सचिन- द्रविड़, लक्ष्मण नहीं बल्कि ये हैं दुनिया के सबसे बेहतरीन मध्यक्रम के बल्लेबाज!
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जब भी टेस्ट क्रिकेट में मध्यक्रम बल्लेबाजी की बात की जाती है तो अक्सर भारत की त्रिमूर्ती सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण की बेहतरीन बल्लेबाजी की दुहाई दी जाती है। लेकिन आपको ये जानकर हैरत होगी कि मध्यक्रम में भारत की त्रिमूर्ती से कहीं आगे वेस्टइंडीज के 3 डब्ल्यू थे जो 1950- 60 के दशक में वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के हिस्सा हुआ करते थे। द्वितिय विश्व युद्ध के पहले वेस्टइंडीज टीम का क्रिकेट में कोई अस्तित्व नहीं था। वेस्टइंडीज क्रिकेट का अस्तित्व तो साल 1948 के बाद से क्रिकेट में उठना शुरू हुआ जब वेस्टइंडीज टीम के साथ तीन W जुड़े। ये तीन डब्ल्यू थे क्लाइड वॉलकट, ईवर्टन वीकेस और फ्रेंक वॉरेल। इनका तीन डब्ल्यू नाम इनके सरनेम के डब्ल्यू से शुरू होने को लेकर पड़ा।

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ये तीनों बारबोडास के खिलाड़ी थे। इनके आते ही वेस्टइंडीज टीम की काया पलट हो गई। ये क्रमशः तीसरे, चौथे और पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करने के लिए आते थे। इनके आने के पहले वेस्टइंडीज टीम की मध्यक्रम बल्लेबाजी की औसत 29.38 थी जो उस समय ऑस्ट्रेलिया 35.42 और इंग्लैंड 35.57 से कम थी। अगले 10 सालों में 1948 से 1958 तक वेस्टइंडीज के मध्यक्रम की बल्लेबाजी का औसत 63 प्रतिशत बढ़ गया। इन तीनों के आने के बाद वेस्टइंडीज टीम के मिडिल ऑर्डर का औसत 47.99 का हो गया जो उस समय सबसे ऊपर था।

दूसरे नंबर पर ऑस्ट्रेलियाई मिडिल ऑर्डर का नाम आता था जिनका औसत 39.15 का था। इस दौरान जितने भी वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम ने रन बनाए अधिकतर उन्हीं तीनों के बल्लों से बने। इस बात का एक बढ़िया उदाहरण 1955 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला गया एक टेस्ट मैच है जिसमें पहली पारी में वेस्टइंडीज 357 रनों पर ऑलआउट हो गई थी।

जिसमें से 272 रन तीनों बल्लेबाजों वॉलकॉट(155), वॉरेल(61) और वीकेस(56) के बल्लों से आए थे। दूसरे टेस्ट मैच में वालकॉट ने एक और शतक जड़ा और पूरी टीम ने कुल 676 रन बनाए। इस दौरान इन तीनों ने मिलकर 430 रन बनाए थे। इस दौर में वेस्टइंडीज का मिडिल ऑर्डर सबसे बढ़िया था। इन तीनों की बल्लेबाजी का ही असर था कि वेस्टइंडीज ने 49 टेस्ट मैचों में 17 जीते और 15 हारे और उनका जीतने- हारने का अनुपात तीसरे नंबर पर रहा था जो इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बाद था जो उस समय विश्व की बेहतरीन टीमें थीं।

बाद के सालों में जयवर्धने, समरवीरा, संगकारा, और दिलशान ने जरूर उनके इस औसत को चुनौती दी, लेकिन जितने कुल टेस्ट मैच 3 डब्ल्यू ने खेले उतने टेस्ट मैचों में ये चारों उस औसत को छू तक नहीं पाए और वही हाल भारत की सबसे बेहतरीन मध्यक्रम जोड़ी सचिन, लक्ष्मण, द्रविड़, गांगुली का हुआ। इन तीनों डब्ल्यू का रेशियो 1.39 का है जो विश्व की सभी मध्यक्रम जोड़ियों से ऊपर है।

इन तीनों डब्ल्यू ने भारत और श्रीलंका के बल्लेबाजों के मुकाबले एक तिहाई टेस्ट मैच भी नहीं खेले थे। इस आधार पर अगर इन्हें क्रिकेट की दुनिया की सबसे बेहतरीन मध्यक्रम जोड़ी कहा जाए तो इसमें कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। इनके बाद से वेस्टइंडीज में क्रिकेट को लेकर लोगों के बीच क्रिकेट को लेकर जुनून जागा और आगे के दशकों में वेस्टइंडीज टीम में कई ऐसे क्रिकेटर आए जिन्होंने विश्व क्रिकेट में छाप छोड़ दी।

क्रिकेट के 3w का क्रिकेट रिकॉर्ड:-

बल्लेबाज                   टेस्ट            रन       औसत       100/50
फ्रेंक वॉरेल                   29            2443      51.97      7/10
क्लाइड वॉलकेट          29             2290      49.78     9/8
ईवर्टन वीकेस             29             2314        47.22     6/12