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कपिल देव ने बताया- लाहौर टेस्ट में रन बनाकर भी कैप्टन बिशन सिंह बेदी से क्यों पड़ी थीं डांट

अपनी पहली ही सीरीज में कपिल देव को अपने कैप्टन बिशन सिंह बेदी (Bishon Singh Bedi) से जमकर डांट पड़ी थी. जानें क्यों

Edited By : India.com Staff |Nov 20, 2020, 04:12 PM IST

Published On Nov 20, 2020, 04:12 PM IST

Last UpdatedNov 20, 2020, 04:12 PM IST

दुनिया के महान ऑलराउंडर कपिल देव (Kapil Dev) ने अपने खेल से हमेशा ही सभी को प्रभावित किया है. टीम इंडिया के इस पहले वर्ल्ड कप विजेता कप्तान ने अपने दौर में विरोधियों को भी अपने खेल का मुरीद बनाया था. 9 हजार से ज्यादा इंटरनेशनल रन और 687 इंटरनेशनल (टेस्ट+वनडे) विकेट अपने नाम करने वाले इस दिग्गज ऑलराउंडर को अपनी पहली ही सीरीज में अपने कप्तान बिशन सिंह बेदी (Bishan Singh Bedi) से डांट खानी पड़ी थी. कपिल ने हाल ही इस लम्हे को याद किया.

कपिल देव ने 1978 में पाकिस्तान के खिलाफ फैसलाबाद टेस्ट में अपना टेस्ट डेब्यू किया था. उस दौर में दिग्गज स्पिनर बिशन सिंह बेदी टीम इंडिया के कप्तान थे. कपिल देव अपने करियर का दूसरा टेस्ट मैच लाहौर में खेल रहे थे, जब यहां उन्हें कैप्टन बिशन सिंह बेदी से डांट खानी पड़ी. कपिल ने हाल ही में अपने इस किस्से को बॉलिवुड अभिनेत्री के चैट शो ‘नो फिल्टर नेहा’ में याद किया. इस मौके पर उन्होंने बेदी की तारीफ भी की.

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कपिल देव ने कहा, ‘जब मैं पाकिस्तान के खिलाफ अपने करियर की पहली सीरीज खेल रहा था, तब वह मेरे कप्तान थे और वह पंजाबी थे. मुझे उस सीरीज में उनके बारे में सिर्फ दो बातें याद हैं. पहली की उन्होंने मुझे डांटा था और दूसरी वह मेरी भाषा नहीं समझ पाते थे और मैं उनकी. क्योंकि वह आधे अंग्रेज थे. वह इंग्लिश एक्सेंट में ही बात किया करते थे.’

इस पूर्व दिग्गज खिलाड़ी ने कहा, ‘बिशन पाजी से मुझे डांट ही नहीं ढेर सारा प्यार भी मिला है. मैं बता भी नहीं सकता कि वह युवा खिलाड़ियों को कितना प्यार करते थे.’

उन्होंने कहा, ‘लेकिन लाहौर टेस्ट में उन्होंने मुझे नाइट वॉचमैन के रूप में भेज दिया. वो जो लास्ट के 5 ओवर होते हैं न खेलने के लिए. उन्होंने मुझे कहा- जैसे ही हमारा मेन बल्लेबाज आउट हुआ, उन्होंने कहा कपिल को जाने दो, मैं नंबर 9 और 10 पर बल्लेबाजी करता था. तो मैंने जाकर खेला और 2 ही ओवर में मैंने नाबाद 22 रन बना दिए और मैं उस रात बहुत खुश था कि मैंने काफी सारे रन बना दिए.’

कपिल देव इस लम्हे को याद करते हुए बताते हैं कि मैं जब नाबाद पवेलियन आया तो मैं अपनी बाउंड्रीज के लिए काफी चहक रहा था. लेकिन उन्होंने पवेलियन में आते ही मुझे पकड़ लिया और पूछा, ‘ओए पहलवान, तेरेको (तुझे) नाइट वॉचमैन का मतलब पता है?’ यह सुनकर कपिल ने सोचा कि पता नहीं वह उनकी तारीफ कर रहे हैं या डांट लगा रहे हैं. मैंने यह कहा, ‘हांजी पाजी, येस पाजी.’

उन्होंने कहा, ‘तब आवाज ही नहीं निकलती थी. मैंने कहा पाजी वो मेरे इधर बॉल दिए जा रहे थे तो मैं मारे जा रहा था, मेरको (मुझे) आता ही नहीं रोकना. तो उन्होंने कहा, ‘ नाइट वॉचमैन का मतलब समझो पहले.”

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