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साल 2016 के पांच सबसे सफल टेस्ट कप्तान

भारतीय टेस्ट कप्तान विराट कोहली ने साल 2016 में एक भी मैच नहीं हारा है

केन विलियमसन, विराट कोहली और स्टीवन स्मिथ © Getty Images
केन विलियमसन, विराट कोहली और स्टीवन स्मिथ © Getty Images

दुनियाभर में साल 2016 की विदाई की तैयारियां हो रहीं हैं और नए साल के स्वागत के लिए सभी लोग बाहें फैलाए खड़े हैं। अगर साल 2016 की क्रिकेट के लिहाज से बात करें तो यह साल क्रिकेट प्रेमियों के लिए भी बहुत रोमांचक और यादगार रहा। इस साल टेस्ट रैंकिंग में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली और पहले पायदान के लिए रोमांचक टक्कर देखने को मिली। इस साल पहले पाकिस्तान ने मिस्बाह उल-हक की कप्तानी में पहले पायदान पर कब्जा किया तो फिर भारत ने विराट कोहली की कप्तानी में। साफ है टीम के प्रदर्शन पर कप्तान का बहुत बड़ा योगदान होता है। तो आइए आपको बताते हैं साल 2016 के पांच सबसे सफल कप्तानों के बारे में।

5. एलिस्टेयर कुक, इंग्लैड: हाल ही में अपने टेस्ट करियर के 11,000 रन पूरे करने वाले एलिस्टेयर कुक के लिए बतौर कप्तान साल 2016 कुछ खास नहीं रहा। साल के शुरुआत में तो कुक के चेहरे पर खुशी देखी जा सकती थी लेकिन साल अंत तक वो खुशी गम में बदलती नजर आई। साल के शुरुआत में इंग्लैंड ने दक्षिण अफ्रीका को उसी की धर्ती पर चार मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-1 से हरा दिया।

वहीं इसके बाद अपनी मेजबानी में इंग्लैंड को भी 3 मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-0 से करारी शिकस्त दी। कुक की कप्तानी में अब तक सब कुछ ठीक चल रहा था। इंग्लैंड की मेजबानी में खेलने के लिए मिस्बाह की पाक टीम बुलंद हौसलों के साथ इंग्लैंड गई। सीरीज काफी रोमांचक रही और पाकिस्तान की टीम ने सीरीज को 2-2 से बराबर कर दिया। कुक के लिए ये किसी सदमे से कम नहीं था। इसके बाद इंग्लैंड की टीम बांग्लादेश दौरे पर गई। दौरे पर इंग्लैंड को दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी थी। दोनों ही मुकाबलों में इंग्लैंड संघर्ष करता नजर आया। पहले मैच को मुश्किल तरीके से जीतने के बाद इंग्लैंड की टीम दूसरे मैच को हार गई। बांग्लादेश जैसा कमजोर टीम से हारने पर इंग्लैंड की किरकिरी हो गई। ये भी पढ़ें: महेंद्र सिंह धोनी और मेरे संबंध पिता-पुत्र जैसे- मोहम्मद शमी

यहीं से शुरू हुआ कप्तान कुक के अर्श से फर्श का दौर। भारत दौरे पर कुक को मुह की खानी पड़ी और पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड को 4-0 से हार का सामना करना पड़ा। दौरे के बाद कुक की कप्तानी पर सवाल खड़े किए जाने लगे। साल 2016 में कुक की कप्तानी में इंग्लैंड ने कुल 17 मैच खेले, जिनमें इंग्लैंड को 6 में जीत तो 8 मैचों में हार का मुंह देखना पड़ा। वहीं 3 मैच बराबरी पर समाप्त हुए। कुक की जीत का प्रतिशत 35.29 का रहा तो हार का प्रतिशत 47.05 का रहा।

4. स्टीवन स्मिथ, ऑस्ट्रेलिया: स्टीवन स्मिथ के लिए भी साल 2016 की शुरुआत काफी अच्छी रही और ऑस्ट्रेलिया ने अपनी मेजबानी में खेली गई तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में वेस्टइंडीज को एकतरफा अंदाज में 2-0 से हरा दिया। स्मिथ की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया ने गजब की शुरुआत की थी। वेस्टइंडीज के बाद ऑस्ट्रेलिया की टीम न्यूजीलैंड गई और वहां भी स्मिथ की कप्तानी में टीम ने 2-0 से सीरीज अपने नाम की।

लेकिन इसके बाद ऑस्ट्रेलिया श्रीलंका की मेजबानी में तीन टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने आई। श्रीलंका ने ऑस्ट्रेलिया को चारों खाने चित करते हुए उनकी एक नहीं चलने दी और तीनों ही मैच अपने नाम करते हुए ऑस्ट्रेलिया का सूपड़ा साफ कर दिया। इस हार से स्मिथ काफी हताश हुए और आलोचकों के निशाने पर आ गए। स्मिथ का खराब दौर जारी रहा और दक्षिण अफ्रीका की टीम ऑस्ट्रेलिया दौरे पर आई जहां उसे 3 मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी थी। दौरे पर दक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को 2-1 से हराकर उन्हीं की धर्ती पर हराकर इतिहास रच दिया। स्मिथ अब सबके रडार पर आ चुके थे। इसके बाद स्मिथ की क्तानी में टीम ने पहले टेस्ट में पाकिस्तान को पहले मैच में हरा दिया है। साल 2016 में स्मिथ की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया ने कुल 10 मैच खेले, इस दौरान ऑस्ट्रेलिया ने 4 मैचों में जीत दर्ज की तो वहीं 5 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इस दौरान 3 मैच ड्रॉ रहे। स्मिथ की जीत का प्रतिशत 40 का रहा तो हार का प्रतिशत 50 का रहा।

3. मिस्बाह उल हक, पाकिस्तान: अपनी कप्तानी में पाकिस्तान को आईसीसी रैंकिंग में नंबर एक बनाने वाले मिस्बाह उल हक के लिए साल 2016 मिला-जुला रहा। साल 2016 में पाकिस्तान इंग्लैंड के दौरे पर गई। इंग्लैंड दौरे पर टीम को चार मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी थी। मिस्बाह की कप्तनी में टीम ने शानदार खेल दिखाया और इंग्लैंड को 2-2 की बराबरी पर रोक दिया। सफलता से लबरेज पाक टीम के पुश-अप्स विवादों का केंद्र रहे। इसके बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में पाकिस्तान ने वेस्टइंडीज को 2-1 से हराकर सीरीज अपने नाम कर ली। मिस्बाह की कप्तानी में पाकिस्तान की टीम शानदार खेल दिखा रही थी।

हालांकि पाकिस्तान के विजय रथ पर सेंध तब लग गई जब टीम न्यूजीलैंड दौरे पर गई। न्यूजीलैंड दोरे पर टीम को करारी हार का सामना करना पड़ा और मिस्बाह की कप्तानी में टीम को साल 2016 की पहली हार का भी सामना करना पड़ा। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी टीम को पहले मैच में हार का सामना करना पड़ा। साल 2016 में मिस्बाह की कप्तानी में पाकिस्तान ने कुल 9 मैच खेले। इस दौरान पाक को 4 मैचों में जीत, तो 5 मैचों में हार का सामना करना पड़ा। वहीं एक मैच ड्रा रहा। मिस्बाह की जीत का प्रतिशत 44.44 फीसदी रहा तो हार का प्रतिशत 55.55 फीसदी रहा। रणजी ट्रॉफी क्वार्टरफाइनल मैच के तीसरे दिन के लाइव ब्लॉग को पढ़ने के लिए क्लिक करें

2. केन विलियमसन, न्यूजीलैंड: ब्रेंडन मैकलम के संन्यास लेने के बाद कीवी टीम की कमान संभालने वाले केन विलियमसन के लिए साल 2016 मिला-जुला रहा। जिम्बाब्वे दौरे पर टीम ने धमाकेदार खेल दिखाते हुए जिम्बाब्वे को दोनों मैचों में बड़े अंतर से हराते हुए सीरीज को 2-0 से अपने नाम किया और जिम्बाब्वे का सूपड़ा साफ कर दिया। वहीं जिम्बाब्वे के बाद दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर टीम को दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 से हार का मुंह देखना पड़ा। लेकिन दक्षिण अफ्रीका के बाद भारत दौरा कीवी टीम के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा और टीम को तीन मैचों की सीरीज में 3-0 से करारी हार का सामना करना पड़ा। विलियमसन के लिए ये दौरा बेहद ही निराशाजनक रहा।

वहीं भारत दौरे के बाद टीम ने अपनी मेजबानी में पाकिस्तान को सीरीज में पटखनी दे दी और हार से उबरते हुए पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी। साल 2016 में विलियमसन की कप्तानी में टीम ने 8 मैच खेले। इस दौरान टीम को चार में जीत, 3 में हार और एक मैच में ड्रॉ का सामना करना पड़ा।

1. विराट कोहली, भारत: विराट कोहली के लिए साल 2016 को अगर स्वर्णिम साल कहा जाए तो कुछ गलत नहीं होगा। कोहली की कप्तानी में टीम ने पहले वेस्टइंडीज को उन्हीं की धर्ती पर चार मैचों की सीरीज में पटखनी दी। इसके बाद टीम ने न्यूजीलैंड को तीन मैचों की सीरीज में करारी मात देते हुए उनका सूपड़ा साफ कर दिया। न्यूजीलैंड के बाद टीम के सामने इंग्लैंड की चुनौती थी। लेकिन कोहली की बेहतरीन रणनीति के सामने टीम ने इंग्लैंड को भी 4-0 से हराकर साल 2016 में लगातर तीन सीरीज अपने नाम की और एक भी मैच में हार का मुंह नहीं देखा।

कोहली की कप्तानी में जीत के रथ पर सवार टीम इंडिया ने इस दैरान वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड को करारी मात देकर अपने पहले पायदान रो और मजबूत कर लिया। कोहली की कप्तानी में भारत ने साल 2016 में कुल 12 मैच खेले, इस दौरान टीम को 9 में जीत तो एक मैच में भी हार का सामना नहीं करना पड़ा। वहीं तीन मैच बराबरी पर समाप्त हुए। कोहली की जीत का प्रतिशत 75 फीसदी रहा।

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