Devbrat Bajpai
देवब्रत वाजपेयी क्रिकेटकंट्री हिंदी के साथ senior correspondent के पद पर कार्यरत हैं
Written by Devbrat Bajpai
Last Updated on - November 15, 2016 4:19 PM IST


वानिथा वीआर भारतीय महिला क्रिकेट हैं और महिला क्रिकेट में एक उभरती हुईं सितारा हैं। उन्होंने हाल ही में एक साक्षात्कार में अपने क्रिकेट के संबंध में क्रिकेटकंट्री से एक्सक्लूजिव बातचीत की। वानिथा अब तक कुल 6 वनडे और 14 टी 20 मैच खेल चुकी हैं।
क्रिकेटकंट्री(सीसी): आपने स्पोर्ट्स में अपनी यात्रा कैसे शुरू की? आपने इस दौरान कौन सी चुनौतियों का सामना किया?
वानिथा: मैंने क्रिकेट तब से खेलना शुरू किया जब मैं 11 साल की थी। इस दौरान मैं केरल इंस्टीट्यूट के लिए क्रिकेट खेली। मुझे याद है कि मेरे पिता मुझे कैंप ले जाते थे और यह मेरे लिए आश्चर्य से कम नहीं होता था। पहले मुझे पता नहीं था कि महिलाएं क्रिकेट खेलती हैं व महिला क्रिकेट का भी कोई अस्तित्व है। दूसरी बात, आप जानते हैं कि हर स्पोर्ट्सपर्सन का अपना संघर्ष होता है वैसे ही मेरा संघर्ष भी रहा। शुरू में मैं स्पोर्ट्स खेलने में बहुत आनाकानी करती थी और इन चुनौतियों का सामना करके मैं सोचती थी कि मैंने क्यों इसे अपना करियर बनाया। लेकिन जब साल बीत गए, मैंने एक बात समझी कि आप जिंदगी में बिना संघर्ष के कुछ भी प्राप्त नहीं कर सकते। इसके बाद मैं मजबूत और दृढ़ बन गई।
क्रिकेटकंट्री(सीसी): आपके मुताबिक, इस समय, ऐसा क्या किया जाना चाहिए कि महिला क्रिकेट अगले स्तर पर पहुंचे:
वानिथा: वर्तमान में, बोर्ड हमारे लिए बहुत सी चीजें कर रहा है। टीवी में मैच दिखाए जाने से हमें लोगों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। अगर मैच को टीवी में दिखाया जाने लगेगा तो बहुत से लोग महिला क्रिकेट को फॉलो करना शुरू कर देंगे। क्योंकि भारत में बहुत से क्रिकेट देखने वाले हैं लेकिन जानकारी का आभाव है। और आपको पता है कि लोगों ने आजकल ट्विटर पर और बीसीसीआई वेबसाइट पर हमारा स्कोर फॉलो करना शुरू कर दिया है। लेकिन जब महिला क्रिकेट का लाइव टेलीकास्ट होने लगेगा तो बहुत कुछ अच्छा हो जाएगा महिला क्रिकेट के लिए।
क्रिकेटकंट्री(सीसी): ऐसे कौन से मुख्य परिवर्तन हुए हैं जब से बीसीसीआई ने महिला क्रिकेट एसोसिएशन को प्रतिस्थापित किया है?
वानिथा: देखिए, परिवर्तन पिछले कुछ समय में धीरे- धीरे हुए हैं। यह वैसा नहीं है कि एक रात में ही हो गया है। जैसा कि अब अनुबंध हो चुका है इसलिए मैं अपने आपको प्रोफेशनल क्रिकेटर कह सकती हूं। बतौर क्रिकेटर मैंने बहुत सी चीजों का त्याग किया है। लेकिन अब, मैं अकेले क्रिकेट पर ध्यान दे सकती हूं क्योंकि मुझे अब आर्थिक मदद मिल रही है। यह एक लाभ है जो हमें बीसीसीआई के आने से मिला है। साथ ही हमें अब बेहतर विकेट और बेहतर स्टेडियम में खेलने का मौका मिल रहा है।
क्रिकेटकंट्री(सीसी): आपने अपनी शिक्षा के बारे उल्लेख किया था, क्या आप वकील हैं?
वनीथा: जी हां, ये बात सही है। मेरे कुछ कोर्सेस बचे हैं और उसके बाद मुझे मेरी डिग्री मिल जाएगी। लेकिन मुझे क्रिकेट प्रतिबद्धताओं के कारण थी समय का इंतजार करना पड़ेगा।
क्रिकेटकंट्री(सीसी): पढ़ाई के साथ- साथ आपने क्रिकेट खेलना शुरू की, क्या आपके माता- पिता आपको समर्थन देते थे? या वे चाहते थे कि आप वकील बनें?
वानिथा: ईमानदारी से कहूं तो मेरे माता- पिता ने मेरा बहुत समर्थन किया है। मैं कह सकती हूं कि वे मेरे लिए बेहतरीन रहे हैं। हां, पहले उन्होंने मुझे क्रिकेट से ब्रेक लेने की सलाह दी थी क्योंकि मेरे ग्रेड खराब आए थे। क्योंकि मैं क्लासेस बंक करने लगी थी। उस समय वे बहुत चिंता में थे जैसे हर माता- पिता होते हैं। लेकिन उन्होंने हमेशा मेरा साथ दिया। वह मेरे पर शादी करने को भी दबाव नहीं बना रहे हैं। जैसा कि आप जानते हैं कि भारत में एक ऐसा माइंडसेट है कि महिला को एक निश्चित उम्र के बाद शादी करनी होती है। मेरे माता- पिता ने मुझे वे निर्णय लेने दिए और मुझे अपने सपनों को साकार करने के छोड़ दिया।
क्रिकेटकंट्री(सीसी): आपका अब तक मैदान पर सबसे यादगार पल कौन सा रहा है?
वानिथा: दरअसल, बहुत से पल हैं जो बात करने लायक हैं। हाल ही में संपन्न हुई टी20 सीरीज में, मुझे सिडनी में बैटिंग करके बहुत मजा आया। हालांकि, मैं सिर्फ 28 रन ही बना सकी। चुनौती बहुत बढ़िया थी। नंबर एक टीम के खिलाफ खेलकर मुझे बहुत मजा आया। और फिर वो इंग्लैंड में कैच जो मैंने बाईं ओर डाइव करते हुए मुकम्मल किया था। जितने भी कैच मैंने अब तक लिए हैं उनमें से सबसे बेहतर कैच यही है। यही छोटी- छोटी चीजें हैं जो मुझे पसंद हैं और मैं हर मैच के साथ बेहतर करना चाहती हूं। और साथ ही वर्ल्डकप में बांग्लादेश के खिलाफ पहला मैच मेरे लिए अच्छी शुरुआत थी। उस पारी के बाद लोग मुझे पहचानने लगे कि वनिथा कौन है। यह जानकर अच्छा लगता है।
क्रिकेटकंट्री(सीसी): क्या आप अपनी केओआईसी में अपनी यात्रा और कोच इरफान सैट के अंडर कोचिंग के अनुभव के बारे में बता सकती हैं?
वानिथा: जबसे मैंने खेलना शुरू किया है तबसे वह मेरे मेंटर और कोच रहे हैं। वह हमेशा मेरी मदद के लिए तत्पर रहे हैं। चाहे यह सुबह का 6 बज रहा हो या रात का 9 बज रहा हो। वह हमेशा वहां रहेंगे। आपको उन्हें बस ये कहने की जरूरत है कि मैं रास्ते में हूं। आज जहां महिला क्रिकेट है वहां उसे पहुंचाने में उनका किरदार अहम है।
क्रिकेटकंट्री(सीसी): क्या किसी खिलाड़ी से आपको प्रेरणआ मिली है?
वानिथा: रोजर फेडरर मेरे रोल मॉडल हैं। और क्रिकेट में मिथाली राज मेरी फेवरेट हैं। मुझे उन्हें बल्लेबाजी करते हुए देखना अच्छा लगता है, और उनके साथ अब बल्लेबाजी करने में मुझे प्रसन्नत होता है। जब वह यहां होती हैं तो मुझे काफी शांति मिलती है। उनकी आंखों में दृढ़निश्चय बहुत कुछ कह जाता है। वह एक ऐसी व्यक्ति हैं जिनका एक्शन शब्दों से तेज बोलता है।
क्रिकेटकंट्री(सीसी): जैसा कि एशिया कप टी20 टूर्नामेंट जल्दी ही शुरू होने वाला है, टीम कैसे इसकी तैयारी कर रही है? इस टूर्नामेंट में मिथाली राज की बजाय हरमनप्रीत कौर की अगुआई में खेलने में कितना अंतर रहेगा?
वानिथा: तैयारियों के हिसाब से, हमें वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज खेलनी हैं जो 18 नवंबर से शुरू हो रही है। साथ ही हरमनप्रीत कौर अच्छी चुनौती बनने वाली हैं। वह बहुत तेज तर्रार हैं और विराट कोहली की ही तरह हैं।
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