भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने रमेश पोवार (Ramesh Powar) को भारतीय महिला सीनियर क्रिकेट टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया है. बीसीसीआई ने इस पद के लिए विज्ञापन दिया था और जिसके लिए उसे 35 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे. सुलक्षणा नाइक, मदन लाल और रुद्र प्रताप सिंह की तीन सदस्यीय क्रिकेट सलाहकार समिति ने आवेदकों का साक्षात्कार लिया और उन्होंने पवार की उम्मीदवारी पर सर्वसम्मति से सहमति व्यक्त की.

पूर्व भारतीय खिलाड़ी मदन लाल की अगुवाई वाली सीएसी ने इस पद के लिए मौजूद कोच डब्ल्यू वी रमन के अलावा आठ उम्मीदवारों के साक्षात्कार के बाद पोवार के नाम की सिफारिश की थी. इस पद के लिए पोवार और रमन के अलावा भारत के पूर्व विकेटकीपर अजय रात्रा और पूर्व मुख्य चयनकर्ता हेमलता काला सहित पांच महिला उम्मीदवार दौड़ में थे.

बीसीसीआई से जारी बयान में कहा गया, ‘‘बीसीसीआई रमेश पोवार को भारतीय टीम (वरिष्ठ महिला) के प्रमुख कोच के रूप में नियुक्त करने की घोषणा करता है. बीसीसीआई ने इस पद के लिए विज्ञापन दिया था और 35 से अधिक आवेदन प्राप्त किए थे.’’

रमेश पोवार पहले भी रह चुके महिला टीम के हेड कोच: भारत के लिए दो टेस्ट और 31 वनडे मैच खेल चुके रमेश पोवार इससे पहले जुलाई 2018 से लेकर नवंबर 2018 तक महिला क्रिकेट टीम का मुख्य कोच रह चुके हैं. उन्हें 2018 टी20 विश्व कप के बाद निलंबित कर दिया गया था.

क्या था रमेश पोवार बनाम मिताली राज मामला: दरअसल साल 2018 में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में मिताली राज को ड्रॉ किया गया था, जिसके बाद भारत ने मुकाबला 8 विकेट सं गंवा दिया. मिताली राज उस वक्त शानदार फॉर्म में थीं. इसके बाद मिताली ने तत्कालीन सीआईओ राहुल जोहरी और सबा करीम को ई-मेल में भेजकर रमेश पोवार पर उन्हें अपमानित करने का आरोप लगाया था. हालांकि रमेश पोवार ने अपनी सफाई में कहा था कि मिताली राज को संभालना काफी मुश्किल है. टीम से बाहर रखना उनके द्वारा बनाई गई रणनीति का हिस्सा था.

रमेश पोवार के अंडर में भारतीय टीम ने 2018 में आईसीसी महिला टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में प्रवेश किया था और साथ ही टीम ने लगातार 14 टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैच भी जीते थे. पवार ने हाल ही में विजय हजारे ट्रॉफी जीतने वाली मुंबई की सीनियर टीम को कोचिंग दी थी और साथ ही वह राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में गेंदबाजी कोच के रूप में भी काम कर चुके हैं.