सहवाग ने अपने पूरे  क्रिकेट करियर के दौरान बेखौंफ होकर क्रिकेट खेली © Getty Images
सहवाग ने अपने पूरे क्रिकेट करियर के दौरान बेखौंफ होकर क्रिकेट खेली © Getty Images

भारत के विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग जो आमतौर पर मैदान पर शांत दिखाई  देते हैं उन पर एक बार पूर्व भारतीय कोच जॉन राइट इतने गुस्सा हो गए थे कि उन्होंने सहवाग की कॉलर पकड़कर उन्हें सरेआम बेइज्जत कर दिया था। जॉन राइट के इस व्यवहार के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के ड्रेसिंग रूम में भूचाल सा आ गया था। लेकिन जॉन राइट ने सहवाग को सरेआम बेइज्जत क्यों किया? आइए जानते हैं। यह बात 2002 नेटवेस्ट ट्रॉफी की है। इस टूर्नामेंट में इंग्लैंड व श्रीलंका अन्य टीमें थीं। जॉन राइट भारतीय टीम के नए कोच बने  थे और वह भारतीय क्रिकेटरों  के प्रदर्शन को निखारने की भरपूर कोशिश कर रहे थे और उन्हें अच्छी सफलता भी मिल रही  थी। लेकिन जॉन राइट सहवाग के खेल को लेकर थोड़ा निराश थे। हालांकि सहवाग उस समय अच्छे फॉर्म में थे और अच्छे रन बना  रहे थे। लेकिन इसी दौरान वे बेहद बेकार शॉट खेलकर आउट हो जाते थे।  ये भी पढ़े:महेंद्र सिंह धोनी “एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी” के सेट पर सुशांत सिंह राजपूत से मिले

राइट ने टूर्नामेंट के दौरान राहुल द्रविड़ से बातचीत की और कहा कि अगर सहवाग एक बार फिर से खराब शॉट खेलकर आउट हुआ तो मैं कुछ कर गुजरूंगा। उनका यह कहना ही था कि सहवाग अपने चिरपरिचित अंदाज में अगले मैच में भी आउट हो गए। जॉन राइट ने वैसा ही किया जैसा कि उन्होंने राहुल से कहा था और उन्होंने आवेश में आकर सहवाग की कॉलर पकड़ ली और भड़क गए। उस दौरान मीडिया में आई खबरों के मुताबिक राइट के कॉलर पकड़ने के कारण सहवाग बेहद दुखी हो गए थे और वे सुबक-सुबक कर रोने  लगे थे। जब गांगुली को इस बात का पता चला तो वे सहवाग के पक्ष में आकर खड़े हो गए और राइट से पूरी टीम के आगे माफी मांगने को लेकर उद्यत हो गए। लेकिन इसी बीच सचिन ने गांगुली को समझाते हुए कहा कि अगर राइट को टीम के खिलाड़ियों के आगे माफी मांगनी पड़ेगी तो इससे उनकी अथॉरिटी में असर पड़ेगा। इसके बाद जाकर यह मामला ठंडा हुआ। लेकिन 2013 में गांगुली से जब यह बात पूछी गई तो उन्होंने इस बात को सिरे से खारिज किया था।