क्या अनुभवहीन ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजी भारतीय बल्लेबाजों को परेशान कर पाएगी © Getty Images
क्या अनुभवहीन ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजी भारतीय बल्लेबाजों को परेशान कर पाएगी © Getty Images

भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज खेलने ऑस्ट्रेलिया पहुंच चुकी है। 12 जनवरी को भारतीय टीम पर्थ की तेज पिच पर ऑस्ट्रेलिया का सामना करेगी। इसके लिए भारतीय टीम अपनी तैयारियों में लग चुकी है। ऑस्ट्रेलिया की तेज पिचों पर तेज गेंदबाज कितने अहम होते हैं ये बताने की जरूरत नहीं है। ऑस्ट्रेलिया के पास हमेशा विश्वस्तरीय तेज गेंदबाज रहे हैं डेनिस लिली, ग्लेन मैक्ग्रा, ब्रेट ली, मिचेल जॉनसन जैसे तेज गेंदबाज विपक्षी टीम के बल्लेबाजों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं थे। लेकिन इस बार भारत के खिलाफ इस दौरे पर ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजी की धार कुंद सी नजर आ रही है। मिचेल जॉनसन क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं तो मौजूदा समय ऑस्ट्रेलिया के सबसे बेहतरीन गेंदबाज मिचेल स्टार्क चोट के कारण टीम से बाहर हैं। स्थिति ये है कि ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजी की कमान नए नवेले जॉश हेजलवुड के हाथों में है। उनका साथ देने के लिए क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने दो नए गेंदबाजों स्कॉट बोलेंड और जोएल पेरिस को टीम में मौका दिया है। इसके अलावा मिशेल मार्श और जेम्स फॉकनर तेज गेंदबाजी करते हैं, लेकिन ये दोनों विशुद्ध तेज गेंदबाज होने की बजाए टीम में ऑलराउंडर की भूमिका निभाते हैं।

अगर गौर किया जाए हेजलवुड के अलावा कोई भी नाम विश्वस्तरीय नहीं है। वैसे तो वनडे क्रिकेट में हेजलवुड के पास भी कुल 13 मैचों का अनुभव है। ऑस्ट्रेलियाई टीम शायद पहली बार इस तरह की स्थिति से गुजर रही होगी जब उसके पास कोई भी अनुभवी गेंदबाज नहीं है। आइए नजर डालते हैं इन ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों के आंकड़ों पर और जानने की कोशिश करते हैं कि भारतीय बल्लेबाजी के खिलाफ इनसे कितनी उम्मीद की जा सकती है।

1.जॉश हेजलवुड:

जॉश हेजलवुड को युवा कंधों पर ऑस्ट्रेलियाई पेस अटैक की जिम्मेदारी होगी © Getty Images
जॉश हेजलवुड के युवा कंधों पर ऑस्ट्रेलियाई पेस अटैक की जिम्मेदारी होगी © Getty Images

मौजूदा ऑस्ट्रेलियाई टीम में एकमात्र विश्वस्तरीय तेज गेंदबाज जॉश हेजलवुड भारत के खिलाफ ऑस्ट्रेलियाई आक्रमण का प्रतिनिधित्व करेंगे। हेजलवुड ने अपने करियर में मात्र 13 वनडे मैच खेले हैं जिनमें उनको 19 सफलताएं मिली हैं। बात करें भारत के खिलाफ गेंदबाजी की तो भारतीय टीम के खिलाफ खेले 2 मैचों में सिर्फ एक सफलता हासिल हुई है। लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उनकी सफलता को देखते हुए वो भारतीय बल्लेबाजों के लिए मुश्किल खड़ी कर सकते हैं। लेकिन अभी तक मिशेल स्टार्क और मिशेल जॉनसन के साथ गेंदबाजी करने वाले हेजलवुड को ऑस्ट्रेलियाई आक्रमण की जिम्मेदारी अकेले संभालनी पड़ेगी। इस वजह से उन पर दबाव भी होगा और भारतीय बल्लेबाज इसी दबाव का फायदा उठाना चाहेंगे। ALSO READ: क्या ऑस्ट्रेलिया दौरे पर धूम मचाएगी भारतीय बल्लेबाजी?

2.जेम्स फॉकनर:

जेम्स फॉकनर ऑस्ट्रेलिया के लिए एक तेज गेंदबाज की बजाए एक ऑलराउंडर की भूमिका निभाते हैं © Getty Images
जेम्स फॉकनर ऑस्ट्रेलिया के लिए एक तेज गेंदबाज की बजाए एक ऑलराउंडर की भूमिका निभाते हैं © Getty Images

मौजूदा ऑस्ट्रेलिया तेज गेंदबाजी आक्रमण की बात करें तो जेम्स फॉकनर को भारतीय टीम के खिलाफ गेंदबाजी का सबसे ज्यादा अनुभव है। फॉकनर ने भारत के खिलाफ कुल 9 मैच खेले हैं जिनमें उन्होने 11 विकेट हासिल किए हैं। भारत के खिलाफ उनका गेंदबाजी औसत 40 से भी ज्यादा है तो उन्होने लगभग 7 रन प्रति ओवर से रन लुटाए हैं। तो जाहिर सी बात है कि फॉकनर को लेकर भारतीय बल्लेबाजी चिंतित तो नहीं होगी। हां फॉकनर अपनी बैकहैंड स्लोअर से भारतीय बल्लेबाजों को थोड़ा परेशान जरूर कर सकते हैं।

3.केन रिचर्डसन:

केन रिचर्डसन भारत के खिलाफ एक भी वनडे नहीं खेले हैं © Getty Images
केन रिचर्डसन भारत के खिलाफ एक भी वनडे नहीं खेले हैं © Getty Images

एडिलेड स्ट्राइकर्स के लिए खेलने वाले दाएं हाथ के तेज गेंदबाज केन रिचर्डसन भारत के खिलाफ वनडे सीरीज में ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजी का हिस्सा हैं। केन रिचर्डसन के पास कुल 8 वनडे मैचों का अनुभव है। इन 8 मैचों में रिचर्डसन ने 8 विकेट हासिल किए हैं। भारतीय टीम के विरूद्ध उनको गेंदबाजी करने का मौका नहीं मिला है। इस दौरे पर अपने मुख्य गेंदबाजों की कमी झेल रही ऑस्ट्रेलियाई टीम को उनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद कर रही है। तो जाहिर सी बात है कि रिचर्डसन पर अच्छी गेंदबाजी का दबाव होगा।

4.स्कॉट बोलेंड:
स्कॉट बोलेंड ऑस्ट्रेलियाई टीम में शामिल किए गए दो नए तेज गेंदबाजों में एक हैं। घरेलू क्रिकेट में अच्छे प्रदर्शन का ईनाम टीम में चयन के रूप में मिला है। बोलेंड ने घरेलू फर्स्ट क्लास के 27 मैचों में 30 की औसत से 72 विकेट चटकाए हैं। लेकिन अंतराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव ना होना उनके लिए नुकसानदेह हो सकता है। ALSO READ: ऑस्ट्रेलियाई सरज़मीं पर आठ साल बाद वनडे श्रृंखला जीतने को बेताब टीम इंडिया

5.जोएल पेरिस:
पर्थ स्कॉचर्स के लिए खेलने वाले बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जोएल पेरिस को भारत के खिलाफ वनडे सीरीज में चुना गया है। जोएल पेरिस अंतराष्ट्रीय क्रिकेट का कोई अनुभव नहीं है बल्कि उनके पास सिर्फ 2 फर्स्ट क्लास और 13 लिस्ट ए मैचों का अनुभव है। ऐसे में ऑस्ट्रेलियाई टीम में उनका चयन चौंकाने वाला है।

भारत के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया टीम में शामिल किए गए इन गेंदबाजों में किसी के पास भी 50 वनडे का भी अनुभव नहीं है। ऐसे में भारतीय टीम के खिलाफ ये अनुभवहीन तेज गेंदबाज कितना असर दिखाएंगे ये तो आने वाला वक्त बताएगा। लेकिन इतना जरूर है कि भारतीय टीम के पास ऑस्ट्रेलियाई सरजमी पर 2008 के बाद वनडे सीरीज जीतने का इससे बेहतर मौका नहीं मिलने वाला है। ALSO READ: ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर इन 5 भारतीय बल्लेबाजों पर रहेगी नजर