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जब बाप बेटों ने एक साथ खेला क्रिकेट, जानें क्रिकेट के रोमांचक किस्से

कुछ महीनों पहले वेस्टइंडीज के शिवनारायण चंद्रपॉल और उनके बेटे टैगनारायण एक साथ मैच में बल्लेबाजी करते नजर आए थे।

user-circle cricketcountry.com Written by Devbrat Bajpai
Last Updated on - January 28, 2016 5:44 PM IST

शिवनारायण चंद्रपॉल लगभग एक दशकक तक वेस्टइंडीज टेस्ट टीम में छाए रहे © Getty Images
शिवनारायण चंद्रपॉल लगभग एक दशक तक वेस्टइंडीज टेस्ट टीम में छाए रहे © Getty Images

सुनने में भला ही यह अटपटा लगता हो लेकिन विश्व क्रिकेट के इतिहास में कई बाप-बेटों की जोड़ियों ने एक साथ क्रिकेट मैच खेला। सबसे ताजा उदाहरण वेस्टइंडीज के क्रिकेटर शिवनारायण चंद्रपॉल और उनके बेटे टैगनारायण का है। दोनों ने एक साथ गांधी यूथ ऑर्गनाइजेशन की ओर से खेलते हुए ट्रांसपोर्ट स्पोर्ट्स क्लब के खिलाफ 40 ओवरों के एक मैच में 256 रनों की एक महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई। इस मैच में पिता चंद्रपॉल ने शानदार 143 और उनके बेटे ने 112 रनों की पारी खेली। बाद में उनकी टीम ने यह मैच 112 रनों के बड़े अंतर से जीत लिया। हालांकि यह आसान नहीं होता कि कोई पिता तब तक प्रोफेशनल क्रिकेट खेलना जारी रखे जब तक उसका बेटा भी प्रोफेशनल क्रिकेट की दहलीज पर कदम रखे। हालांकि विश्व क्रिकेट का इतिहास इस अनोखी जोड़ी का गवाह एक या दो बार नहीं बल्कि 18 बार बन चुका है। हम ऐसे ही कुछ चर्चित बाप-बेटे की एक साथ क्रिकेट मैच खेलने के किस्सों पर गौर फरमाते हैं। ये भी पढ़ें: क्या ऑस्ट्रेलिया में धूम मचाएगी भारतीय बल्लेबाजी?

शिवनारायण चंद्रपॉल का बेटा टैगनारायण एक प्रतिभाशाली क्रिकेटर है Photo Courtesy – West Indies Cricket Board
शिवनारायण चंद्रपॉल का बेटा टैगनारायण एक प्रतिभाशाली क्रिकेटर है Photo Courtesy – West Indies Cricket Board

1. लाला अमरनाथ और सुरिंदर अमरनाथ: भारत की ओर से पहला शतक लगाने का गौरव हासिल करने वाले लाला अमरनाथ अपने बेटे सुरिंदर अमरनाथ के साथ क्रिकेट खेलने वाले भारतीय पिता बने। यह बात सन् 1963 की है जब भारतीय फौजें चीन से दो-दो हाथ कर रही थीं। इसी बीच रक्षा फंड को जुटाने के लिए पांच क्रिकेट मैचों का आयोजन किया गया। इन मैचों में दो टीमों महाराष्ट्र चीफ मिनिस्टर इलेवन और महाराष्ट्र गवर्नर इलेवन के बीच मुकाबले हुए। इस मैच में 52 साल के लाला अमरनाथ गवर्नर इलेवन की ओर से खेलने के लिए उतरे वहीं 15- साल के उनके बेटे सुरिंदर अमरनाथ विपक्षी टीम की ओर से खेलने के लिए उतरे। दोनों ने इस मैच में 40 से ज्यादा रन अपनी-अपनी टीम के लिए बनाए। ये भी पढ़ें: भारत-ऑस्ट्रेलिया वनडे श्रृंखला, किसमें है कितना दम

2. डेनिस स्ट्रीक और हीथ स्ट्रीक: डेनिस स्ट्रीक जिम्बाब्वे के बेहतरीन गेंदबाजों में से एक थे। डेनिस जिम्बाब्वे टीम से तब जुड़े थे जब जिम्बाब्वे को टेस्ट दर्जा प्राप्त नहीं हुआ था। उनके बेटे हीथ स्ट्रीक अपने समय के बेहतरीन गेंदबाज रहे और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 2000 रन बनाने के साथ 216 विकेट लिए। लेकिन जब हीथ स्ट्रीक ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पर्दापण किया उसके तीन साल बाद 1996 में उन्होंने एक प्रथम श्रेणी क्रिकेट मैच में अपने पिता डेनिस स्ट्रीक के साथ क्रिकेट मैच खेला।

3. पटियाला के महाराज और युवराज: पटियाला के युवराज अपने समय के एक बढ़िया क्रिकेटर थे। युवराज ने अपने क्रिकेट जीवन में एक ही टेस्ट मैच खेला और वे दोनों पारियों में क्रमशः 24 रन और 60 रन बनाकर आउट हुए। उनके पिता पटियाला के महाराज भी क्रिकेट के शौकीन थे। दोनों महाराज और युवराज एक साथ छह बार क्रिकेट मैच खेले।

4. डेनिस लिली और उनके पुत्र: ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज डेनिस लिली ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के 16 साल बाद, अक्टूबर 1999 में दौरे पर आई पाकिस्तान टीम के खिलाफ ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड चेयरमेन इलेवन की ओर से खेलने का निर्णय लिया और अंत में वह 8-4-8-3 के गेंदबाजी विश्लेषण के साथ एक सफल गेंदबाज रहे। दिलचस्प बात यह रही कि उनके साथ गेंदबाजी की शुरुआत उनके बेटे एडम लिली ने की जो उनके मुकाबले मैच में ज्यादा महंगे साबित हुए, लेकिन विकेट लेने में उन्होंने भी सफलता अर्जित की और उनका गेंदबाजी विश्वलेषण 6-0-29-3 रहा। चूंकि एडम कभी भी ऑस्ट्रेलियाई टीम की ओर से खेलते नजर नहीं आए।

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5. हितेश मोदी और उनके पिता: केन्या और बांग्लादेश के बीच अगस्त 2006 को बीच खेले गए मैच में बांग्लादेश के मशरफे मुर्तजा ने हितेश को पगबाधा आउट कर दिया। जिस अंपायर ने मुर्तजा की गेंद पर हितेश के आउट होने के लिए अंगुली उठाई वह बल्लेबाज हितेश के पिता सुभाष मोदी थी। यह क्रिकेट का एक मात्र वाकया है जब किसी खिलाड़ी के पिता ने एक ही मैच में अंपायरिंग की हो।