women team india should not worry about pink ball test but focus on limited over series says wv raman
हरमनप्रीत कौर के साथ WV रमन @Instagram

भारतीय महिला क्रिकेट टीम इस साल ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पिंक बॉल टेस्ट में अपना डेब्यू करेगी. पहले डे-नाइट टेस्ट से पहले टीम इंडिया के पास गुलाबी गेंद से खेलने का कोई अनुभव नहीं है. लेकिन भारतीय टीम के पूर्व कोच डब्ल्यूवी रमन (WV Raman) ने कहा कि टीम को इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है और अब गुलाबी गेंद से जमकर अभ्यास करना चाहिए. इसी के साथ ही उन्होंने कहा कि भारत को वहां एकमात्र टेस्ट के अलावा 3 टी20i और 3 वनडे मैचों की सीरीज भी खेलने है ऐसे में उसे सीमित ओवरों की क्रिकेट पर भी ध्यान देना चाहिए.

भारत पूरी सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया का दौरा करेगा, जिसमें एक टेस्ट, तीन वनडे और तीन टी20 मैच शामिल होंगे. वाका ग्राउंड में टेस्ट 30 सितंबर से 3 अक्टूबर के बीच पिंक बॉल टेस्ट खेला जाएगा और इससे पहले सीमित ओवरों की सीरीज खेली जानी है. क्रिकइन्फो ने रमन के हवाले से लिखा, ‘अभ्यास मैच खेलना अब थोड़ा अव्यावहारिक लगता है इसलिए, सबसे अच्छा विकल्प यह होगा कि आप जितना हो सके गुलाबी गेंद से खेलने की कोशिश करें और इसके साथ अभ्यास करें और देखें कि गेंदबाजों को क्या करने की जरूरत है. इसे अपनी आदत में शामिल करने की जरूरत है.’

भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज ने कहा, ‘बल्लेबाजों के लिए भी ऐसा ही है. उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि वे गुलाबी गेंद से जो भी आशंकाएं और चिंताएं हैं, उन्हें दूर करें. रमन ने कहा कि भारत को टेस्ट मैच हारने के बारे में ज्यादा चिंतित नहीं होना चाहिए क्योंकि अभ्यास की कमी के कारण उनकी इस गलती को माफ कर दिया जाएगा.

लेकिन सीमित ओवरों की सीरीज के साथ ऐसा नहीं होगा क्योंकि हाल के दिनों मे टीम ने कई मैच खेले हैं. भारत अगले महीने इंग्लैंड में टेस्ट खेलेगा और इसके बाद ऑस्ट्रेलिया में डे-नाइट टेस्ट होगा. 2014 के बाद यह पहला मौका होगा, जब भारतीय टीम टेस्ट मैच खेलेगी.