महेन्द्र सिंह धोनी को सबसे फुर्ताला विकेटकीपर माना जाता है और वह इस बात को कई बार साबित कर चुके हैं © Getty Images
धोनी को सबसे फुर्ताला विकेटकीपर माना जाता है और वह इस बात को कई बार साबित कर चुके हैं © Getty Images

विकेट के पीछे महेन्द्र सिंह धोनी का कोई जवाब नहीं खासकर स्टंप बिखेरने में तो वह उस्ताद हैं। गेंद के विकेट के पार जाते ही वह बाज की तरह उस पर झपटते हैं और चीते की तरह कुछ ही पलों में गिल्लियां बिखेर देते हैं। धोनी ने 2009 में विकेट के पीछे ऐसा कारनामा अंजाम दिया था जिसे देखकर सभी उनकी प्रतिभा के कायल हो गए थे। धोनी ने 2009 के न्यूजीलैंड दौरे पर पहले वनडे मैच के दौरान कीवी ऑलराउंडर जैकब ओरम को एक ही गेंद पर 2 बार आउट कर दिया था। तो आइए जानते हैं किस तरह धोनी ने जादुई कारनामा अंजाम देते हुए ओरम को पवेलियन भेजा था।

2009 में न्यूजीलैंड के खिलाफ नेपियर में खेले गए पहले वनडे मैच के दौरान भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया। बारिश की वजह से मैच को 50 ओवर से घटाकर 38 ओवर का कर दिया गया था। वीरेन्द्र सहवाग बल्ले से कहर मचाते हुए भारत को शानदार शुरूआत दी। इस मैच में कप्तान धोनी ने भी नंबर 3 पर बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। सहवाग और धोनी ने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों को चारों तरफ दौड़ाते हुए तेजी से रन बनाए। इसके बाद धोनी ने सुरेश रैना के साथ मिलकर भारतीय पारी को 273 तक पहुंचा दिया। [Also Read: वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा चौके जमाने वाले बल्लेबाज]

सिर्फ 38 ओवरों में 274 रनों का लक्ष्य देखकर मेजबान कीवी टीम की हालत खराब हो गई। मार्टिन गप्टिल को छोड़कर उनका कोई भी बल्लेबाज विकेट पर टिकने का दम नहीं दिखा सका। कीवी टीम ने अपने 4 विकेट 111 के स्कोर पर गंवा दिये। इसके बाद मैदान पर उतरे जैकम ओरम क्रिकेट का इतिहास बन गए। ओरम को युवराज ने पहली ही गेंद पर आउट कर दिया। ओरम ने युवराज की गेंद को स्वीप करने का प्रयास किया और गेंद उनके बल्ले का बाहरी किनारा लेकर ऊपर की ओर उछली। ओरम को अंदाजा नहीं लगा कि गेंद किधर गई और वह रन लेने के प्रयास में क्रीज से आगे निकले। [Also Read: वनडे क्रिकेट में चौकों और छक्कों की मदद से बनाए गए सबसे ज्यादा रन]

विकेट से बिल्कुल सट कर खड़े धोनी ने पहले तेजी दिखाते हुए हवा में उछली गेंद को कैच किया उसके बाद उन्होंने देखा कि ओरम क्रीज से बाहर हैं तो उन्होंने तुरंत गिल्लियां भी बिखेर दी। इस तरह ओरम पहले कैच आउट हुए फिर धोनी ने उन्हें स्टंप करके उन्हें पवेलियन लौटने पर मजबूर कर दिया। पहले तो ओरम को कुछ समझ नहीं आया कि आखिर हुआ क्या? लेकिन फिर वह पवेलियन लौट गए। चूंकि धोनी ने पहले उनको कैच आउट किया था इसलिए उनको कैच आउट करार दिया गया था। यदि गेंद उनके बल्ले से ना टकराई होती तो भी ओरम को स्टंप आउट होकर पवेलियन जाना पड़ता।

इस तरह धोनी की फूर्ती के आगे ओरम के लंबे कदम भी बेकार साबित हुए और उन्हें पवेलियन लौटना पड़ा। इसके बाद कीवी टीम लगातार विकेट गंवाती चली गई और उनकी पूरी टीम 28 ओवरों में 162 के स्कोर पर सिमट गई। इस तरह भारत को डकवर्थ लुईस नियम से 53 रनों की जीत मिली। धोनी को उनके शानदार खेल के लिए मैन ऑफ द मैच के खिताब से नवाजा गया।

संक्षिप्त स्कोर- भारत 273/4, 38 ओवर,(महेन्द्र सिंह धोनी 84*, वीरेन्द्र सहवाग 77, सुरेश रैना 66)। न्यूजीलैंड 162/10, मार्टिन गप्टिल 64 हरभजन सिहं 27/3।