भारतीय टीम  © PTI (File Photo)
भारतीय टीम © PTI (File Photo)

साल 2014 में बांग्लादेश दौरे पर गई टीम इंडिया को मेजबान टीम के साथ 3 मैचों की वनडे सीरीज खेलनी थी। इस सीरीज में ज्यादातर नए नवेले खिलाड़ी भेजे गए थे और इस नई टीम का कप्तान बनाया गया सुरेश रैना को। सीरीज का पहला मैच मीरपुर में खेला गया जिसे टीम इंडिया ने 7 विकेट के अंतर से जीत लिया। गौर करने वाली बात है कि इस मैच मैं टॉस बांग्लादेश ने जीता था और बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। सीरीज का दूसरा वनडे भी मीरपुर बांग्लादेश में खेला गया। मैच में बांग्लादेश ने एक बार फिर से टॉस जीता और इस बार पहले गेंदबाजी करने का निर्णय लिया। यह इसलिए भी क्योंकि मौसम सर्द था और पिच पर हरियाली छाई हुई थी। अगले कुछ ओवरों में भारत के दोनों ओपनर रॉबिन उथप्पा और अजिंक्य रहाणे पिच पर चहलकदमी करते नजर आए। पहला ओवर मशरफे मुर्तजा लेकर आए। लेकिन ओवर की दूसरी ही गेंद पर रहाणे चकमा खा गए और पगबाधा आउट हो गए। इस तरह टीम इंडिया ने शून्य के स्कोर पर अपना पहला विकेट गंवा दिया था।

इसके बाद पुजारा और रॉबिन उथप्पा ने दूसरे विकेट के लिए पारी संभालने की कोशिश की। लेकिन इसी बीच मैदान पर झमाझम बारिश होने लगी। सब खिलाड़ी मैदान के बाहर चले गए। लगभग आधे घंटे के अंतराल के बाद मैच फिर से शुरू हुआ। अब मैच 41-41 ओवर का कर दिया गया था। इसी बीच उथप्पा ने शानदार चौका जड़ा। लेकिन इसी ओवर में उथप्पा ने गेंद को पुल करने का प्रयास किया लेकिन गेंद हवा में चली गई और मिड ऑफ पर खड़े जिया उर रहमान ने उन्हें कैच आउट कर दिया। इस तरह उथप्पा 14 रन बनाकर आउट हो गए। इसके एक ओवर बाद तक दोनों नए भारतीय बल्लेबाज संभलकर बल्लेबाजी करते नजर आए। लेकिन नौंवे ओवर की पहली गेंद पर नए नवेले बल्लेबाज रायुडू को तस्किन अहमद ने पगबाधा आउट कर दिया। इस तरह टीम इंडिया ने 28 रनों के स्कोर पर अपना तीसरा विकेट गंवा दिया। अब कप्तान सुरेश रैना क्रीज पर आए और उन्होंने आते ही मुर्तजा की गेंद पर प्वाइंट का खूबसूरत चौका जड़ दिया। [ये भी पढ़ें: जब दो मैचों में सुरेश रैना की जर्सी पहनकर उतरे सौरव गांगुली, भारत ने जीते दोनों मैच]

अगले ओवर में रैना ने तस्किन अहमद की गेंद पर पुल करते हुए स्क्वेयर लेग का चौका जड़ दिया। रैना यहीं नहीं रुके और अगले ओवर में मुर्तजा की गेंद पर उन्होंने फिर से पुल शॉट जड़ने की कोशिश की और गेंद बल्ले का बाहरी किनारा लेती हुई हवा में उछल गई और कीपर के सिर के ऊपर से होती हुई एक टप्पा खाकर थर्डमेन बाउंड्री के बाहर चली गई। 14वां ओवर लेकर आए तस्किन ने अपनी चौथी गेंद पर पुजारा को 11 रनों के व्यक्तिगत स्कोर पर पगबाधा आउट कर दिया और इस तरह टीम इंडिया ने 55 रनों पर अपने 4 विकेट गंवा दिए। इसके बाद रैना का साथ निभाने साहा आए और दोनों ने अगले कुछ ओवरों तक सिंगल- डबल के सहारे स्कोर को आगे बढ़ाया। 17वें ओवर में साहा ने मुर्तजा की गेंद पर झन्नाटेदार स्ट्रेट ड्राइव लगाया और चार रन बटोरे। अगली ही गेंद पर मुर्तजा ने साहा को पगबाधा आउट कर दिया। साहा ने कुल 5 रनों का योगदान दिया।

इसके बाद सुरेश रैना का साथ निभाने स्टुअर्ट बिन्नी आए। इसी ओवर की अगली गेंद पर रन दौड़ने के दौरान दोनों के बीच गलतफहमी हो गई और रैना रन आउट हो गए। इस तरह टीम इंडिया की नैय्या मझधार में नजर आने लगी क्योंकि उनके कुल 66 रनों पर 6 विकेट गिर चुके थे। रैना ने कुल 27 रन बनाए। उनके बाद बल्लेबाजी के लिए अक्षर पटेल आए। पटेल ने पहली ही गेंद पर मिड ऑन के सिर के ऊपर से चौका बटोरा। इसके बाद तीसरी गेंद पर स्क्वेरिश कवर की दिशा में पंच करते हुए गेंद को चार रनों के लिए बाउंड्री के बाहर पहुंचाया। इस तरह अब पटेल खतरनाक नजर आ रहे थे। इस बात कोभांपते हुए पांचवीं गेंद पर ही अल अमीन ने पटेल को क्लीन बोल्ड कर दिया। इस तरह टीम इंडिया के 75 रनों पर 7 विकेट गिर गए।

पटेल 8 रन बनाकर आउट हुए। पटेल के आउट होने के बाद बिन्नी और अमित मिश्रा ने जैसे- तैसे पारी को आगे बढ़ाया। लेकिन ये काफी नहीं था क्योंकि जलजला फिर से आने वाला था। 21वें ओवर में स्टुअर्ट बिन्नी को तस्किन अहमद ने विकेटकीपर के हाथों झिलवा दिया और अब टीम इंडिया की हालत और पतली हो चली थी। क्योंकि 81 रनों पर 8 विकेट गिर चुके थे। जब अहमद अगला ओवर लेकर आए तो उन्होंने अमित मिश्रा को एल्बीडब्ल्यू आउट कर दिया। मिश्रा ने 4 रन बनाए। इस तरह टीम इंडिया के 86 रनों पर नौ विकेट गिर गए और अब अंतिम जोड़ी मैदान पर थी। उमेश यादव ने आते ही दो रन लिए और अहमद की अंतिम गेंद पर मिड ऑफ का शानदार चौका जड़ दिया। अगले ओवर में मोहित शर्मा ने कुछ सिंगल लिए।

अब 26वां ओवर डालने के लिए अल अमीन हुसैन आए। उनकी अंतिम दो गेंदों पर चौका- छक्का यादव ने जड़ दिया। इस तरह टीम इंडिया का स्कोर 100 पार कर गया। लेकिन अगले ओवर में ही शाकिब अल हसन ने यादव को बोल्ड करते हुए टीम इंडिया की पारी को 105 रनों पर समेट दिया। यादव ने 17 रन बनाए। भारत की ओर से सुरेश रैना ने सर्वाधिक 27 रन बनाए। वहीं सात भारतीय बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा तक नहीं छू पाए। बांग्लादेश की ओर से उस मैच में डेब्यू करने वाले तस्किन ने पांच विकेट लिए।

जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी बांग्लादेश टीम के बल्लेबाज तमीम इकबाल ने मोहित शर्मा की पहली गेंद पर कवर्स का चौका जड़ दिया। दूसरी गेंद पर ही बांग्लादेश को तमीम इकबाल के रूप में पहला झटका लगा। तमीम को मोहित शर्मा ने साहा के हाथों विकेट के पीछे झिलवाया। इसके बाद दूसरे ओवर में मोहम्मद मिथुन ने उमेश यादव के ओवर में दो चौके जड़े और इस तरह बांग्लादेश टीम एक बार फिर से मैच में वापस आती नजर आ रही थी। लेकिन तीसरे ओवर में मोहित शर्मा ने अनामुल हक को खासा परेशान किया और अंतिम गेंद पर अनामुल हक को प्वाइंट में रहाणे के हाथों झिलवाते हुए भारत को दूसरी सफलता दिलवाई और अब बांग्लादेश का स्कोर 13/2 हो चुका था। इसके बाद मोहम्मद मिथुन और मुशिफिकुर रहीम ने पारी को संभाला और 44 रनों तक कोई विकेट नहीं गिरने दिया। अब ऐसा लगा रहा था कि मैच टीम इंडिया के हाथों से फिसल गया है। लेकिन इसी बीच स्टुअर्ट बिन्नी आए और उन्होंने रहीम को साहा के हाथों झिलवा दिया। इस तरह 44 के स्कोर पर बांग्लादेश का तीसरा विकेट गिर गया।

अपने अगले ओवर में बिन्नी ने मिथुन को भी आउट कर दिया। इस तरह बांग्लादेश के 50 रनों पर 4 विकेट गिर गए। अगली गेंद पर बिन्नी ने महमदुल्लाह को भी आउट कर दिया। बिन्नी अब हैट्रिक पर थे लेकिन वह उसे पूरा नहीं कर पाए। इसी बीच कप्तान रैना मोहित शर्मा को ले आए और शर्मा ने आते ही शाकिब को आउट कर दिया। अब बांग्लादेश के 52 रनों पर 6 विकेट गिए गए थे। इसी ओवर की तीसरी गेंद पर शर्मा ने जिया उर रहमान को आउट कर दिया। अब मैच टीम इंडिया के हाथ में नजर आ रहा था। अगले ओवर में बिन्नी ने मुर्तजा को सस्ते में आउट कर दिया और अब बांग्लादेश का स्कोर 56/8 हो चला था। इसके अगले ओवर में ही बिन्नी ने चार गेंदों में दो विकेट(नासिर हुसैन और अल अमीन हुसैन) लेते हुए बांग्लादेश की पारी 58 रनों पर समेट दी। इस तरह टीम इंडिया मैच 47 रनों से जीत गई।

भारत की ओर से बिन्नी ने इस मैच में सर्वाधिक 6 विकेट लिए। वहीं, मोहित शर्मा को 4 विकेट मिले। गौर करने वाली बात है कि बिन्नी ने 6 विकेट लेने के लिए 4 रन खर्च किए। इस मैच में बांग्लादेश के 9 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा नहीं छू पाए थे। मोहम्मद मिथुन ने सर्वाधिक 26 रन बनाए।