पांच मौके जब वनडे में बन सकता था 500 रनों का स्कोर
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साल 1996 में श्रीलंका ने केन्या के खिलाफ 398 न बनाए थे। ये स्कोर उस जमाने में किसी भी टीम के द्वारा वनडे क्रिकेट में बनाया गया सर्वोच्च स्कोर था। इस रिकॉर्ड की खास बात यह रही कि इसे अगले 10 सालों तक नहीं तोड़ा जा सका और आखिकार साल 2006 में दक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 439 रन बनाकर एक और रिकॉर्ड मुकम्मल कर दिया। दक्षिण अफ्रीका ने यह स्कोर 434 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए बनाया था। लेकिन दूसरे रिकॉर्ड्स की तरह यह रिकॉर्ड कुछ ज्यादा दिनों तक टिका नहीं रह सका और इसी साल श्रीलंका ने कनाडा के खिलाफ 443 रन ठोंक दिए और एक बार फिर से लिस्ट के शीर्ष में अपना नाम दर्ज करवा दिया।

यह रिकॉर्ड साल 2006 में बना था और अब 10 सालों का समय भी गुजर चुका है लेकिन अभी तक इस रिकॉर्ड को तोड़ा नहीं जा सका है। ये बात भी सही है कि कालांतर में ऐसे कई मौके आए जब यह रिकॉर्ड तो टूटता ही बल्कि वनडे में 500 रन बनने का कारनामा भी मुकम्मल हो जाता। ऐसे ही पांच मैचों के बारे में हम आपको रूबरू कराने जा रहे हैं जब वनडे में 500 रन बन सकते थे।

1. न्यूजीलैंड बनाम वेस्टइंडीज: जनवरी 2014 में वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड के बीच वनडे सीरीज का तीसरा वनडे खेला जा रहा था। वर्षा बाधित मैच जो 21-21 ओवरों का खेला जाना था उसमें वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर न्यूजीलैंड को बल्लेबाजी करने के लिए आमंत्रित किया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड ने 21 ओवरों में ही 283 रन ठोक दिए। इस दौरान उनके 4 विकेट ही गिरे थे और कोरी एंडरसन 36 गेंदों में शतक जड़ने के बाद 47 गेंदों में 131 रन बनाकर नाबाद खेल रहे थे। ऐसे में अगर उनकी टीम को 29 ओवर और खेलने को मिलते तो वे 8 रन प्रति ओवर के हिसाब से खेलते हुए भी 50 ओवरों में 515 रन बना सकते थे। लेकिन बारिश की वजह से ऐसा हो नहीं पाया। 

2. दक्षिण अफ्रीका बनाम नीदरलैंड: विश्व कप 2007 में ग्रुप ए के एक मैच में नीदरलैंड और दक्षिण अफ्रीका की टीमें आमने- सामने थीं। नीदरलैंड ने टॉस जीता और दक्षिण अफ्रीका को बल्लेबाजी का आमंत्रण दिया। इसी बीच मैच में बारिश ने खलल डाल दी। इस वजह से मैच को 40 ओवरों का निर्धारित कर दिया गया। इसी मैच में दक्षिण अफ्रीका के हर्षल गिब्स ने वान बुंगे के ओवर में 6 गेंदों पर 6 छक्के जड़े और 40 गेंदों में 72 रन बनाकर आउट हुए। उनके बाद बल्लेबाजी करने आए मार्क बाउचर(75) ने जैकस कैलिक(128) के साथ महज 9 ओवरों में 134 रन ठोक दिए। यही कारण था कि 40 ओवरों में दक्षिण अफ्रीका 353 रन बना चुका था और उनके अभी सिर्फ 3 विकेट गिरे थे। सोचिए अगर दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों को 10 ओवर और खेलने का मौका मिल जाता तो क्या होता। जाहिर है कि दक्षिण अफ्रीका 500 रनों के ऊपर का स्कोर बना सकता था। लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हुआ।

3. भारत बनाम श्रीलंका: यह बात साल 2012 की है। सीबी सीरीज के एक मैच में भारत और श्रीलंका की टीमें आमने- सामने थीं। चूंकि, टूर्नामेंट में अगर भारत को अपनी उम्मीदें बरकरार रखनी थीं तो उन्हें इस मैच को एक लंबे अंतर से जीतना था। मैच में श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी की और 320 रनों का एक विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने विराट कोहला के नाबाद 86 गेंदों में 133 रनों की मदद से इस स्कोर को 36.3 ओवरों में 321 रन बनाकर चेज कर लिया। जाहिर है कि अगर टीम इंडिया इस मैच में पहले बल्लेबाजी करती तो उनके पास 13.3 ओवर बचे हुए थे और ऐसे में वे 500 रनों का स्कोर बना सकते थे।

4. ऑस्ट्रेलिया बनाम बांग्लादेश: यह वाकया साल 2011 का है। बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाजी करते हुए मैच में 229 रन बनाए थे। जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया ने टीम ने मैच को 26 ओवरों में ही 232 रन बनाकर जीत लिया। इस मैत में शेन वॉटसन ने महज 96 गेंदों में नाबाद 185 रन ठोक दिए थे। गौर करने वाली बात ये रही कि ऑस्ट्रेलिया का तब तक सिर्फ एक विकेट ही गिरा था। अगर इस मैच में वे पहले बल्लेबाजी कर रहे होते तो उन्हें 500 रन बनाने में ज्यादा तकलीफ कतई नहीं होने वाली थी। उनके पास 24 ओवर यानि की पूरी 144 गेंदें पड़ी थीं और ऐसे में वे 500 रन आसानी से छू लेते।

5. वेस्टइंडीज बनाम कनाडा: साल 2003 विश्व कप में वेस्टइंडीज और कनाडा के बीच मैच खेला जा रहा था। पहले बल्लेबाजी करते हुए कनाडा की पूरी टीम 43.2 ओवरों में 202 रनों पर ऑलआउट हो गई। जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज टीम ने इस स्कोर को महज 20.3 ओवरों में 206 रन बनाकर हासिल कर लिया। इस मैच में ब्रायन लारा ने 40 गेंदों में 73 और वावेल हाइंड्स ने 31 गेंदों में 64 रन ठोक दिए। वेस्टइंडीज के उस समय सिर्फ 3 विकेट ही गिरे थे। वहीं उनका रन रेट 10.04 का चल रहा था। अगर उनकी बल्लेबाजी पहले होती तो वे 500 रनों के स्कोर को पहली बार हासिल करने का कारनामा हासिल कर सकते थे।