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टेस्ट क्रिकेट की एक पारी में सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड श्रीलंका के नाम है। साल 1997 में कोलंबो में खेले गए एक टेस्ट मैच में भारत की पहली पारी में 537 रनों के जवाब में श्रीलंका ने 952 रन बनाए थे जो अब तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी अंतरराष्ट्रीय टीम द्वारा बनाया गया सबसे बड़ा स्कोर है। इस मैच में श्रीलंका की ओर से सिर्फ तीन बल्लेबाजों ने शतक जड़े थे जिनमें श्रीलंका के सनथ जयसूर्या के 340 रनों का रिकॉर्ड भी शामिल है। उनके अलावा रोशन महानाम ने 225 और अरविंद डीसिल्वा ने 126 रनों की पारी खेली थी। इसके अलावा कप्तान अर्जुन रणतुंगा ने 86 रनों की पारी खेली थी। इस तरह श्रीलंका ने 952 रन बनाए थे और पहली पारी के आधार पर भारी बढ़त हासिल कर ली थी।

गौर करने वाली बात यह रही कि इस मैच में भारत की ओर से भी तीन बल्लेबाजों ने शतक जड़े थे। ये तीन बल्लेबाज नवजोत सिंह सिद्धू(111), सचिन तेंदुलकर(143) और मोहम्मद अजहरुद्दीन(126) थे। गौर करने वाली बात है कि इस मैच के पांचों दिन में कुल मिलाकर 14 विकेट गिए थे जिसमें 8 भारत के और 6 श्रीलंका के थे। दोनों टीमों की ओर से मैच में सबसे बेहतरीन गेंदबाजी खुद सनथ जयसूर्या ने की थी जिन्होंने 18 ओवरों में 45 रन देकर 3 विकेट लिए थे। ये मैच ड्रॉ रहा क्योंकि दो पारियों में ही बल्लेबाजी की गई। प्लेयर ऑफ द मैच सनथ जयसूर्या को उके 340 रनों और 3 विकेटों के लिए चुना गया। [ये भी पढ़ें: 8 घंटे मजदूरी करने का 35 रुपए कमाता था तेज गेंदबाज मुनाफ पटेल]

लेकिन क्या आपको पता है कि एक बार एक मैच में टीम के कुल 6 बल्लेबाजों ने शतक जड़े थे? जरा फर्ज कीजिए कि जब टीम के बल्लेबाजों ने 6 शतक जड़े होंगे तो स्कोर कहां ठहरा होगा। आइए आपको इस वाकए से रूबरू कराते हैं।

एक टीम की ओर से 6 शतकों का रिकॉर्ड साल 1946-47 में रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल में होल्कर टीम ने बनाया था। इस मैच में होल्कर टीम ने 8 विकेट के नुकसान पर 912 रन बनाए थे। जिसमें कमल भंडारकर(172), चंद्रा सरवटे(101), माधवसिंह जगदाले(164) और सीके नायुडू(101) और बाबू साहेब निंबालकर(172) के शतक शामिल थे। इस मैच में होल्कर की पूरी टीम ने मैसूर की टीम को 190 रनों पर ऑलआउट कर दिया था। अगर इस तरह के अन्य उदाहरणों की बात करें तो ऐसे तीन और वाकए कालांतर में घटे हैं। लेकिन इस दौरान बल्लेबाजों ने 6 नहीं बल्कि 5 शतक जड़े थे। इनमें से तीन प्रथम श्रेणी पारी पारियां हैं। इनमें से दो टेस्ट मैचों की पारियों में बने थे।

साल 1954-55 में ऑस्ट्रेलिया के पांच बल्लेबाजों ने वेस्टइंडीज के खिलाफ एक पारी में पांच शतक जड़े थे। इन शतकों की मदद से ऑस्ट्रेलिया ने वेस्टइंडीज के पहली पारी के 357 रनों के जवाब में 758 रन बनाए थे। वहीं, तीसरी पारी में वेस्टइंडीज को 319 रनों पर ऑलआउट करके ऑस्ट्रेलिया ने मैच को एक पारी और 82 रनों से जीत लिया था।

वहीं, साल 2001 में पाकिस्तान ने बांग्लादेश के विरुद्ध दूसरी पारी में 546 रन बनाए थे जिसमें उनके पांच बल्लेबाजों के शतक भी शामिल थे। इस पारी में सईद अनवर 101, तौफीक उमर 104, इंजमाम उल हक 105, युसुफ योहना 102 और अब्दुल रज्जाक ने 110 रन बनाए थे। इन सभी में से दो बल्लेबाजों ने 90 के स्ट्राइक रेट से ज्यादा से रन बनाए थे।

इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए बांग्लादेश 134 रनों पर ऑलआउट हो गई थी। उसके बाद पाकिस्तान टीम ने पांच शतकों की मदद से 3 विकेट पर 546 रन बनाकर पारी घोषित कर दी थी। जवाब में तीसरी पारी में बांग्लादेश 148 रनों पर ऑलआउट हो गई थी और पाकिस्तान ने एक पारी और 264 रनों से ये मैच जीत लिया था। वहीं एक और वाकया शेफील्ड शील्ड टूर्नामेंट 1900-01 का है। इस टूर्नामेंट के एक मैच में न्यू साउथ वेल्स ने दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध सिडनी में 918 रन बनाए थे जिसमें पांच बल्लेबाजों के शतक शामिल थे।