आप अक्सर खिलाड़ियों को मैदान अक्सर छक्के-चौके लगाते या शानदार कैच पकड़ते देखा होगा लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि यदि किसी खिलाड़ी को बल्लेबाजी, गेंदबाजी या फील्डिंग के दौरान नेचर कॉल(टायलेट) आ जाए तो क्या होगा। नहीं शायद आपने नहीं सोचा होगा। वैसे तो इसके लिए भी क्रिकेट में नियम बनाए गए हैं, लेकिन क्रिकेट में ऐसे मौके बहुत कम ही आए हैं जब खिलाड़ी खिलाड़ी को इस वजह से मैदान छोड़ के जाना पड़ा हो। भारतीय वनडे टीम के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी इस तरह की स्थिति झेलने वाले खिलाड़ियों में शामिल हैं। तो आइए आपको पूरी घटना के बारे में बताते है।

When MS Dhoni rushed to the toilet
फोटो साभार: AFP

2015 में बांग्लादेश दौरे पर तीन मैचों की सीरीज खेलने गई भारतीय टीम को अपना पहला वनडे मैच मीरपुर में खेलना था। पहले गेंदबाजी करते हुए भारतीय टीम पर मेजबाज बांग्लादेश के बल्लेबाज हावी हो रहे थे। मैच में 44वें ओवर में भारत को एक और मुश्किल स्तिथि से रूबरू होना पड़ा। भारतीय कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी मैदान से अचानक बाहर चले गए। दर्शकों को समझ नहीं आया क्या हो रहा है, लेकिन बाद में मैदान में उपस्थित दर्शकों को इस बात की जानकारी हुई कि धोनी नेचर कॉल की वजह से मैदान छोड़कर गए हैं तो वो अपनी हंसी नहीं रोक सके।

 

भारत के सामने सबसे बड़ी समस्या ये थी कि अंतिम ओवरों के लिए विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी कौन लेगा। क्योंकि भारतीय टीम में धोनी के अलावा कोई भी विकेटकीपर नहीं था। ऐसे में भारतीय टीम के उपकप्तान विराट कोहली ने विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी ली।

 

हालांकि विराट को ज्यादा देर विकेट कीपिंग नहीं करनी पड़ी और धोनी 45 ओवर में मैदान में लौट आए। इस स्थिति से रूबरू होने के बाद मैदान पर मौजूद हर खिलाड़ी हंस रहा था।