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क्या एक दशक पहले विराट कर पाते आमिर की तारीफ?

भारत-पाक मुकाबलों में खिलाड़ियों के बीच गरमागरमी अक्सर देखने को मिलती थी लेकिन विराट ने मैदान पर आमिर की तरफ कर दोनों देशों के क्रिकेट संबंधों को नया मोड़ दिया है

user-circle cricketcountry.com Written by Jay Jaiswal
Last Published on - February 28, 2016 12:00 PM IST

विराट ने बल्लेबाजी के दौरान ही  आमिर को उनकी शानदार गेंदबाजी के लिए बधाई दी © AFP
विराट ने बल्लेबाजी के दौरान ही आमिर को उनकी शानदार गेंदबाजी के लिए बधाई दी © AFP

शनिवार को एशिया कप में भारत-पाक मुकाबले में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हरा दिया। भारत की ओर से विराट कोहली ने मैच जिताऊ पारी खेली तो मैच फिक्सिंग के दोषी रहे मोहम्मद आमिर ने पाकिस्तान को जीत दिलाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। मैच से पहले आमिर की वापसी पर खुशी जताने वाले विराट ने बल्लेबाजी के दौरान मैदान पर ही आमिर की तेज गेंदबाजी की तारीफ की। मोहम्मद आमिर इस तारीफ के पूरे हकदार भी रहे। विराट का ये कदम भारत-पाक खिलाड़ियों के संबंधों की नई झलक दिखाता है। यही विराट कोहली अगर दो दशक पहले भारतीय टीम के लिए खेल रहे होते तो प्रतिद्वंदी पाकिस्तान के गेंदबाज की तारीफ शायद ना कर पाते। ALSO READ: भारत को पहला टी20 विश्व कप दिलाने वाला गेंदबाज: जोगिंदर शर्मा

भारत-पाकिस्तान के मुकाबलों में खिलाड़ियों के बीच टकराव तो अक्सर देखने को मिला है, लेकिन विराट ने आमिर की तारीफ कर ये साबित किया कि वो सिर्फ विपक्षी टीम से उलझना ही नहीं जानते बल्कि अच्छा प्रदर्शन करने वाले की तारीफ करना भी जानते हैं। लेकिन सोचिये क्या यही कदम विराट दो दशक पहले उठा पाते। उस समय खिलाड़ी मैदान के बाहर चाहे जितने अच्छे संबंध रखते हो मैदान के भीतर एक दूसरे के जानी दुश्मन हुआ करते थे। भारत-पाक मुकाबलों के इतिहास को देखें तो आपको बहुत से मौके मिल जाएंगे। जिनमें दोनों देशों के खिलाड़ियों का मामला स्लेजिंग से आगे बढ़ बदजुबानी तक पहुंचा हो। ALSO READ: क्या करेगी भारतीय टीम अगर जसप्रीत बुमराह या आशीष नेहरा चोटिल हो गए?

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शाहिद अफरीदी- गौतम गंभीर हो या जावेद मियांदाद- किरन मोरे भारत पाक मैच में गरमागरमी ना हो ऐसा मुमकिन नहीं था। यहां तक कि मिस्टर कूल राहुल द्रविड़ जैसे बल्लेबाज भी शोएब अख्तर से उलझ बैठते थे। ये भारत-पाक मैचों में आम बात थी। लेकिन विराट का मैच के दौरान पाकिस्तानी गेंदबाज की तारीफ करना भारत-पाक के नये जमाने के क्रिकेटिंग संबंधों को दिखाता है। उम्मीद है कि ये सिलसिला आगे भी बढ़ेगा और दोनों देशों के मुकाबलों को क्रिकेट मैच की तरह ही देखा जाएगा ना कि युद्ध की तरह।