विराट कोहली की पांच बेहतरीन पारियां जिन्हें सराहना नहीं मिली
फोटो साभार: www.cricketcountry.com

भारतीय क्रिकेट टीम के आसाधारण बल्लेबाजों में अपने आपको शुमार कर चुके विराट कोहली जब मैदान पर बल्लेबाजी करने के लिए आते हैं तो कमेंटेटर उनकी तारीफों के जमकर पुल बांधते हैं। जाहिर है कि विराट अब हर क्रिकेटप्रेमियों के दिलों में धड़कते हैं और उनके हर शॉट को देखकर दर्शक झूम उठते हैं। लेकिन जब विराट शुरुआत में भारतीय टीम में आए थे तो ऐसा नहीं था और यही कारण रहा कि विराट ने कई मौकों पर अच्छी पारी खेलकर भारतीय टीम को जीत तो दिलाई, लेकिन उनके योगदान को अनदेखा कर दिया गया। आज हम ऐसी ही पांच विराट कोहली की पारियों से आपको रूबरू कराते हैं।

1. विश्व कप 2011 फाइनल में कोहली का दम: विश्व कप साल 2011 के फाइनल में भारत- श्रीलंका की टीमें आमने- सामने थीं। पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका टीम ने जयवर्धने के शतक(103) की बदौलत 274 रनों का स्कोर खड़ा किया। जवाब में बल्लेबाजी करने की उतरी भारतीय टीम ने अपने शुरुआती दो विकेट 31 रनों पर गंवा दिए। ऐसे में भारतीय टीम इस महत्वपूर्ण मैच में औंधे मुंह गिरते नजर आ रही थी। 

लेकिन इस बीच बल्लेबाजी करने आए विराट कोहली(35) ने तीसरे विकेट के लिए गौतम गंभीर के साथ मिलकर 83 रनों की साझेदारी निभाई और भारतीय टीम को संकट से निकाला। यही साझेदारी भारतीय टीम के लिए सहारा साबित हुई और भारत ने विश्व कप का फाइनल 6 विकेट से जीत लिया। कोहली की यह पारी भारत की जीत में मजबूत नींव का काम कर गई। लेकिन इसके बावजूद धोनी की 91 रनों की पारी और गौतम गंभीर की 97 रनों की पारी के आगे उनकी पारी को तवज्जो नहीं मिली।

2. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विराट कोहली का शो:

Virat Kohli 5 underrated ODIs inning
फोटो साभार: sports.ndtv.com

साल 2011 में दक्षिण अफ्रीका दौरे पर गई टीम इंडिया को अपने पहले ही वनडे मैच में 135 रनों से हार का सामना करना पड़ा। हर तरफ इस मैच के बाद भारत की बिखरती हुई बैटिंग लाइनअप की बातें हो रही थीं। लेकिन इस बीच विराट कोहली ही एकमात्र बल्लेबाज रहे जिन्होंने दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों के आगे हथियार नहीं डाले और भारतीय टीम की ओर से सर्वाधिक 54 रन बनाए। चूंकि, यह मैच भारत हार गया इसकी वजह से विराट की इस बेहतरीन पारी को भुला दिया गया।

3. विराट कोहली बनाम वेस्टइंडीज:

Virat Kohli 5 underrated ODIs inning
फोटो साभार: indianexpress.com

यह बात साल 2009 चैपियंस ट्रॉफी की है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच मैच खेला जा रहा था। वेस्टइंडीज टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 36 ओवरों में 129 रनों पर ऑलआउट हो गई। जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने महज 12 रनों पर अपने 2 विकेट गंवा दिए थे और ऐसे में अब भारतीय टीम पर संकट के बादल मंडराते नजर आ रहे थे।

इस विपरीत परिस्थिति में बल्लेबाजी करने आए विराट कोहली ने तीसरे विकेट के लिए दिनेश कार्तिक(34) के साथ 92 रनों की साझेदारी की और भारतीय पारी को संकट से उबारा। इस मैच में विराट अंत तक 79 रन बनाकर नाबाद रहे और अंततः टीम इंडिया ने यह मैच 7 विकेट से जीत लिया। कोहली को इस मैच में मैन ऑफ द मैच भी मिला, लेकिन इसके बावजूद गेंदबाजों की प्रशंसा के आगे विराट को कोई सराहना नहीं मिली।

4. विराट का श्रीलंकाई गेंदबाजों को करारा जवाब:

Virat Kohli 5 underrated ODIs inning
फोटो साभार: indianexpress.com

यह क्रिकेट का वह दौर था जब श्रीलंका के अजंथा मेंडिस अपने चरम पर थे और विराट अभी अपना चौथा वनडे ही खेल रहे थे। 27 अगस्त 2008 को खेले गए इस वनडे मैच में कप्तान धोनी ने कोहली को गंभीर के साथ ओपन करने के लिए भेज दिया। एक समय भारत ने 51 रनों पर दो विकेट गंवा दिए थे।

लेकिन कोहली ने बिल्कुल भी निराश नहीं किया और शानदार 54 रनों की पारी खेली। मध्यक्रम में सुरेश रैना ने 76 और कप्तान धोनी ने 71 रन बनाए और भारतीय टीम ने 50 ओवरों में स्कोरबोर्ड पर 258 टांग दिए। अंततः भारतीय टीम यह मैच 46 रनों से जीत गई। लेकिन धोनी और रैना की पारियों के आगे विराट कोहली की इस पारी की कोई चर्चा नहीं हुई।

5. विराट कोहली का इंग्लैंड के खिलाफ कमाल:

Virat Kohli 5 underrated ODIs inning
फोटो साभार: www.tensports.com

साल 2013 चैपिंयंस ट्रॉफी के फाइनल मैच में इंग्लैंड और भारत भिड़े। वर्षाबाधित इस मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। लेकिन भारत ने जल्दी- जल्दी अपने विकेट गंवाना शुरू किए और आलम ये था कि भारतीय टीम 66/4 के स्कोर पर अटक गई।

यह मैच वर्षा के कारण 20 ओवरों का कर दिया गया था ऐसे में मैच जीतने के लिए स्कोरबोर्ड पर एक सम्मानजनक स्कोर होना जरूरी था। ऐसी विपरीत परिस्थिति में विराट कोहली ने 43 रनों की बेहतरीन पारी खेली और भारत को 20 ओवरों में 129 के स्कोर तक पहुंचाया। अंततः भारत ने यह मैच 5 विकेट से जीत लिया। बाद में इस मैच में भारतीय गेंदबाजों को खूब सराहा गया, लेकिन कोहली की इस अमूल्य पारी को किसी ने नहीं सराहा।