137 out of 140 candidates fail BCCI umpires exam read questions
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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने हाल ही में लेवल-2 अंपायर्स योग्यता की परीक्षा ली। यह परीक्षा महिलाओं और जूनियर मैचों में अंपायरिंग के लिए थी। इसमें 140 उम्मीदवार आए और इसमें से 137 फेल हो गए। 200 में से कट-ऑफ लिस्ट के लिए 90 अंक थे। 200 में से 100 लिखित परीक्षा, 35 वाइवा और वीडियो व 30 अंक फिजिकल के थे। अंपायर्स को कई सवालों के जवाब भी नहीं पता थे।

आइए देखते हैं कुछ सवाल

अंपायर ने नोटिस किया कि जब गेंदबाज बोलिंग कर रहा है तब उसकी ट्राउजर से फंसे तौलिये से बेल्स गिर गई है। क्या इसमें अंपायर कुछ कर सकता है?

उत्तर- अंपायर को इस परिस्थिति में नो-बॉल देनी चाहिए

आप इस बात से पूरी तरह संतुष्ट हैं कि खिलाड़ी को असल में बोलिंग हैंड में चोट लगी है और टेप हटाने से खून निकल सकता है। क्या आप फिर भी उसे गेंदबाजी करते समय टेप हटाने के लिए कहेंगे?

उत्तर- जी, गेंदबाज को बोलिंग करने से पहले टेप हटानी ही होगी।

(ऐसा पहले की परिस्थितियों में होता था, अब अगर मैदान पर खेलते हुए चोट लगी है और टेप हटान से खून निकल सकता है तो अंपायर इसकी इजाजत दे सकते हैं।)

अगर पविलियन, पेड़ या फील्डर की परछाई पिच पर पड़ने लग जाए और बल्लेबाज इसकी शिकायत करे, तो अंपायर को क्या करना चाहिए?

उत्तर- पविलियन या पेड़ की परछाई से कोई फर्क नहीं पड़ता।

फील्डर की परछाई पड़ रही हो तो उसे कहा जाता है कि जब बल्लेबाज गेंद खेल रहा हो तो वह स्थिर रहे। अगर वह हिलता है तो उसे डेड बॉल करार दिया जाता है।

किस कॉल के लिए अंपायर को कोई सिगनल नहीं करना पड़ता?

उत्तर: प्ले

टाइम

ओवर

नॉट आउट

स्पिनर ने एक गेंद फेंकी और बल्लेबाज ने आगे बढ़कर गेंद को खेलना चाहा लेकिन वह मिस कर गया। सिली पॉइंट फील्डर ने हाथ बढ़ाकर गेंद को पकड़ा और विकेट बिखेर दीं तो क्या बल्लेबाज आउट होगा?

उत्तर- नॉ आउट

और चूंकि फील्डर ने गेंद छू दी है तो अंपायर को इसे नो बॉल और डेड बॉल करार देना चाहिए।