरुप के पत्ते की तरह इस्तेमाल करते थे। युवराज सिंह ने एक बार इन्हीं तीखे तेवरों का इस्तेमाल ऑस्ट्रेलिया के मध्यम गति के तेज गेंदबाज इयान हार्वे पर किया और चौको व छक्कों की झड़ी लगा दी।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए वीबी सीरीज के इस मैच में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की बल्लेबाजी शुरु में ही डगमगाने लगी और 80 रनों पर 3 विकेट गिर गए। बावजूद इसके तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए वीवीएस लक्ष्मण धैर्य से बल्लेबाजी करते नजर आए।

तीसरा विकेट गिरने के बाद युवराज सिंह बल्लेबाजी करने के लिए आए। जब युवराज सिंह बल्लेबाजी के लिए आए थे तब लक्ष्मण अर्धशतक लगाकर बल्लेबाजी कर रहे थे। लेकिन युवराज सिंह ने बीच के ओवरों में तूफानी बल्लेबाजी की और लक्ष्मण के पहले अपने शतक को पूरा कर लिया। अब आया पारी का 49वां ओवर। इस ओवर को फेंकने के लिए ऑस्ट्रेलिया के मध्यम तेज गति के गेंदबाज इयान हार्वे आए।

भारतीय बल्लेबाज इन दो ओवरों में ज्यादा से ज्यादा रन बटोरना चाहते थे। युवराज भी पूरे मूड में नजर आ रहे थे। युवराज ने हार्वे का स्वागत उनके ओवर की तीसरी गेंद से करना शुरू किया। हार्वे ने ओवर की तीसरी गेंद शॉर्ट डाली। युवराज ने छोटी गेंद का भरपूर लाभ उठाया और गेंद को मिड विकेट के ऊपर से खूबसूरती से पुल करते हुए 6 रनों के लिए बाउंड्री लाइन के बाहर पहुंचाया।

अगली गेंद पर फिर से हार्वे ने गलती की और पूरे तरह से मूड में दिख रहे युवराज सिंह को फुल टॉस डाल दी। युवराज ने खूबसूरत लॉफ्टेड शॉट खेलते हुए गेंद को 4 रनों के लिए सीमा रेखा के बाहर पहुंचाया। उस सीरीज में हार्वे ने अपनी मीडियम पेस गेंदों से विपक्षी बल्लेबाजों को खूब छकाया था, लेकिन युवराज सिंह जिस तरह उन्हें इस मैच में खेल रहे थे उसने हार्वे के उत्साह को चूर-चूर कर दिया था।

युवराज को रोकने के लिए उन्होंने अगली गेंद को गुडलेंथ पर पटका लेकिन युवराज अब रुकने वाले नहीं थे और उन्होंने एक बार फिर से गेंद को हवा में खेला और गेंद सीमा रेखा के बाहर 4 रन के लिए गई। इस तरह हार्वे अपनी पांच गेंदों पर 16 रन लुटा चुके थे। हार्वे ने अगली गेंद यार्कर करने का प्रयास किया, लेकिन गेंद ओवरपिच बन गई और एक बार फिर से युवराज को मौका मिल गया। युवराज ने फिर से गेंद को सीमा रेखा के बाहर 6 रन के लिए पहुंचाया। इस तरह युवराज ने हार्वे के एक ओवर में 22 रन बटोरे। युवराज ने इस मैच में 122 गेंदों में 139 रनों की पारी खेली। इसके अलावा वीवीएस लक्ष्मण ने 106 रन बनाए। युवराज की इस धमाकेदार बल्लेबाजी को शायद ही हार्वे कभी भूल पाए हों।