Photo courtesy: Shania-Lee Swart’s Facebook account
Photo courtesy: Shania-Lee Swart’s Facebook account

क्या आपको शानिया- ली स्वार्ट याद है? वही छोटी सी लड़की जिसमें बड़ा स्कोर बनाने की लगन कूट- कूटकर भरी है। अगर उसके नाम ने आपके दिमाग की घंटी नहीं बजाई है तो आपको बता दें कि यह वही युवती है जिसने अपनी टीम की ओर से एक टी20 मैच में 160 रन बनाए थे और उनकी टीम की ओर से दूसरा कोई खिलाड़ी खाता नहीं खोल पाया था। इसके बाद शानिया की दुनियाभर की मीडिया में खूब चर्चा हुई थी। लेकिन उस पारी के पहले शानिया का वजूद क्या था? क्या वह हमेशा बड़े हिट जड़ती थीं। क्रिकेटकंट्री के संपादक अभिषेक मुखर्जी ने हाल ही में शानिया से बातचीत की और कुछ महत्वपूर्ण बातें कीं।

शानिया ने 6 दिनों के अंतराल में 8 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 640 रन बनाए। ये सभी रन उनके बल्ले से सीमित ओवरों के क्रिकेट से आए। इस दौरान उन्होंने 289, 54, 47, 0, 160, 18, 4, और 68 रनों की पारियां खेलीं। 289 स्कोर को देखकर अभिषेक मुखर्जी भौंचक्के रह गए। उन्होंने शानिया से स्कोरकार्ड को लेकर पूछा। ये रन उनके 160 के स्कोर जैसे ही मपुमलंग अंडर- 19 की ओर खेलते हुए एसडब्ल्यूडी अंडर- 19 के खिलाफ खेलते हुए आए।

और स्कोकार्ड ये रहा:

रन गेंद चौके छक्के स्ट्राइक रेट एफओडब्ल्यू
चार्लीज़ स्वनेपोएल कै. एनरी डेरकसन बो. आसंदा गेमा 8 13 2 62 1/18
निकालिये वन रेनसबुर्ग कै. चैनी डेमन्स बो. एनरी डेरकसन 15 28 1 54 2/60
शानिया-ली स्वार्ट कै एंड बो. कायलेने एब्राहम्स 289 182 44 7 159 2/352
शिवानी नादेस नॉट आउट 5 83 6
अतिरिक्त रन 35
कुल स्कोर (50 ओवर, तीन विकेट) 352

हां, इस बार उन्होंने अपने टीम के अन्य खिलाड़ियों को रन बनाने की थोड़ी इजाजत दे दी। यहां थोड़ी राहत देखने को मिली क्योंकि वह इस मैच में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने को आईं। जब वह बल्लेबाजी करने को आईं तक टीम ने पहले विकेट के लिए 18 रन जोड़ लिए थे। जैसे ही वह बल्लेबाजी करने को आईं उन्होंने एसडब्ल्यूडी के गेंदबाजों की बखिया उधेड़ दी। जब शानिया पारी की अंतिम गेंद पर आउट हुईं तब तक वह 182 गेंदों में 289 रन बना चुकी थीं। उनकी इस पारी में 7 छक्के और 44 चौके शामिल थे। जो अकेले 218 रन होते हैं। जिसका मतलब उन्होंने अपने कुल स्कोर के 75.4% रन चौके- छक्कों से बनाए।

शिवानी नाडेस जो शानिया की 160 रनों की पारी के दौरान शून्य पर आउट हो गई थीं। उन्होंने यहां पर शानिया का खूब साथ निभाया। जब टीम का स्कोर 60/2 था तब शिवानी बल्लेबाजी के लिए आई थीं और तभी शानिया ने कहा था, “अपने छोर पर ध्यान केंद्रित रखना, अपना विकेट बचाओ, और अच्छी गेंद का सम्मान करो”। उन्होंने कहा कि गेंदबाज बहुत अच्छे थे। शिवानी ने शानिया की इस बात को गौर से सुना और अंत तक बल्लेबाजी की। इस तरह उन्होंने तीसरे विकेट के लिए 192 रनों की साझेदारी की। शिवानी इस दौरान 83 गेंदों में 5 रन पर नाबाद रहीं।(नहीं इसमें कोई टाइपो इरर नहीं है)। अन्य रन एक्स्ट्रा और शानिया ली के खाते में चले गए। [ये भी पढ़ें: 10 में से 8 खिलाड़ी शून्य पर आउट, एक खिलाड़ी 0 पर नाबाद, फिर भी टीम ने बना दिये 169 रन]

मपुमलंग का स्कोर अंततः 352 तक पहुंच गया। जिसमें 35 रन एक्स्ट्रा थे। अन्य शब्दों में कहें तो शानिया ली ने पारी के 91.2 प्रतिशत रन अपने बल्ले से बनाए। ये कुछ वैसा है जो हम अक्सर नहीं देखते। आपको ये भी बता दें कि शानिया ली इस मैच में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने को आई थीं और यह 50 ओवरों का मैच था।

टी20 मैच की ही तरह शानिया ली ने इस मैच में भी गेंदबाजी से विपक्षी बल्लेबाजी को ध्वस्त कर दिया। जवाब में एसडब्ल्यूडी अंडर- 19 महज 61 रनों पर सिमट गई। एसडब्ल्यूडी की ओर से एनरी डेकरसन ने सर्वाधिक 36 रन बनाए। एनरी को अंततः शानिया ने ही अपनी गेंद पर लपका। उस मैच में शानिया का गेंदबाजी फिगर 3-1-3-3 रहा। जो उनकी टीममेट केटी प्रायर के 4-3-2-3 के लगभग बराबर था।

रन बॉल स्ट्राइक रेट चौके छक्के चौके- छक्कों का प्रतिशत टीम का कुल स्कोर प्रतिशत बैट से बने टीम के कुल रन प्रतिशत
289 182 159 44 7 75.40% 352 82% 317 91%
160 86 186 18 12 90.00% 169 95% 160 100%

नोट करें कि उन्होंने 289 रनों की पारी 54 और 47 रनों पारियों(दोनों टी20 मैचों) के बाद खेली थी। लेकिन वह अभिषेक मुखर्जी के साथ सबसे ज्यादा अपने शून्य पर आउट होने को लेकर चर्चा करने को ज्यादा उत्सुक नजर आईं। उन्होंने कहा, “गेंद घूमी, मैं गेंद को ब्लॉक करना चाहती थी लेकिन वह मेरे बैट के नीचे निकल गई।” साथ ही वह अपनी एक और पारी से संतुष्ट नहीं थीं जिसमें वह 4 रन बनाकर आउट हो गई थीं। उन्होंने पाया कि वह उनकी ही गलती थी। क्योंकि उस मौके पर उन्होंने गेंद को सीधे फील्डर की ओर खेल दिया था। जैसा कि दुनिया जानती है कि दक्षिण अफ्रीकी फील्डर कैच नहीं टपकाते और वही देखने को मिला।