क्रिकेट जगत की सबसे बड़ी चीटिंग
फोटो साभार: fireflydaily.com

क्रिकेट के खेल में खिलाड़ी जीत के लिए कई बार ऐसे कदम उठा लेते हैं जब क्रिकेट को शर्मिंदा होना पड़ता हैं। क्रिकेट में आज महेन्द्र सिंह धोनी जैसे खिलाड़ी हैं जो अंपायर द्वारा आउट दिए गए बेल को विकेट पर बुला लेते हैं क्योंकि वो आउट नहीं थे लेकिन इसी क्रिकेट में ऐसे बहुत से खिलाड़ी रहे हैं जिन्होने बल्लेबाज को आउट करने के लिए बेइमानी का सहारा लिया। तो आइए जानते हैं ऐसे ही वाकयों के बारे में जब बल्लेबाज के नॉट आउट होने के बाद भी फिल्डिंग करने वाले खिलाड़ी ने बेइमानी कर उसे आउट कराया।

हालिया वाकये की बात करें तो श्रीलंकाई बल्लेबाज थिरिमाने को कैच आउट करने के लिए पाकिस्तानी खिलाड़ी अहमद शहजाद ने बेइमानी का सहारा लिया, जबकि रिप्ले में साफ दिख रहा था कि गेंद जमीन पर गिर गई थी।

ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव वॉ और भारतीय कप्तान सौरव गांगुली क्रिकेट जगत के जाना माने खिलाड़ी रह चुके हैं, लेकिन मैदान पर इन खिलाड़ियों ने भी चीटिंग की है। गांगुली ने एडम गिलक्रिस्ट को आउट करने के लिए पहले तो झूठी अपील की और उसके बाद कैच सही ढंग से नहीं पकड़ने के बाद भी उन्होने कैच की अपील की और जबकि रिप्ले में साफ गेंद उनके हाथ में जाने से पहले जमीन पर टकरा चुकी है। [इसे भी पढ़ें-]

स्टीव वॉ ने भी इसी तरह भारतीय बल्लेबाज श्रीकांत को आउट करने के लिए बेइमानी का सहारा लिया। जबकि उनको पता था कि उन्होने कैच ठीक ढंग से नहीं लिया।

चीटिंग करने में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों का कोई सानी नहीं है। साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेले गए एक मैच के दौरान नॉन स्ट्राइकर पर खड़े शेन वार्न ने रन आउट से बचने के लिए बल्ले से गेंद को दूसरी तरह मार दिया। अगर वो ऐसा नहीं करते तो उनका रन आउट होना तय था।

माइकल बेवन अगर विकेट पर टिक जाए तो उनको आउट करना लगभग नामुमकिन था। वेस्टइंडीज के गेंदबाज हार्पर ने उनको आउट करने के लिए बेइमानी का सहारा लिया। जबकि गेंद उनके हाथ से छूट कर जमीन पर टकरा चुकी थी, इसके बावजूद उन्होने कैच की अपील की।

ऐसा नहीं है कि मैदान पर सिर्फ खिलाड़ी ही ऐसा करते हैं कई बार मैदानी अंपायर भी ऐसी गलतियां कर देते हैं जिनपर यकीन करना मुश्किल हो जाता है।