Manoj Shukla
मनोज शुक्ला क्रिकेटकंट्री हिंदी में बतौर रिपोर्टर कार्यरत हैं
Written by Manoj Shukla
Last Published on - December 22, 2016 10:58 AM IST


रॉयल लंदन वनडे कप में नॉटिंघमशायर और नार्थहेम्पपटनशायर के बीच एक बेहतरीन और यादगार मैच खेला गया। मुकाबले में 850 से भी ज्यादा रन बने। टूर्नामेंट का यह चौथा मुकाबला था और दोनों टीमों के बीच पहला। मुकाबले में मेजबान टीम नॉटिंघमशायर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। नॉटिंघमशायर के दोनों सलामी बल्लेबाजों माइकल लंब और रिकी वेसेल्स ने टीम को गजब की शुरुआत दी।
दोनों बल्लेबाजों के सामने नॉर्थहेम्पटशायर का हर गेंदबाज फीका साबित हो रहा था। दोनों ही बल्लेबाज विरोधी टीम के गेंदबाजों पर कहर बनकर टूट पड़े थे और जमकर चौके-छक्के लगा रहे थे। नॉर्थहेम्पटशायर के गेंदबाजों के लिए दोनों ही बल्लेबाजों को रोकना नामुमकिन सा लग रहा था। दोनों ही बल्लेबाजों ने धुआंधार बल्लेबाजी करते हुए 39.2 ओवरों में ही पहले विकेट के लिए 342 रन जोड़ डाले। इसके साथ ही दोनों बल्लेबाजों ने इंग्लैंज में सबसे ज्यादा रनों की साझेदारी (राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली के बीच 318 रनों की साझेदारी) के रिकॉर्ड को भी चकनाचूर कर दिया। ये भी पढ़ें: टी20 मैच में बन गए 497 रन, बन गया बड़ा रिकॉर्ड
दोनों जिस तरह से खेल रहे थे उसे देख कर लगा कि दोनों ही बल्लेबाज अपना दोहरा शतक पूरा कर लेंगे। लेकिन नॉर्थहेम्पटशायर के गेंदबाज स्टीफेन क्रूक ने अपनी टीम को पहली सफलता दिलाते हुए रिकी वेसेल्स को आउट कर दिया। वेसेल्स ने अपनी पारी में 97 गेंदों का सामना करते हुए 146 रनों की पारी खेली इस दौरान उन्होंने 14 चौके और 8 गगनचुंबी छक्के लगाए।
इसके तुरंत बाद ही माइकल लंब भी पवेलियन लौट गए। लंब ने 150 गेंदों में 184 रन बनाए और उन्होंने 21 चौके, 6 छक्के लगाए। लंब के आउट होने के बाट नॉटिंघमशायर के विकेट धड़ाधड़ गिरने लगे लेकिन टीम के रन रेट में कोई गिरावट नहीं आई और नॉर्थहेम्पटशायर के गेंदबाज नॉटिंघमशायर को 445 रनों के विशाल स्कोर को बनाने से नहीं रोक पाए। नॉटिंघमशायर द्वारा बनाए गए 445 रन लिस्ट ए मैच का दूसरा सर्वाधिक स्कोर है, सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड सरे के नाम है जिसने 2007 में 496 रन बनाए थे। इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करना नॉर्थहेम्पटनशायर की टीम के लिए बिल्कुल भी आसान नहीं था।
लेकिन दोनों सलामी बल्लेबाजों कॉब और ऐडम रॉशिंग्टन ने टीम को धमाकेदार शुरुआत दी। दोनों ने आते ही नॉर्थहेम्टनशायर के गेंदबाजों की धुनाई शुरू कर दी। हालांकि सातवें ओवर में कोब का विकेट गिरते ही नार्थहेम्पटनशायर की पारी लड़खड़ा गई और टीम के पांच विकेट सिर्फ 206 रनों पर ही गिर गए। लेकिन नॉर्थहेम्पटशायर ने अपने रन रेट को गिरने नहीं दिया और तेजी से रन बनाते रहे। एक छोर पर सलामी बल्लेबाज रॉशिंग्टन क्रीट पर टिके हुए थे और तेजी से रन बना रहे थे। सातवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरे क्लेनवेल्ट ने रॉशिंग्टन का बखूबी साथ दिया और दोनों ने विपक्षी टीम के गेंदबाजों के खिलाफ मोर्चा खोलो दिया। दोनों ही बल्लेबाज बेहद ही आक्रामक रुख अख्तियार कर चुके थे। 33.5 ओवर में ही टीम का स्कोर 298 पहुंच चुका था और लगने लगा था कि नॉर्थहेम्पटशायर की टीम भी दक्षिण अफ्रीका की तरह ही कमाल कर जाएगी।
लेकिन तेज-तर्रार खेल रहे रॉशिंग्टन 69 गेंदों में 97 रन बनाकर आउट हो गए और टीम के माथे में चिंता की लकीरें दौड़ गईं। रॉशिंग्टन जब आउट हुए तो टीम का स्कोर 33.5 ओवर में 298 पर 6 विकेट हो चुका था। लकिन दूसरे छोर पर तब तक क्लेनवेल्ट ने अपनी निगाहें जमा लीं थीं और जमकर चौके-छक्के लगा रहे थे। केल्नवेल्ट का साथ देने आए व्हाइट ने भी तेज रन बनाने शुरू कर दिए थे। दोनों बल्लेबाज जिस तरह से खेल रहे थे नॉटिंघमशायर को हार का डर सताने लगा था। दोनों ही बल्लेबाजों ने टीम के स्कोर को 350 के पार पहुंचा दिया। विपक्षी टीम के कप्तान लगातार अपने गेंदबाजों के साथ चर्चा कर रहे थे। नॉर्थहेम्पटशायर का स्कोर जब 396 पहुंचा तभी उनके व्हाइट 32 गेंदों में 40 रन बनाकर पटेल का शिकार बन गए और नॉटिंघमशायर के खिलाड़ियों के मुरझाए चेहरों पर खुशी लौट आई। ये भी पढ़ें: नेत्रहीनों के दूसरे टी20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम घोषित
लकिन एक छोर पर क्लेनवेल्ट लगातार रन बना रहे थे। देखते ही देखते उन्होंने अपना शतक भी पूरा कर लिया। नॉटिंघम के गेंदबाजों के कंधे झुकने लगे थे और उनकी हार-जीत के बीच क्लेनवेल्ट दीवार बनकर खड़े थे, लेकिन एक छोर पर लगातार विकेट गिरते जा रहे थे। टीम का स्कोर जब 44.4 ओवर में 396 रन था तभी क्लेनवेल्ट 63 गेंदों में 128 रनों की तेज-तर्रार पारी खेली। क्लेनवेल्ट के आउट होते ही नॉटिंघमशायर को जीत की खुशबू आने लगी और उनके गेंदबाजों का खोया विश्वास वापस आ गया। इसके बाद नॉर्थहेम्पटनशायर के पुछल्ले बल्लेबाज टीम को जरूरी लक्ष्य तक नहीं ले जा सके और टीम 48.2 ओवरों में 425 रनों पर ऑलआउट हो गई। इसी के साथ ही सांस रोक देने वाले मैच को नॉटिंघमशायर ने बेहद ही मुश्किल परिस्थिति में 20 रनों से अपने नाम कर लिया था। साथ ही दोनों ही टीमों ने मैच में कुल 870 रन बनाए और एक मैच में सबसे ज्यादा रनों के विश्व रिकॉर्ड से मात्र दो रन पीछे रह गए।
नॉर्थहेम्पटशायर की टीम भले ही मैच 20 रनों से हार गई हो लेकिन जिस तरह से उन्होंने इतनी बड़ी चुनौती के सामने आसानी से हार नहीं मानी और जो जज्बा दिखाया वो वाकई काबिलेतारीफ था।
संक्षिप्त स्कोर
नॉटिंघमशायर: 50 ओवरें में 8 विकेट के नुकसान पर 445 रन [माइकल लंब 184(150), रिकी वेसेल्स 146(97); जोश कॉब )6-0-53-3), क्लेनवेल्ट (9-0-68-1)]
नॉर्थहेम्पटनशायर: 48.2 ओवरों में 425 रन, [रॉरी क्लेनवेल्ट 128(63), ऐडम रॉशिंग्टन 97(69), स्टीफेन क्रूक 48(40); हैरी (9.2-0-69-3), स्टीवन मुलाने (10-0-68-2]
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