5 मौके जब 350 से ज्यादा रनों के लक्ष्य भी छोटा साबित हुआ
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वनडे क्रिकेट के शुरूआती दौर में अगर पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम अगर 250 का स्कोर बना लेती थी तो उसकी जीत लगभग सुनिश्चित मानी जाती थी। लेकिन आज टी20 क्रिकेट के दौर में वनडे क्रिकेट में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीमें 300 रन बनाकर भी सुरक्षित महसूस नहीं करती हैं। इसका कारण ये है कि आज कल दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने वाली टीम बड़ी ही आसानी से 300 रनों के लक्ष्य का पीछा कर लेती हैं। भारत ने वनडे मैचों में सबसे ज्यादा 16 बार विरोधी टीम के 300 से ज्यादा के लक्ष्य को छोटा साबित किया। आइए जानते हैं वनडे क्रिकेट में किन 5 मौके पर टीमों ने लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे ज्यादा रन बनाए और जीत हासिल की।

5. न्यूजीलैंड(350/9) बनाम ऑस्ट्रेलिया(346/5):

When teams chased down 350plus Score in ODI Cricket
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20 फरवरी 2007 को चैपल-हेडली सीरीज के इस तीसरे मैच में लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड ने 3 गेंद शेष रहते 350 रन बनाकर सीरीज अपने नाम कर लिया था। हैमिल्टन में हुए इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। मैथ्यू हेडेन के शानदार 181 रनों की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने न्यूजीलैंड के सामने 347 रनों का लक्ष्य रखा। लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड ने अपने 5 विकेट मात्र 116 रनों पर गवां दिये थे, इसके बाद क्रेग मैकमिलन और मैकालम ने 165 रन की साझेदारी निभाकर न्यूजीलैंड की पारी को न सिर्फ उबारा बल्कि उसको जीत के करीब पहुंचा दिया। 49.3 ओवर तक चले इस मुकाबले में बाजी न्यूजीलैंड के हाथ लगी। न्यूजीलैंड के लिए मैकमिलन ने सबसे ज्यादा 117 रन बनाएं जबकि मैकुलम ने 86 रनों की मैच जिताउ पारी खेली।

4. इंग्लैंड(350/3) बनाम न्यूजीलैंड(349/7):

When teams chased down 350plus Score in ODI Cricket
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17 जून 2015 को नॉटिंघम में खेले गए इस मुकाबले में इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड के 350 रनों के लक्ष्य को बौना साबित कर दिया। इस मैच में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट खोकर 349 रन बनाएं, न्यूजीलैंड के लिए केन विलियमसन ने सबसे ज्यादा 90 रन का योगदान किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड जैसे मैच को जल्दी खत्म करने का ठान के आयी हो, इंग्लैंड के लिए रॉय और हॉल्स ने पहले विकेट के लिए 10.4 ओवर में 100 रन जोड़ दिये। इसके बाद रूट और कप्तान मोर्गन के शतकों ने रही सही कसर पूरी कर दी। इतना बड़ा टारगेट देने के बाद भी न्यूजीलैंड कभी भी मैच में जीत की स्थिती में नही रहा। इंग्लैंड ने लक्ष्य को सिर्फ 3 विकेट खोकर केवल 44 ओवरों में ही पा लिया। इंग्लैंड की इस शानदार जीत में कप्तान मोर्गन ने 113 और रूट ने 106 रनों का योगदान दिया।

3.भारत(351/4) बनाम ऑस्ट्रेलिया(350/6):

When teams chased down 350plus Score in ODI Cricket
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30 अक्टूबर 2013 को नागपुर में खेले गए इस मुकाबले में कप्तान धोनी ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। उनका ये फैसला गलत साबित होता दिखा जब ऑस्ट्रेलिया ने कप्तान बेली और वाटसन की शतकों की बदौलत बोर्ड पर 350 रन टांग दिए। लेकिन 351 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम कभी भी दबाव में नहीं दिखी। रोहित शर्मा और शिखर धवन ने भारत को शानदार शुरूआत देते हुए पहले विकेट के लिए 178 रन की साझेदारी कर दी। रोहित शर्मा के आउट होने के बाद मैदान पर उतरे कोहली ने जिस अंदाज में बल्लेबाजी करना शुरू किया लगा वो मैच 40 ओवर में ही खत्म कर देंगे उन्होन तेजतर्रार पारी खेलते हुए सिर्फ 61 गेंदों में शतक लगाकर ऑस्ट्रेलिया के 351 के लक्ष्य को बौना साबित कर दिया। विराट कोहली और शिखर धवन की शतकों की बदौलत ये मैच भारत ने तीन गेंद शेष रहते 6 विकेट से जीत लिया था।

2.भारत(362/1) बनाम ऑस्ट्रेलिया(359/5):

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वनडे क्रिकेट इतिहास में लक्ष्य का पीछा करते हुए हासिल किये गये दूसरे सबसे बड़े लक्ष्य का गवाह बना ये ऐतिहासिक मैच 16 अक्टूबर 2013 को जयपुर में खेला गया। सीरीज में 1-0 की बढ़त ले चुकी ऑस्ट्रलियाई टीम ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। ऑस्ट्रलियाई टीम ने शानदार शुरूआत करते हुए फिल ह्यूज के 83 और कप्तान बेली के 92 रनों की बदौलत 359 रन का मैमॉथ स्कोर खड़ा कर भारत को जीत के लिए 360 रनों का लक्ष्य दिया। इस विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने भी शानदार शुरूआत की, भारत के लिए रोहित और धवन ने 178 रन सिर्फ 26 ओवर में जोड़ दिए। रोहित शर्मा के आउट होने के बाद उतरे विराट कोहली ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी की बखिया उझेड़ते हुए भारत के लिए सबसे तेज शतक जड़ दिया। विराट ने सिर्फ 52 गेंदों में शतक जड़ कर भारत को 43.3 ओवरों में ही जीत दिला दी। मैच में रोहित शर्मा ने भी 141 रनों की शानदार पारी खेली। भारत ने सिर्फ एक विकेट खोकर इस मैच को जीत लिया।

1.साउथ अफ्रीका(438/9) बनाम ऑस्ट्रेलिया(434/4):

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12 मार्च 2006 को जोहांसबर्ग में खेले गए इस मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने वनडे क्रिकेट के सबसे बड़े स्कोर का पीछा किया। इस मैच कुल 872 रन बने जो किसी वनडे में एक मैच में बने सर्वाधिक रन है। सीरीज में इस अंतिम मैच से पहले दोनो टीमों ने दो-दो मैच जीते थे इस लिहाज से सीरीज का निर्णायक मुकाबला भी था। इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने पोंटिग के 164 रनों और हसी, गिलक्रिस्ट और कैटिच के अर्दशतको की मदद से वनडे क्रिकेट का सर्वाधिक स्कोर 434 बनाया। 435 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी साउथ अफ्रीकन टीम की शुरूआत अच्छी नहीं रही सलामी बल्लेबाज डिपेनार मात्र 1 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद कप्तान स्मिथ और गिब्स ने टी-20 अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए दूसरे विकेट के लिए 187 रन जोड़ दिए। स्मिथ के आउट होने के बाद साउथ अफ्रीकन टीम थोड़ी लड़खड़ाई जब डीविलियर्स, कालिस सस्ते में निपट गए। गिब्स भी 175 रन की शानदार पारी खेलने के बाद पवेलियन लौट गए। केंप के आउट होने के बाद बाउचर ने वॉन डर वाथ के साथ तेज 44 रन जोड़ कर टीम को जीत के करीब पहुंचा दिया। बाउचर ने अंतिम ओवर की पांचवी गेंद पर चौका मार कर साउथ अफ्रीका को ऐतिहासिक जीत दिला दी। इस जीत के साथ ही साउथ अफ्रीका ने सीरीज भी अपने नाम कर लिया।