भारत ने दक्षिण अफ्रीका को एक रन से हरा दिया © Getty Images
भारत ने दक्षिण अफ्रीका को एक रन से हरा दिया © Getty Images

आज इतिहास के पन्नों से हम आपके लिए खंगाल कर लाए हैं 15 जनवरी साल 2011 में खेले गए भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला गया मुकाबला। इस मुकाबले ने रोमांच की सारी सीमाओं को लांघते हुए दर्शकों की सांसें रोक दीं थीं। मैच का रुख कभी भारत के पक्ष में दिख रहा था तो कभी दक्षिण अफ्रीका के पक्ष में। मैच की अंतिम गेंद पर मैच का निर्णय हो सका था और भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 1 रन से हरा दिया था। तो आखिर क्या हुआ था उस दिन और कैसे भारत ने दक्षिण अफ्रीका को हराया था आइए जानते हैं।

पहला मैच दक्षिण अफ्रीका ने सीरीज का पहला मैच अपने नाम कर लिया था और दूसरा मैच जोहान्सबर्ग में खेला जाना था। मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। भारत की तरफ से सलामी बल्लेबाजी के लिए मुरली विजय और सचिन तेंदुलकर। सचिन और विजय ने टीम को सधी हुई शुरुआत देने की कोशिश की लेकिन सोतसोबे ने विजय को 16 रन के निजी स्कोर पर कैच आउट करा भारत को पहला झटका दे दिया। भारत का पहला विकेट 21 रनों पर गिर चुका था। इसके बाद बल्लेबाजी के लिए आए विराट कोहली ने सचिन के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाया और टीम के स्कोर को पचास के पार पहुंचा दिया। अभी टीम संभलती ही नजर आ रही थी कि तभी कोहली को मिलर ने 22 रन के निजी स्कोर पर रन आउट कर दिया।

वहीं अब क्रीज पर युवराज सिंह आ चुके थे। अभी टीम के खाते में चार ही रन जुड़े थे कि सचिन भी 24 रन के निजी योग पर बोथा की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए और भारतीय टीम को संकट में छोड़कर पवेलियन लौट गए। भारत के तीन बड़े खिलाड़ी अब पवेलियन लौट चुके थे। लेकिन युवराज और महेंद्र सिंह धोनी ने इसके बाद पारी को संभाला और धीरे-धीरे भारतीय पारी को आगे बढ़ाते रहे। इसी बीच दोनों खिलाड़ियों ने टीम का स्कोर 100 के पार पहुंचा दिया। वहीं युवराज लगातार बाहतरीन खेल रहे थे और भारी दबाव के बीच भारतीय पारी को आगे बढ़ा रहे थे। देखते ही देखते युवराज ने अपना अर्धशतक ठोक डाला और टीम के स्कोर को 150 के पार पहुंचा दिया। लेकिन अभी टीम का स्कोर 150 की हुआ था बेहतरीन खेल रहे युवराज को सोतसोबे ने 53 के निजी स्कोर पर आउट कर भारत की कमर तोड़ दी।  ये भी पढ़ें: भारत बनाम इंग्लैंड वनडे सीरीज के खास होने की 5 बड़ी बातें

भारत को अब तक चार झटके लग चुके थे। वहीं दूसरे छोर पर धोनी धीरे-धीरे बड़ी पारी की ओर बढ़ रहे थे। लेकिन युवराज की जगह बल्लेबाजी के लिए आए सुरेश रैना भी जल्दी आउट हो गए और टीम को पांचवां झटका लग गया। रैना के आउट होने के बाद भारतीय टीम का स्कोर 41.1 ओवरों में पांच विकेट के नुकसान पर 169 रन था। अभी टीम के स्कोर में 3 ही रन जुड़े थे कि लय में दिख रहे थे धोनी भी 38 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। धोनी के आउट होते ही भारतीय पारी ढह गई और पूरी टीम मात्र 47.2 ओवरों में 190 रन बनाकर ऑल आउट हो गई।

भारतीय टीम के प्रशंसक टीम की बल्लेबाजा से काफी नाखुश थे और अब गेंदबाजों से चमत्कार की उम्मीद थी। गेंदबाजों के सामने चुनौती बहुत ही मुश्किल थी। एक तरफ दक्षिण अफ्रीका का मजबूत बल्लेबाजी क्रम था तो दूसरी तरफ 190 रनों का मामूली स्कोर। लेकिन भारतीय टीम ने हार नहीं मानी और मजबूत इरादों के साथ मैदान पर उतरी। दक्षिण अफ्रीका की तरफ से बल्लेबाजी के लिए आए हाशिम आमला और गीम स्मिथ। आमला ने चौका जड़कर अपने इरादे जाहिर कर दिए। लेकिन दूसरे ओवर में तेज गेंदबाज मुनाफ पटेल ने आमला को आउट कर भारत को पहली सफलता दिला दी। दक्षिण अफ्रीका का पहला विकेट 7 रन के योग पर गिर चुका था। जैसे ही दक्षिण अफ्रीका का विकेट गिरा वैसे ही भारतीय समर्थक खुशी से झूम उठे।

लेकिन पहला विकेट गिरने के बाद इंग्रम ने स्मिथ के साथ मिलकर को पारी को संभाल लिया और दोनों भारतीय गेंदबाजों पर प्रहार करने लगे। देखते ही देखते टीम का स्कोर पचास के पार पहुंच गया। भारत के ऊपर दबाव बनने लगा था और मैच में वापसी के लिए भारत को विकेट की जरूरत थी। ऐसे में हरभजन सिंह ने गेंदबाजी का दारोमदार संभाला और इंग्रम को अपना शिकार बना भारतीय खिलाड़ियों के साथ-साथ समर्थकों को भी झूमने का मौका दे दिया। दक्षिण अफ्रीका का दूसरा विकेट 66 रनों के योग पर गिर चुका था। लेकिन भारत के लिए जीत इतनी आसान नहीं दिख रही थी। स्मिथ का साथ देने आए एबी डिविलियर्स। अभी टीम के स्कोर में 11 रन ही जुड़े थे की भारत के बेहतरीन गेंदबाज आशीष नेहरा ने डिविलियर्स को आउट कर भारत को बहुत बड़ी सफलता दिला दी। डिविलियर्स का विकेट गिरते ही दक्षिण अफ्रीकी समर्थक मायूस हो गए। अब भारत के लिए जीत की उम्मीद जग गई थी। लेकिन दूसरी तरफ स्मिथ भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ जमकर हल्ला बोल रहे थे और लगातार रन बना रहे थे।

वहीं डिविलियर्स के स्थान पर बल्लेबाजी के लिए जेपी ड्यूमिनी भी ज्यादा देर मैदान पर टिक नहीं सके और ड्यूमिनी को रोहित शर्मा ने अपना शिकार बना डाला। ड्यूमिनी के आउट होने के बाद दक्षिण अफ्रीका का स्कोर 24.3 ओवरों में चार विकेट के नुकसान पर 120 रन हो गया था। अब भारत को लगने लगा था कि अगर थोड़ी सी और मेहनत कर ली जाए तो मैच जीता जा सकता है। दूसरे छोर पर डटकर खेल रहे स्मिथ ने अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। और डेविड मिलर के साथ मिलकर टीम का स्कोर 150 के पार पहुंचा दिया। दोनों के बीच साझेदारी बढ़ती जा रही थी और इसी के साथ भारत की चिंताएं भी। कप्तान धोनी के माथे पर अब चिंताएं साफ देखी जा सकतीं थीं।

ऐसे में धोनी ने जहीर खान को गेंदबाजी को आक्रमण पर लगाया और जहीर ने मिलर को आउट कर भारत को जरूरी सफलता दिला दी। अब भारतीय टीम की जीत की उम्मीद और बढ़ गई थी। लेकिन स्मिथ अभी भी खतरा बने हुए थे। भारत के लिए स्मिथ का विकेट ही हार-जीत का कारण बन सकता था। ऐसे में मुनाफ पटेल ने गेंदबाजी की जिम्मेदारी का बखूबी पालन करते हुए स्मिथ का बड़ा विकेट निकालकर भारतीय टीम को झूमने पर मजबूर कर दिया। स्मिथ का विकेट गिरते ही हर कोई जश्न मनाने लगा। ऐसा लग रहा था जैसे भारत को जीत मिल गई हो। स्मिथ के आउट होने के बाद दक्षिण अफ्रीका का स्कोर 32.1 ओवरों में पांच विकेट के नुकसान पर 152 रन था। भारत भले ही जश्न मना रहा था लेकिन दक्षिण अफ्रीका अभी भी मैच में मजबूत दिख रही थी। लेकिन भारतीय टीम ने इसके बाद जल्दी-जल्दी दो और विकेट निकालकर दक्षिण अफ्रीका को बैकफुट पर ढकेल दिया।

दक्षिण अफ्रीका का स्कोर अब 35.1 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 163 रन था। हालांकि दक्षिण अफ्रीका के लिए ओवर कोई समस्या नहीं थी। लेकिन उनके विकेट लगातार गिर रहे थे। अब भारत को जीत के लिए 3 विकेट और दक्षिण अफ्रीका को जीत के लिए सिर्फ 28 रनों की दरकार थी। वेन पार्नेल और डेल स्टेन की जोड़ी मैदान पर थी। दोनों एक-एक रन लेकर पारी को आगे बढ़ा रहे थे। ये एक-एक रन भारत के लिए मुसीबत बनते जा रहे थे। तभी रन लेने की कोशिश में स्टेन रन आउट हो गए और भारत को आठवीं सफलता मिल गई। मैच अब काफी रोमांचक हो चुका था और किसी भी क्षण कहीं भी मुड़ सकता था। दक्षिण अफ्रीका का स्कोर 39 ओवरों में 8 विकेट के नुकसान पर 177 रन था। बल्लेबाजी के लिए आए मोर्ने मोर्केल ने एक चौका जड़कर भारतीय टीम की चिंताओं को बढ़ा दिया। लेकिन तभी मोर्केल को मनाफ ने आउट कर एक बार फिर से मैच को भारत की तरफ मोड़ दिया।  ये भी पढ़ें: युवराज सिंह को वनडे टीम में चुनना चयनकर्ताओं का एक कमजोर फैसला

अब तक दक्षिण अफ्रीका के 188 रनों पर 9 विकेट गिर चुके थे। अब भारत को जीत के लिए सिर्फ एक विकेट की जरूरत थी तो दक्षिण अफ्रीका को जीत के लिए 13 रनों की। अब रोमांच सारी हदों को पार कर चुका था। पार्नेल लेकिन बार-बार भारत के लिए खतरा बन रहे थे। लेकिन मुनाफ पटेल ने पार्नेल को 27 रनों के योग पर आउट कर भारत को रोमांचक मैच में एक रन से जीत दिला दी। भारत की जीत के साथ ही समर्थकों की खुशी का ठिकाना नहीं था। वहीं दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ियों और समर्थकों को समझ नहीं आ रहा था कि मैच उनके हाथ से कैसे निकल गया।