पाकिस्तान ने उस मुकाबले में इंग्लैंड को दो विकेट से हरा दिया था © AFP
पाकिस्तान ने उस मुकाबले में इंग्लैंड को दो विकेट से हरा दिया था © AFP

1 सितंबर 1996 को इंग्लैंड के ट्रेंट ब्रिज मैदान में इंग्लैंड बनाम पाकिस्तान का मैच खेला जा रहा था। इंग्लैंड के बल्लेबाज निक नाइट ने आखिरी ओवर तक इंग्लैंड को जिताने का भरकस प्रयास किया लेकिन अंत में पाकिस्तान ने 2 विकेट से मैच में जीत हासिल कर ली।

लेकिन मैच से ज्यादा आश्चर्यचकित करने वाला लम्हा मैच के बाद देखने को मिला जब ‘मैन ऑफ द मैच’ का सम्मान देने आए टॉम ग्रेवेनी ने किसी एक खिलाड़ी को नहीं बल्कि पूरी पाकिस्तान टीम को ही ‘मैन ऑफ द मैच’ का खिताब दे डाला, इस सम्मान में टीम के वो सदस्य भी शामिल थे जिन्होंने पाकिस्तान के लिए उस दिन मैच जिताने में कोई भूमिका अदा नहीं की थी। तो आइए आपको विस्तार से बताते हैं क्रिकेट के उस ऐतिहासिक और मजेदार लम्हें के बारे में। ये भी पढ़ें: ये पांच खिलाड़ी दिल्ली में दिलाएंगे जीत

इंग्लैंड ओल्ड ट्रैफर्ड और एजबेस्टन वनडे को जीतकर पहले ही तीन मैचों की टेक्सेको ट्रॉफी को अपने नाम कर चुका था, सीरीज में अपनी साख बचाने को खेल रही पाकिस्तान ने तीसरे मैच में सलामी बल्लेबाज के तौर पर शाहिद अनवर, मध्यक्रम बल्लबाज शादब कबीर और तेज गेंदबाज शाहिद नाजिर को टीम में शामिल किया।

मैच में पाकिस्तान के गेंदबाज वसीम अकरम ने इंग्लैंड के बल्लेबाज एलेक स्टीवर्ट को जल्दी ही पवेलियन भेज दिया और उसके बाद शाहिद नाजिर को गेंदबाजी का भार सौंप दिया। नाजिर के ओवर की दूसरी गेंद एथर्टन के अंगूठे पर लगी और दर्द के कारण एथर्टन को ‘रिटायर हर्ट’ होना पड़ा। नाजिर ने अपने पदार्पण से सभी को प्रभावित किया और मैथ्यू मेनार्ड और रूनी ईरानी को आउट सफलता प्राप्त की। ये भी पढ़ें: एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी ने कमाई के मामले में रुस्तम को पछाड़ा

इसके सकलेन मुश्ताक ने गेंदबाजी का मोर्चा संभाला और दो विकेट झटक लिए। जिसके कारण रिटायर हर्ट हुए बल्लेबाज एथर्टन को मैदान पर आना पड़ा। एथर्टन जब मैदान पर उतरे तो उस समय इंग्लैंड का स्कोर 178 रन पर पांच विकेट था। एथर्टन ने टीम के लिए 30 रनों का योगदान दिया, जो की पारी का दूसरा सबसे सर्वश्रेष्ठ स्कोर था। वकार यूनिस ने भी टीम के लिए अच्छी गेंजबाजी की और पारी की आखिरी गेंद पर एलन मुलाली का विकेट लिया। इंग्लैंड की पारी 246 रनों पर सिमट गई और दूसरे छोर पर सलामी बल्लेबाज निक नाइट 125 रन बनाकर नाबाद पवेलियन लौटे। इससे पहले मैच में नाइट ने 113 रन बनाए थे। ये भी पढ़ें: जब रो पड़े थे विराट कोहली के कोच राजकुमार शर्मा

सईद अनवर (61) और शाहिद अनवर (37) बिल्कुल एक जैसे नामों वाले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के पहले सलामी बल्लेबाज थे, दोनों ने पहले विकेट के लिए 93 रन जोड़े। पहले मैच में 48 और दूसरे मैच में 79 रन बनाने वाले इजाज अहमद ने तीसरे मुकाबले में 59 रन बनाए।

पाकिस्तान एक समय 177/2 पर मजबूत दिख रहा था लेकिन रॉबर्ट क्रॉफ्ट ने आमेर सोहेल को आउट कर दिया पाकिस्तान को तीसरा झटका दिया। स्कोर में अभी पांच ही रन जुड़े थे कि शादब कबीर ने होलिओक की गेंद पर ईरानी को कैच थमा दिया। इसके बाद होलिओक ने जल्दी-जल्दी पाकिस्तान के दो और बल्लेबाज आसिफ मुजतबा और वसीम को आउट कर दिया, वहीं डेरन गॉफ ने इजाज को पवेलियन भेज दिया।

पाकिस्तान का स्कोर अब 7 विकेट पर 219 रन था। लेकिन इसके बाद सकलेन मुश्ताक और राशित लतीफ ने पाकिस्तान के स्कोर को आगे बढ़ाना जारी रखा। दोनों ने टीम के लिए तेज 21 रन जोड़े, इसके बाद सकलेन मुश्ताक को होलिओक ने आउट कर अपना चौथा शिकार किया। हालांकि इसके बाद वकार क्रीज पर अड़ गए और लतीफ ने पाकिस्तान को 2 गेंद शेष रहते रोमांचक जीत दिला दी।

ग्रैवेनी ग्रेव की गलती:

जहां तक मैन ऑफ द मैच देने की बात है तो इस मामले में ग्रैवेनी ग्रेव का कोई अच्छा करियर नहीं रहा है और 1975 विश्वकप के पाकिस्तान बनाम वेस्टइंडीज लीग मैच के दौरान डेरिक मरे मैन ऑफ द मैच के सही हकदार थे लेकिन ग्रेवेनी ने शराब के लालच में मैन ऑफ मैच का खिताब शरफराज नवाज को दे दिया और बीच सारोह से ही चले गए, उनके उस फैसले को बदला भी नहीं गया।

इस बार भी ग्रैवेनी को कई भी मैच ऑफ द मैच का सही हकहार नहीं मिला। पाकिस्तान के पांच बल्लेबाजों ने 29 और 61 के बीच का स्कोर किया था, वसीम ने तीन विकेट लिए थे, तो वहीं टीम के अन्य गेंदबाज वकार, सकलेन और नाजिर ने 2-2 विकेट हासिल किए थे। इंग्लैंड की टीम से भी पुरस्कार के हकदार थे। इंग्लैंड की तरफ से जहां निक नाइट ने नाबाद शतक लगाया था तो होलिओक के खाते में भी 4 विकेट दर्ज थे। लेकिन किसी भी खिलाड़ी ने हरफनमौला खेल नहीं दिखाया था।

लेकिन ग्रैवेनी ने पूरी पाकिस्तानी टीम को मैन ऑफ द मैच के खिताब से नमाज दिया। पाक टीम के 11 खिलाड़ियों में से 9 खिलाड़ियों ने जीत में भूमिका निभाई थी ऐसे में ग्रैवेनी के फैसले को एक पल के लिए मान भी सकते थे, लेकिन 10वें खिलाड़ी मुजतबा ने अपनी पारी में सिर्फ 2 रन बनाए थे और 5 ओवर की गेंदबाजी में 23 रन लुटा दिए थे वहीं कबीर तो उनसे भी खराब थे जो कि शून्य पर आउट हो गए थे।

कबीर ने सिर्फ सकलेन मुश्ताक की गेंद पर ग्राहम लॉयड (डेविड लॉयड के बेटे) का कैच पकड़ा था, कबीर न गेंदबाजी की थी और बल्लेबाजी में भी वह दो गेंदों पर शून्य पर आउट हो गए थे। इसके बाद भी उन्हें भी मैन ऑफ द मैच के सम्मान से सम्मानित किया गया।

मैच के आंकड़े:

ये शाहिद अनवर के करियर का पहला और आखिरी मैच था।

नाजिर ने इसके बाद 15 टेस्ट और 19 वनडे मैच खेले।

इस मैच के बाद कबीर ने 2 और मैच खेले और दोनों मैचों में दो और शून्य बनाए। कबीर के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 5 गेंदों में 3 बार शून्य पर आउट होने का रिकॉर्ड दर्ज है।