AB de Villiers says pressure of international cricket was unbearable at times
AB-de-Villiers © Getty Images

विश्‍व क्रिकेट में मिस्‍टर ‘360’ के नाम से पॉपुलर दक्षिण अफ्रीका के सदाबहार खिलाड़ी एबी डिविलियर्स का कहना है कि वो इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्‍यास लेने के बाद राहत महसूस कर रहे हैं। डिविलियर्स का कहना है कि इंटरनेशनल क्रिकेट में कभी-कभी दबाव असहनीय हो जाता था।

Challenger Trophy: Deepti sharma inning Overshadow Mithali Raj fifty
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मई में संन्यास लेकर सभी को हैरान करने वाले डिविलियर्स ने कहा कि उन्हें खेल की कमी नहीं खेल रही और वह संन्यास के बाद के जीवन का लुत्फ उठा रहे हैं।

डिविलियर्स ने ‘इंडिपेंडेंट’ समाचार पत्र से कहा, ‘कभी-कभी यह असहनीय हो जाता था। आपको जिस तरह के दबाव का सामना करना पड़ता था, लगातार प्रदर्शन करना होता था। आप खुद, प्रशंसक, देश और कोच आपके ऊपर दबाव बनाते हैं। यह काफी अधिक होता है और एक क्रिकेटर के रूप में यह हमेशा आपके दिमाग में होता है।’

डिविलियर्स हालांकि अपनी आईपीएल टीम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की ओर से खेलना जारी रखेंगे।

उन्होंने कहा, ‘ मुझे पता है कि बड़े मैच में शतक जड़ने के अहसास की तुलना किसी चीज से नहीं जी जा सकती। हजारों लोग आपके नाम के नारे लगा रहे होते हैं। लेकिन ईमानदारी से कहूं तो निश्चित तौर पर मुझे इसकी कमी नहीं खलेगी। अब तक तो नहीं। खेल से हटकर मैं काफी खुश हूं। कोई मलाल नहीं।’

यह पूछने पर कि क्या इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास के बाद वह कुछ राहत महसूस कर रहे हैं तो डिविलियर्स ने कहा, ‘बेहद। हां। मुझे पता है कि सही जवाब संभवत: यह होता कि मुझे हमेशा खेल की कमी महसूस होगी।’

114 टेस्ट में 22 शतक की मदद से 50 .66 की औसत से 8765 रन बनाने वाले डिविलियर्स ने कहा, ‘ लेकिन मेरा मानना है कि खिलाड़ी जो यह कहते हैं कि वे इंटरनेशनल क्रिकेट का दबाव महसूस नहीं करते, लगातार महीनों तक घर से दूर रहना, वे सभी से और खुद से झूठ बोल रहे हैं।’