अगर कोई खिलाड़ी क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ना चाहता है तो टेस्ट क्रिकेट ही बड़ा प्लेटफॉर्म है: Sourav Ganguly

पूर्व भारतीय कप्तान और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने टेस्ट क्रिकेट को क्रिकेट का सबसे शानदार फॉर्मेट करार दिया है. उन्होंने कहा कि जब हम अपने बचपन में क्रिकेट खेला करते थे तब भी और आज भी टेस्ट क्रिकेट ही क्रिकेट का सर्वोत्तम फॉर्मेट है. गांगुली अपने टेस्ट डेब्यू की 25वीं वर्षगांठ के मौके पर बात कर रहे थे.

सौरव गांगुली ने साल 1996 में इंग्लैंड दौरे पर लॉर्ड्स टेस्ट से अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की थी. गांगुली ने 20-24 जून के बीच खेले गए इस टेस्ट मैच में शानदार शतक जमाया था. इस मौके पर उन्होंने अपने डेब्यू टेस्ट और इसमें लगाए गए शतक के खास पलों को याद किया.

गांगुली क्रिकेट चैनल स्टार स्पोर्ट्स के एक शो में बात कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने इन पलों को याद करते हुए कहा कि जब मैंने शतक जमाया था तो यह शनिवार का दिन था और स्टेडियम दर्शकों से खचाखचा भरा हुआ था. ऐसे में टेस्ट क्रिकेट के लिए एकदम आदर्श माहौल था. बल्लेबाज के हर शॉट पर दर्शक तालियां बजा रहे थे. उन्होंने कहा कि मैं शतक बनाकर शारीरिक रूप से ज्यादा मानसिक रूप से थकान महसूस कर रहा था.

उन्होंने कहा, ‘क्योंकि यह मेरा पहला शतक था. भावनाएं और खुशियां अपने चरम पर थीं और इसके चलते मैं मानसिक तौर पर थका हुआ महसूस कर रहा था. मैं चाय के समय ड्रेसिंग रूम की ओर आ रहा था तो मेरी शतक की उपलब्धि के कारण सभी ड्रेसिंग रूम के बाहर तालियां बजाकर मेरा स्वागत कर रहे थे.’

इस मौके पर गांगुली ने टेस्ट क्रिकेट को सर्वोत्तम करार देते हुए कहा, ‘जब हम अपने बचपन में क्रिकेट खेलते थे तब भी टेस्ट क्रिकेट ही सर्वोत्तम फॉर्मेट था और आज भी है. और इसलिए ही इसे टेस्ट क्रिकेट कहा जाता है.’

48 वर्षीय गांगुली ने कहा, ‘मैं मानता हूं कि अगर कोई खिलाड़ी क्रिकेट में कामयाब होना चाहता है और इस खेल में अपनी छाप छोड़ना चाहता है, तो टेस्ट क्रिकेट ही सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म है. लोग उन खिलाड़ियों को हमेशा याद रखेंगे, जो टेस्ट क्रिकेट में अच्छा खेले और उन्होंने वहां रन बनाए. अगर आप क्रिकेट में सभी बड़े नामों को देखो- बीते 40-50 साल के सभी महान खिलाड़ियों का टेस्ट रिकॉर्ड शानदार है.’