विश्व कप विजेता टीम के इस खिलाड़ी को ब्रिटेन ने किया देश से बाहर
वेस्टइंडीज टीम ने 1979 में लगातार दूसरा विश्व कप खिताब जीता था।
Published On Jul 17, 2018, 01:05 PM IST
Last UpdatedJul 17, 2018, 01:05 PM IST
1979 world cup winner west indies team © Getty Images
इंग्लैड में 44 साल तक क्रिकेट खेलने के बाद विश्व कप विजेता वेस्टइंडीज टीम का हिस्सा रहे कॉलिस किंग को वीसा मामले के चलते ब्रिटेन से वापस भेज दिया गया है। फिलहाल अपने परिवार से दूर बारबाडोस में फंसे किंग का कहना है कि उनके साथ अपराधियों जैसा बर्ताव किया जा रहा है।
किंग ने टेलीग्राफ स्पोर्ट्स को दिए इंटरव्यू में कहा, “मुझे ऐसा महसूस हो रहा है जैसे कि मुझे किसी अपराधी की तरह देखा जा रहा है। इस घटना ने वास्तव में मुझे हिलाकर रख दिया है कि वहां इतना समय बिताने के बाद भी मैं वहां रुक नहीं सकता।” किंग यॉर्कशायर में डनिंगटन के लिए लीग क्रिकेट खेलने के लिए भी इंग्लैंड नहीं लौट पा रहे हैं। 67 साल का खिलाड़ी इस उम्र में अभी भी बल्लेबाजी करता है, साथ ही किंग वहां को लोकल एरिया कोचिंग के लिए भी समय निकालते हैं।
क्या है मामला
किंग ने ब्रिटेन की एक महिला के साथ शादी करने के बाद स्पाउज़ल वीजा के लिए आवेदन किया था। दरअसल उन्होंने विजिटर वीसा पर ब्रिटेन में अपने समय के दौरान स्पाउज़ल वीसा के लिए आवेदन किया था। इसी वजह से उनका आवेदन रद्द कर दिया गया और उनसे अपने देश से आवेदन करने के लिए कहा गया। उन्हें यूके छोड़ने के लिए 14 दिन का वक्त दिया गया था।
इसके बाद किंग बारबाडोस लौट आए और आवेदन की प्रक्रिया फिर से शुरू की। इस बात को तीन महीने हो चुके हैं औ किंग अब भी इंतजार कर रहे हैं। उनसे कहा गया था कि प्रक्रिया में कुछ समय लगेगा लेकिन किंग के साथी खिलाड़ी हार्टले एलीन को अपने मामले के सुलझने के लिए तीन साल का इंतजार करना पड़ा था। वहीं इस तरह के कुछ मामले तो सालों से चल रहे हैं।
ब्रिटेन को अपने दूसरे घर की तरह मानने वाले किंग ने भावुक होकर कहा, “मैं जन्म से ब्रिटिश नागरिक नहीं हूं लेकिन मैं वहां इतने लंबे समय रहा हूं कि खुद को इंग्लिश देश का हिस्सा कह सकूं। आप अगर किसी देश को पसंद नहीं करते हैं तो वहां बार बार नहीं जाते हैं। मैं लगातार आता-जाता रहा हूं और इस देश से प्यार करता हूं, यही दुख की बात है। मैने पूर्व साथी खिलाड़ियों डेसमंड हेनेस और वेस हॉल से इस बारे में बात की है। जब मैं लोगों को बताता हूं कि मेरे साथ क्या हो रहा है तो वो कहते हैं कि ‘ये सही नहीं हो सकता है’ लेकिन ऐसा ही है क्योंकि मैं यहां बारबाडोस में फंसा हूं और मुझे नहीं पता कि ये सब कब खत्म होगा।”