दुनिया में कमाई करने के मामले में क्यों पीछे हैं क्रिकेटर्स?

भारत में भले ही क्रिकेट सबसे लोकप्रिय खेल हो और क्रिकेटरों पर यहां जमकर पैसा लुटाया जाता हो, लेकिन आपको यह जानकर हैरत होगी कि विश्व के टॉप 10 खिलाड़ियों के बीच कमाई करने के मामले में किसी भी क्रिकेटर का नाम नहीं आता। साल 2015 में फोर्ब्स मैगजीन ने विश्व के सबसे ज्यादा कमाई करने वाले 100 खिलाड़ियों की सूची जारी की थी। इस सूची के अगर टॉप 10 खिलाड़ियों पर नजर दौड़ाएं तो उनमें कुल 5 स्पोटर्स बॉक्सिंग, फुटबॉल, टेनिस, बॉस्केटबॉल और गोल्फ के खिलाड़ियों का कब्जा है। कमाई करने के मामले में किसी क्रिकेटर का अगर नाम आता है तो वह जाकर 23वें नंबर पर आता है। 23वें नंबर पर काबिज यह शख्स भारतीय क्रिकेट टीम के लिमिटेड ओवर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी हैं।

धोनी के अलावा टॉप 100 खिलाड़ियों में किसी अन्य क्रिकेटर का नाम नहीं है। इस सूची में शीर्ष पर फ्लोएड मेवेदर हैं जो बॉक्सिंग से ताल्लुक रखते हैं। मेवेदर की कुल कमाई 300 मिलियन डॉलर है जिसके मुकाबले में एम एस धोनी की कमाई 31 मिलियन डॉलर मेवेदर की कमाई का दसवां हिस्सा नजर आती है। गौर करने वाली बात यह है कि मेवेदर की कमाई का सबसे बड़ा भाग उनकी सैलरी व मैच जीतने के एवज में उन्हें दिया जाता है जिसकी राशि 285 मिलियन डॉलर है वहीं इन्डोर्समेंट से वह 15 मिलियन डॉलर की ही कमाई करते हैं। लेकिन इस बीच सवाल खड़ा होता है कि आखिर कमाई करने के मामले में क्रिकेटर इतने पीछे क्यों हैं? बहरहाल, अगर बॉक्सर खिलाड़ियों से क्रिकेटरों की कमाई की तुलना करें तो वह ठीक नहीं होगा, क्योंकि इस खेल में हर टीम की ओर से एक खिलाड़ी होता है। ऐसे में सारी प्राइज मनी एक खिलाड़ी ही ले जाता है वहीं क्रिकेट में प्राइज मनी पूरी टीम के बीच बांटी जाती है।

लेकिन क्रिकेट के खिलाड़ियों की तुलना फुटबॉल के खिलाड़ियों की कमाई से जरूर की जा सकती है। गौर करने वाली बात यह है कि सर्वाधिक कमाई करने के मामले में फुटबॉल के खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो और लियोनल मेसी क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। दोनों की कमाई धोनी की कमाई से 3 गुना से भी ज्यादा है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि फुटबॉल विश्व का सबसे बड़ा फैन बेस वाला खेल है। sporteology.com के मुताबिक इस खेल का फैन बेस 3.3 से 3.5 बिलियन के आसपास है जो क्रिकेट के फैन बेस से दुगुने से भी ज्यादा है। फैन बेस ज्यादा होने के कारण इस स्पोर्ट्स को महंगे स्पॉन्सर्स मिलते हैं और गाढ़ी कमाई होती है जिसके कारण खिलाड़ियों को प्राइज मनी भी जमकर दी जाती है। विश्व के अगर सबसे महंगे क्रिकेट टूर्नामेंट की बात करें तो इसमें आईपीएल का नाम आता है जिसमें 750 मिलियन डॉलर के आसपास सालाना पैसा खर्च किया जाता है।

वहीं फुटबॉल की सबसे महंगी फ्रेंचाइजी टीम की वैल्यू 3.44 बिलियन के बराबर है। क्रिकेट के खिलाड़ी अपनी ज्यादातर कमाई इंडोर्समेंट के द्वारा करते हैं वहीं फुटबॉल के खिलाड़ी अपनी ज्यादातर कमाई प्राइज मनी  के रूप में हासिल करते हैं। इंडोर्समेंट की कमाई को अगर आंके तो एम एस धोनी जो इंडोर्समेंट से 27 मिलियन डॉलर की कमाई करते हैं वह लियोनल मैसी(22 मिलियन डॉलर) से आगे और क्रिस्टियानो रोनाल्डो(27 मिलियन डॉलर) की बराबरी में हैं। जाहिर है कि अगर भविष्य में क्रिकेट भी विश्व में फुटबॉल की तरह ही छाप छोड़ने में कामयाब हो जाता है तो क्रिकेटरों की सालाना सैलरी व विनिंग प्राइज रेट बढ़ेगा और तब हो सकता है कि कमाई के मामले में वह फुटबॉल व अन्य स्पोर्ट्स के खिलाड़ियों को पीछे छोड़ पाएं।