Yuvraj Singh has Best all-round performance’s Records in a World Cup
Yuvraj Singh

आईसीसी विश्व कप 2011 में भारत की खिताबी जीत में अहम भूमिका अदा करने वाले युवराज सिंह ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी। युवराज ने अपने करियर के दौरान कई उपलब्धियां हासिल की । 2011 विश्व कप में बनाया उनका एक खास रिकॉर्ड आज भी अटूट है।

जनवरी 2000: युवराज सिंह ने 2000 में श्रीलंका में अंडर 19 विश्व कप में भारत के लिए शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 33.83 की औसत से 203 रन बनाए और बायें हाथ की स्पिन गेंदबाजी से भी प्रभावित किया।

अक्टूबर 2000: युवराज ने नैरोबी में कीनिया के खिलाफ वनडे मुकाबले से भारत के लिए सीनियर इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया।

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अक्टूबर 2000: अपने दूसरे वनडे मैच और पहली अंतरराष्ट्रीय पारी खेल रहे युवराज ने आईसीसी नॉकआउट टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में 80 गेंद में 84 रन बनाकर भारत को यादगार जीत दिलाई।

जुलाई 2002: युवराज ने 69 रन की पारी खेली और मोहम्मद कैफ के साथ मिलकर भारत को इंग्लैंड के खिलाफ लार्ड्स में नेटवेस्ट सीरीज के फाइनल में 325 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए दो विकेट की रोमांचक जीत दिलाई।

जनवरी 2004: युवराज ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 122 गेंद में 139 रन की पारी खेली जो उस समय उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी थी।

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फरवरी 2006: युवराज सिंह वनडे में भारत के सबसे उपयोगी और निरंतर प्रदर्शन करने वाले क्रिकेटर के रूप में उभरे। पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज में 4-1 की जीत के दौरान उन्होंने नाबाद 87 और 79 रन की पारी खेली जिससे टीम ने सीरीज जीती। उन्होंने इस सीरीज में 93 गेंद में नाबाद 107 रन भी बनाए जिससे भारत 287 रन के लक्ष्य का पीछा करने में सफल रहा।

सितंबर 2007: पहले विश्व टी20 में युवराज ने स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में छह छक्के जड़कर रिकॉर्ड बुक में नाम दर्ज कराया। उन्होंने सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी 70 रन की मैच विजेता पारी खेली जिसके बाद भारत ने एतिहासिक खिताब जीता। सबसे लंबा 119 मीटर का छक्का जड़ने का रिकॉर्ड भी उनके नाम दर्ज है।

दिसंबर 2007: युवराज को भारत की टेस्ट टीम में जगह बनाने के लिए हमेशा जूझना पड़ा लेकिन उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ बेंगलोर में 169 रन की पारी खेली जिससे भारत ने घरेलू सरजमीं पर टेस्ट सीरीज जीती।

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19 फरवरी से दो अप्रैल 2011: यह युवराज सिंह और भारतीय टीम के लिए स्वप्निल विश्व कप रहा। भारत ने 28 साल बाद दोबारा विश्व कप जीता। युवराज ने नौ मैचों में 90.50 की औसत से 362 रन बनाए जिसमें एक शतक और चार अर्धशतक शामिल रहे। उन्होंने चार मैच आफ द मैच पुरस्कार के अलावा टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भी चुना गया।

युवराज सिंह किसी एक विश्व कप में 300 से अधिक रन बनाने वाले और 15 विकेट हासिल करने वाले पहले ऑलराउंडर बने। विश्व कप के तुरंत बाद उन्हें फेफड़ों में कैंसर का पता चला लेकिन वह इससे उबरने में सफल रहे और अगले साल के अंत तक क्रिकेट के मैदान पर वापसी की।

जनवरी 2017: युवराज ने इंग्लैंड के खिलाफ कटक में 122 गेंद में 134 रन की पारी खेली जिससे भारत ने 15 रन से जीत दर्ज की।