सचिन तेंदुलकर और शाहिद अफरीदी
सचिन तेंदुलकर और शाहिद अफरीदी

क्रिकेट में पावरप्ले के इजाद के लगभग डेढ़ दशक के बाद बल्लेबाजी में तेजी से परिवर्तन देखने को मिले और इस दौरान क्रिकेटरों ने आतिशी बल्लेबाजी को खूब तवज्जो दी। इस क्रम में पहला नाम जुड़ा श्रीलंका के सनथ जयसूर्या का। वह पावरप्ले के दौरान क्षेत्ररक्षकों के सिर के ऊपर से शॉट खेलने को ज्यादा तरजीह देते थे और उन्होंने 1996 में अपनी आतिशी बल्लेबाजी का खास नमूना पेश करते हुए वनडे क्रिकेट का सबसे तेज अर्धशतक(17 गेंदों) का रिकॉर्ड बनाया। जयसूर्या का रिकॉर्ड लगभग 19 सालों के बाद एबी डीविलियर्स ने 16 गेंदों में अर्धशतक बनाकर तोड़ा।

1996 में ही विस्फोटक बल्लेबाजी का एक और रिकॉर्ड बना जिसने विश्व क्रिकेट के सामने आतिशी बल्लेबाजी को नए रूप में प्रस्तुत किया। यह रिकॉर्ड बनाया पाकिस्तान के युवा क्रिकेटर शाहिद अफरीदी ने। अफरीदी ने श्रीलंका के खिलाफ एक मैच में 37 गेंदों में शतक बनाया। शाहिद अफरीदी का यह रिकॉर्ड अगले 17 सालों तक नहीं तोड़ा जा सका। अफरीदी के इस कीर्तिमान को न्यूजीलैंड के कोरी एंडरसन ने 36 गेंदों में वेस्टइंडीज के खिलाफ शतक लगाकर तोड़ा। बाद में एंडरसन के रिकॉर्ड को विश्व कप 2015 के ठीक पहले करिश्माई बल्लेबाज एबी डीविलियर्स ने 31 गेंदों में शतक लगाकर तोड़ दिया।  भारत बनाम इंग्लैंड, पहले टेस्ट का स्कोरकार्ड जानने के लिए क्लिक करें…

शाहिद अफरीदी ने शतक 37 गेंदों में बनाया, लेकिन उनके शतक की कहानी भारत के मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर से शुरू होती है। आपको बता दें कि जिस बैट से अफरीदी ने शतक बनाया था वह बैट तेंदुलकर का था। इस बात का खुलासा खुद शाहिद अफरीदी ने एक न्यूज वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में किया था।

अफरीदी ने बताया, ‘मैं पाकिस्तान टीम में नया था। और नैरोबी में नेट में अभ्यास करने के दौरान मुझे विकी भाई(वकार युनुस) ने एक बैट दिया और उन्होंने कहा इससे खेलो। अफरीदी ने कहा कि वह बैट सचिन तेंदुलकर का बैट था। मैंने उस बैट से नेट में हाथ आजमाए और मुझे खेलने में मजा आया और उसी बैट से मैंने अपने पहले ही वनडे मैच में 37 गेंदों में 100 रन बनाए।’ शाहिद अफरीदी की उम्र तब 16 साल 217 दिन थी। उस मैच में अफरीदी ने 11 छक्के और 6 चौके लगाए थे।

अफरीदी ने आगे बताया कि कैसे सचिन का बैट वकार के पास आया। उन्होंने बताया,’यह मेरे लिए बड़े सम्मान की बात थी कि सचिन जैसे महान खिलाड़ी के बैट से मुझे खेलने का मौका मिला। वह बैट सचिन ने वकार युनुस को दिया था और उनसे कहा था कि इसके बदले में वे उन्हें सियालकोट का बना हुआ वैसा ही बैट देंगे। हालांकि बाद में एक बार मैं उस बैट से जीरों में भी आउट हुआ। बहरहाल, ये पूरी तरह से मुझ पर निर्भर करता है कि मैं इसके के साथ कैसे खेलता हूं। कई बार लोग मुझसे कहते हैं इस बैट की मैं नीलामी कर दूं लेकिन मैंने उस बैट को आज भी अपने पास सहेज कर रखा है। इस बात की पुष्टि गल्फ न्यूज ने की थी।

यह मेरे पास एक कीमती संपत्ति के रूप में रहेगा क्योंकि इसे मैंने अपने पहले वनडे में इस्तेमाल किया था।’ अफरीदी पाकिस्तान के बेहतरीन ऑलराउंडरों में से एक हैं। उन्होंने लंबे समय तक पाकिस्तान की सीमित ओवर क्रिकेट में अगुआई भी की। अफरीदी ने पाकिस्तान के लिए 398 वनडे मैच खेले हैं जिनमें उन्होंने 8064 रन बनाए हैं। साथ ही इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 117.0 का रहा। वहीं उन्होंने पाकिस्तान के लिए 98 टी20 मैच खेले जिनमें उन्होंने 1405 रन बनाए। टी20 में अफरीदी का स्ट्राइक रेट 150 रहा है।