जब जेम्स एंडरसन ने की माइकल क्लार्क की पैड से धुनाई
फोटो साभार: www.abc.net.au

ऑस्ट्रेलिया टीम के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क और इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन के बीच लड़ाई की खबरों से पूरा क्रिकेट जगत परिचित है। साल 2013 में एक टेस्ट मैच के दौरान क्लार्क ने एंडरसन को इतना तक कह दिया था कि अपनी हड्डियां तुड़वाने के लिए तैयार हो जाओ। अगर आप सोच रहे हैं कि इन दोनों खिलाड़ियों के बीच की दुशमनी क्षणिक थी तो आप बिल्कुल गलत है। क्योंकि इन दोनों के बीच गहमागहमी इनके करियर के शुरुआत से ही रही।

इस बात का जिक्र जेम्स एंडरसन ने अपनी किताब ‘जिमी: माई स्टोरी’ में किया है। वह 2006/07 एशेज सीरीज का जिक्र करते हए लिखते हैं कि उस समय माइकल क्लार्क छठे क्रम पर बल्लेबाजी करने आते थे। उस टेस्ट सीरीज में माइकल क्लार्क से बहस होने के बाद उन्होंने उसे ड्रेसिंग रूम में बल्लेबाज के पैड से पीटा था। एंडरसन लिखते हैं कि वह क्लार्क से पहली बार साल 1990 में मिले थे और जब वह उन्होंने उनका अभिमानी व्यवहार देखा तो उन्हें बहुत गुस्सा आया था।

यह बात एडीलेड ओवल टेस्ट मैच के बाद की है जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने 6 विकेट से जीत दर्ज की थी। इस मैच के दो दिन बाद ही मार्टिन ने क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। क्लार्क और उनके टीम के खिलाड़ियों के बीच झमेले का यह पहला मामला नहीं था। बल्कि साल 2009 में कैटिच से भी क्लार्क का झगड़ा हो गया था और कैटिच ने गुस्से में आकर उन्हें गले से पकड़कर ऊपर तक उठा दिया था।

क्लार्क को अभिमानी बताते हुए एंडरसन आगे लिखते हैं, ‘मैं उस समय डेमियन मार्टिन से बात कर रहा था। मैंने अपने पैरों की ओर देखा और मार्टिन से कहा, देखो यहां पैड रखा हुआ है। मैं वास्तव में इसे क्लार्क के सिर में लपेटना चाहता हूं। मार्टिन ने बिना हिचकिचाए मुझसे कहा, कर दो।

मार्टिन ऑस्ट्रेलियाई टीम के ऐसे खिलाड़ी थे जो टीम के दूसरे खिलाड़ियों से घुलते मिलते नहीं थे और इसी वजह से किसी के ज्यादा करीब नहीं थे। बावजूद इसके उनके इस रवैए ने मुझे भौंचक्का छोड़ दिया। मैं उनकी ओर यह पूछने के लिए मुड़ा कि आप पक्की तौर पर कह रहो हो ना। उन्होंने कहा, कर दो। जैसा कि मैं पहले से ही कई सारी बियर डकार चुका था। मुझे अब और किसी बुलावे कि जरूरत नहीं थी। मैंने पैड उठाया और क्लार्क की पिटाई कर दी। अगले कुछ सेकंडों के लिए कमरे में सन्नाटा पसर गया। फिर उसके बाद मेरे और क्लार्क के बीच 36 का आंकड़ा हो गया।

उसी शाम को मार्टिन का मैथ्यू हेडेन से झगड़ा हो गया और उसके ठीक दो दिन बाद उन्होंने क्रिकेट को अलविदा कहने का निर्णय सुना दिया। एंडरसन ने अपनी किताब में इसका भी जिक्र किया है कि उस सीरीज में 5-0 से हार के बाद इंग्लैंड के खिलाड़ी निराश हो गए थे और कुछ दिनों तक वह इस हार से उबर नहीं पाए थे।